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अरब-भारत सहयोग फोरम की बैठक

अरब-भारत सहयोग मंच के वरिष्ठ अधिकारियों की तीसरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सम्पन्न हुई। विदेश मंत्रालय में (महापौर, पासपोर्ट और वीजा तथा प्रवासी भारतीय मामलों) के सचिव, संजय भट्टाचार्य और सहायक विदेश मंत्री एवं अरब देशों की लीग के साथ मिस्र के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत मोहम्मद अबू अल-ख़ैर ने बैठक की सह-अध्यक्षता की थी जिसमें अरब देशो और भारत के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अरब लीग के महासचिवों की भागीदारी रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने अरब और भारत के बीच मौजूद ऐतिहासिक और सभ्यतागत सम्बंधों को याद किया और दोनों पक्षों को एक सूत्र में पिरोने वाले वाणिज्यिक और सांस्कृतिक सम्बंधों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने अरब देशो औरभारत के सहयोग के लिए मजबूत नींव, महान क्षमता और व्यापक संभावना की सराहना की, अरब-भारत के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए मंच की भूमिका की जिम्मेदारी का इसमें अहम स्थान है। वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की और दोनों पक्षों के बीच सहयोग और समन्वय तंत्र को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया जो एक तरह स...

भारत विश्व के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू करने को तैयार

विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण में, भारत कोरोनावायरस के विरुद्ध अपनी 1॰3 बिलियन आबादी को टीके लगाने की शुरुआत 16 जनवरी से करेगा| इस चुनौतीपूर्ण तथा जटिल कार्य के पहले चरण में 30 मिलियन अगली धार में काम करने वाले लोगों तथा स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा| इसके बाद 50 वर्ष से अधिक उम्र के 270 मिलियन लोगों तथा सहरुग्णता वाले या संक्रमित होने के उच्च जोखिम वर्ग के 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा| जुलाई महीने तक 300 मिलियन लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो अमरीका की लगभग पूरी आबादी के बराबर है| यह टीकाकरण एक अभूतपूर्व स्तर का होगा| विकसित करने, विनिर्माण करने से लेकर एक मुख्य आपूर्तिकर्ता बनने में भारत इस वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रम में अपने दो “मेड इन इंडिया” टीके-कोवैक्सीन तथा कोविशील्ड के साथ एक निर्णायक भूमिका निभाएगा| कोवैक्सीन, कोविड-19 के विरुद्ध भारत का पहला स्वदेशी टीका है, जिसका निर्माण हैदराबाद स्थित फ़ार्मा कंपनी, भारत बायोटेक ने किया है| दूसरे टीके कोविशील्ड को ऑक्सफ़ोर्ड तथा एस्ट्राज़ेनेका ने संयुक्त रूप से विकसित किया है और इस टीके का निर्माण पुणे...

आत्मनिर्भर भारत में प्रवासियों की भूमिका

भारत के विदेश मंत्री, डॉ॰ एस॰ जयशंकर ने 16वें प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के दौरान “आत्मनिर्भर भारत में डायसपोरा की भूमिका” पर आयोजित एक सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया| डॉ॰ जयशंकर ने कहा कि आत्मनिर्भर दृष्टिकोण का वैश्विक तात्पर्य विषयवस्तु का मुख्य आकर्षण रहा| यह प्रवासियों के लिए सशक्त संपर्कों के लिए नए द्वार खोलने में सहायता भी करता है| विदेश मामलों के मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय क्षमताओं को निर्मित करना है, ताकि हम वैश्विक स्तर पर एक बड़ा योगदान कर सकें| हालांकि, यह एक प्रशंसनीय लक्ष्य था| लेकिन कोविड-19 महामारी के अनुभव ने अधिक विश्वसनीय, लचीले, भरोसेमंद तथा अधिक आपूर्ति शृंखलाओं की आवश्यकता को देश में पहुंचाया है| इस प्रयास में डायसपोरा को सम्मिलित करना स्वाभाविक है| भारतीय डायसपोरा राष्ट्र निर्माण के लिए सदा ही उत्साही योगदानकर्ता रहा है| दूसरे, अपने समाजों के उच्च विजेता के रूप में, वे अपने काम के लिए संसाधनों, प्रौद्योगिकी, श्रेष्ठ अभ्यासों तथा नवाचार को लाना सहन कर सकते हैं| तीसरे, वे एक वास्तविक वैश्विक पहचान के लिए इस महत्वकांक्ष...

16वां प्रवासी भारतीय दिवस

प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने 16वें प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर उदघाटन सम्बोधन वर्चुअल माध्यम से किया| प्रधानमंत्री ने नए साल 2021 के अवसर पर सभी को शुभकामनायें दीं| श्री मोदी ने कहा की आज विश्व के कोने-कोने में बसा भारतीय डायसपोरा इन्टरनेट से जुड़ा हो सकता है, लेकिन हम सभी एक दूसरे के प्रति और मदर भारती से स्नेह के साथ जुड़े हुए हैं| उन्होंने कहा कि विश्व भर में मदर भारती के गौरव को बढ़ाने वाले सभी सहयोगियों को प्रत्येक वर्ष “प्रवासी भारतीय सम्मान” के साथ सम्मानित करने की एक परंपरा है| इस यात्रा की शुरुआत के बाद 60 से अधिक अलग-अलग देशों में बसे लगभग 240 व्यक्तित्व सम्मानित किए गए हैं| भारत रत्न से सम्मानित, दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के मार्गदर्शन में इस यात्रा की शुरुआत हुई थी| इसी प्रकार, विश्व भर के हज़ारों सहयोगी भारत को जानिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भागीदारी कर चुके हैं| यह संख्या बताती है कि वे अपनी जड़ों से दूर हो सकते हैं, लेकिन नई पीढ़ी का जुड़ाव अपनी मिट्टी से बड़े स्तर पर हो रहा है| इस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के 15 विजेता भी इस वर्चुअल समारोह में शामिल थे| प्रधानमंत्री ने स...

