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Showing posts from May, 2019

दूसरी मोदी सरकार का शपथग्रहण समारोह

प्रचंड बहुमत प्राप्त करने के उपरांत श्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई को लगातार दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के 58 सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नए मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी और इसके सहयोगी दलों के योग्य नेताओं के साथ-साथ पूर्व राजनयिक सुब्रमण्यम जयशंकर को भी जगह मिली है। मंत्रिपरिषद में सबसे अधिक चौकाने वाला नाम एस जयशंकर का ही है, जो भारत के विदेश मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और चीन के मामले में उनकी विशेषज्ञता निश्चित रूप से सरकार के लिए मददगार होगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी मंत्रिपरिषद में स्थान मिला है और उम्मीद है कि अमित शाह को सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी। श्री मोदी ने इस जनादेश को भारत के सभी भागों के लोगों की महत्वाकांक्षा और लोगों की जीत बताया है। इसी को ध्यान में रखते हुए कल यानी 30 मई को शपथ लेने वाले मंत्री परिषद के सदस्यों में देश के सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया गया। युवाओं को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है। श्री मोदी ने पहले भी यह उल्लेख ...

आईसीसी विश्वकप 2019 का आगाज़

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विश्वकप के 12वें संस्करण का आगाज़ हो गया है। इस बार विश्वकप की मेज़बानी इंग्लैंड और वेल्स कर रहे हैं। 30 मई से 14 जुलाई तक चलने वाले इस विश्वकप के दौरान क्रिकेट का ख़ुमार लोगों के सिर चढ़कर बोलेगा। करीब डेढ़ महीने तक लगातार क्रिकेट प्रेमियों का मनोरंजन करने वाले इस विश्वकप का आयोजन आईसीसी कर रहा है। यह पाँचवां मौका है, जब ‘इंग्लैंड और वेल्स’ में क्रिकेट विश्वकप का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान विश्वकप से पहले यहाँ 1975, 1979, 1983 और 1999 में क्रिकेट विश्वकप का आयोजन हो चुका है। क्रिकेट को दुनिया के चुनिंदा देशों में ही औपचारिक रूप से खेला जाता है, और इन देशों में भी ज़्यादातर देश ब्रिटेन के उपनिवेश रह चुके हैं। फुटबॉल के बाद, क्रिकेट दूसरा ऐसा खेल है, जिसके फैन्स और दर्शक दुनियाभर में सबसे ज़्यादा हैं। भारतीय उप-महाद्वीप में क्रिकेट एक धर्म की तरह है, और क्रिकेटरों को भगवान माना जाता है। उप-महाद्वीप की टीमों में प्रतिद्वंदिता इतनी ज्यादा है कि कभी-कभी ये प्रतिद्वंदिता कट्टरता पर भी लगाम लगा देती है। भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान के लिए यह एक तरह की श्रद्धांजलि है ...

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार जारी

पाकिस्तान सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों की वजह से पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही पाकिस्तान के बहुसंख्यक लोग भी अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं चूक रहे। इनमें विशेष रूप से दक्षिण-पंथी विचार रखने वाले लोग शामिल हैं। पाकिस्तान की कुल आबादी में करीब 3 मिलियन की हिस्सेदारी रखने वाले हिन्दु, क्रिश्चियन और सिख समुदायों के लिए अपनी रीति-रिवाज़, कर्मकाण्ड, आस्था और विश्वास को मानना भी उन्हें ख़तरे में डाल सकता है। अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करने के लिए पाकिस्तान के पास सबसे ज़रूरी उपकरण ‘ईश निंदा कानून’ है, जिसके तहत इस्लाम के सिद्धान्तों या शिक्षाओं का अपमान करने का आरोप लगाकर अल्पसंख्यकों पर कार्रवाई की जाती है। ताज़ा मामला सिंध प्रांत में अल्पसंख्यक समुदाय के एक डॉक्टर का है, जिनके ऊपर धर्मग्रंथ का अपमान करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की गई। कुछ हफ्तों पहले, पंजाब प्रांत में अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक जोड़े को यह आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया था कि उन्होंने किसी व्यक्ति को अनुचित मैसेज भेजकर ईश्वर की निंदा की है। लाहौर ...