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार निरंतर जारी

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार एवं भेदभाव निरंतर जारी है। यह सब वर्ष 1947 में पाकिस्तान के अस्तित्व में आने के बाद से ही हो रहा है। लेकिन स्थितियां बीती सदी के आठवें दशक से ज़्यादा बिगड़ीं। शुरुआत में अत्याचार के शिकार मुख्यतः हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई हुआ करते थे लेकिन बाद में पाकिस्तान के अलग-अलग भागों में रहने वाले शिया, अहमदिया, मुहाजिर, हजरास समेत इसी तरह के अन्य समूह भी चपेट में आए। यह अत्याचार और भेदभाव विभिन्न रूपों में देखा जा रहा है जिसमें अपहरण, हत्या, सामूहिक हत्या, धर्मांतरण, हिंसा की चेतावनी, न्याय के विकल्प के बिना की जाने वाली हत्याएं और ईशनिंदा के आरोपों में हत्याएं शामिल हैं। अल्पसंख्यकों के विरुद्ध होने वाले इन अत्याचारों के पीछे मुख्यतः ऐसी ताकतें हैं, जो धार्मिक कट्टरपंथ से प्रेरित हैं। अहमदिया समुदाय को पहले ही विधर्मी घोषित कर दिया गया है। पाकिस्तान में सुन्नी बहुसंख्यक और शिया अल्पसंख्यकों के बीच धार्मिक टकराव बढ़ता गया है। धार्मिक कट्टरता से जुड़ी अत्याचार की घटना हाल ही में बलूचिस्तान में घटी, जहां कोयला खदानों में काम करने वाले हजारा समुदाय क...

भारत-श्रीलंका की साझेदारी का आधार आपसी संवेदनशीलता

भारत के विदेश मंत्री, डॉ॰ एस॰ जयशंकर श्रीलंका के अपने प्रतिपक्ष के आमंत्रण पर कोलंबो की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे| यह 2021 में विदेश मंत्री की पहली विदेश यात्रा तो थी ही साथ ही यह नए वर्ष में किसी विदेशी उच्च पदधारी की श्रीलंका की पहली यात्रा थी| डॉ॰ एस॰ जयशंकर ने राष्ट्रपति, गोठभय राजपक्षे, प्रधानमंत्री, महिंदा राजपक्षे, विदेश मंत्री, दिनेश गुनावर्धने, मत्स्योद्योग मंत्री, डगलस देवानन्दा, पूर्व प्रधानमंत्री, रनिल विक्रमसिंघे, विपक्षी नेता, सजीथ प्रेमदासा, संपदा आवास और सामुदायिक आधारभूत संरचना राज्य मंत्री, जीवन ठोंडमान तथा पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र विकास राज्य मंत्री, सथासिवन वियलेंदिरन, तमिल नेता तथा श्रीलंका के व्यावसायिक समुदाय के साथ मुलाक़ात की| इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय सम्बन्धों के आड़े आ रही विशेष चुनौतियों को संबोधित करने की प्रक्रियाओं में सुविधा पहुंचाना तथा सम्पूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना था| दोनों देशों के बीच के समझौतों तथा सहमति पत्रों के क्रियान्वयन में हो रही देरी मुख्य मुद्दों में से एक मुद्दा है| इस यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री ने श्रीलंका की आर्थिक र...

हाँग काँग में चीन की कड़ी क़ानूनी कार्रवाई

चीन के नए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून का कथित रूप से उल्लंघन करने के मामले में हाँग काँग में पुलिस ने लगभग 50 लोकतन्त्र समर्थकों को गिरफ़्तार किया है| गत वर्ष एक अनाधिकारिक प्रारम्भिक चुनाव में लोकतन्त्र समर्थक आंदोलनकारियों ने भागीदारी की थी| हाँग काँग की क़ानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए लोकतन्त्र समर्थक नीति निर्माताओं के अवसरों को बढ़ाने के लिए इसका आयोजन किया गया था| गत वर्ष जून महीने में स्व-स्वायत्त क्षेत्र के लिए पेईचिंग द्वारा चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून पारित किए जाने के बाद हुई सामूहिक गिरफ़्तारी हाँग काँग के लोकतन्त्र आंदोलन के विरुद्ध सबसे बड़ी कार्रवाई है| हाँग काँग पुलिस ने गिरफ़्तारी की पुष्टि नहीं की है| इस द्वीप की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी, हाँग काँग डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व अध्यक्ष समेत कम से कम 7 सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है| पूर्व के नीतिनिर्माताओं की भी गिरफ़्तारी हुई है| ख़बरों के अनुसार, 2014 में हुए हाँग काँग में विरोध प्रदर्शनों के ज़िम्मेदार मुख्य व्यक्ति तथा विधि के पूर्व प्रोफ़ेसर पेन्नी ताई को भी गिरफ़्तार किया गया है| वे गत वर्ष के प्रारंभिक चुनावों के मु...