मोदी के दूसरे कार्यकाल में भारत की विदेश नीति

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने देश में कई महत्वाकांक्षी परिवर्तन किए। इन परिवर्तनों को आगे जारी रखने के लिए भारत के 900 मिलियन मतदाताओं ने अपनी लोकतांत्रिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए उन्हें एक बार फिर से प्रचंड बहुमत दिया है। नरेन्द्र मोदी को मिला यह जनादेश आगामी पांच वर्षों के दौरान भारत की विदेश नीति को और बेहतर बनाने के अवसर प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ उनकी सरकार का आदर्श वाक्य है और इसी मूल मंत्र के साथ उनकी सरकार आगे बढ़ेगी। भारत की विदेश नीति मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर अपने संबंधों को बेहतर बनाने पर केन्द्रित होगी, ताकि भारत में समावेशी शासन के ज़रिए, वैश्विक स्तर पर भारत की तस्वीर को बदला जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम बाधाओं के बावजूद चीन, अमरीका, और रूस सहित दुनियाभर के शक्तिशाली देशों के साथ मज़बूत संबंध स्थापित करना भारत की विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य होगा। इन देशों के साथ मज़बूत संबंध निवेश, उपकरण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाते हैं। ये क्षेत्र भारत के सकारात्मक बदलाव, सुरक्षा और ...

भारत एक वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर

जब निर्णय लेने में एक उच्चतर मानक निर्धारित करने की बात आती है, तो इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बराबरी का कोई नहीं नज़र आता है | यह बात स्पष्ट दिखी, जब उन्होंने कहा कि उनकी दूसरी सरकार “नई ऊर्जा के साथ एक नए भारत” को निर्मित करने की नई यात्रा शुरू करेगी | संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री का बयान 2022 तक सभी के लिए एक सपनों का भारत निर्मित करने की उनकी सोच के अनुकूल है | यह स्वप्न अगले तीन वर्षों में सभी भारतीयों के लिए स्वास्थ्य-सुविधा, शिक्षा, आवास तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक मंच पर देश को एक नई ऊँचाई तक पहुंचाना भी है | प्रधानमंत्री का नया नारा है राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा प्लस क्षेत्रीय आकांक्षा | व्यापक परिदृश्य में यह नारा निकट भविष्य में एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की इच्छा के अनुरूप भी है | यह वैज्ञानिक ज्ञान तथा नवोन्मेष का एक केंद्र बनने की भारत की रूपरेखा के अनुकूल है | यह विश्व में एक सशक्त आवाज़ बनने की देश की रणनीति के साथ सामंजस्य भी स्थापित करता है | बहरहाल, इस सपने के सत्य में परिवर्तित होन...

जोकोवि की इंडोनेशिया की सत्ता में वापसी

एक महीने के इंतज़ार के बाद जोकोवि के नाम से चर्चित जोको विडोडो इंडोनेशिया के राष्ट्रपतित्व चुनाव में विजेता घोषित हुए हैं | 17 अप्रैल को इंडोनेशिया में चुनाव हुआ था | राष्ट्रपति तथा उप-राष्ट्रपति के चुनाव के अलावा पीपल्स कंसल्टेटिव एसेम्बली तथा स्थानीय विधान निकायों के लिए भी चुनाव हुए थे | एक द्वीपसमूह वाले राष्ट्र के सैंकड़ों द्वीप तथा 154 मिलियन मतदाताओं समेत केवल एक दिन में सभी स्तरों पर चुनाव के संचालन की जटिल प्रक्रिया पूरी करके 21 मई को इंडोनेशिया के आम चुनाव आयोग (केपीयू) ने 17 अप्रैल के मतदान के परिणामों की पुष्टि की | व्यापक एशियाई सन्दर्भ में जोकोवि की जीत और अधिक रोचक हो जाती है, जहां भारत में श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन तथा ऑस्ट्रेलिया में स्कॉट मोर्रिसन की जीत के साथ तीन अग्रणी डेमोक्रटिक देशों ने अपने सबसे बड़े सामूहिक उत्सव को संपन्न किया है | इन देशों में बैलट से लोगों ने अपने मन की बात कही | इन सभी तीन देशों में क़यास लगाये जा रहे थे कि इन तीन पदधारी नेताओं को कड़े चुनावी युद्ध का सामना करना होगा | बहरहाल, ये क़यास इंडोनेशिया के जोकोवि, भ...

एस.सी.ओ. के विदेशमन्त्रियों की बैठक।

विदेशमन्त्री सुषमा स्वराज ने इस हफ्ते किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानि एस.सी.ओ. की मंत्रिस्तरीय बैठक में शिरकत की। सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के चलते यह विदेशमन्त्री के तौर पर श्रीमती स्वराज की आखिरी विदेशयात्रा थी। देश में आमचुनावों के नतीजे आने से एक दिन पहले उनकी इस यात्रा से पता लगता है कि एस.सी.ओ. की भारत के लिए खास अहमियत है। पिछले सालों में भारतीय नेताओं ने एस.सी.ओ. की सभी बैठकों में गम्भीरता से भाग लिया है। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी 2015 में रूस के उफा में आयोजित सम्मेलन के बाद से ही एस.सी.ओ. की तमाम शिखर बैठकों में शिरकत करते रहे हैं। पिछले साल श्रीमती स्वराज के साथ रक्षामन्त्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने भी अपने स्तर पर चीन में एस.सी.ओ. की बैठकों में भाग लिया था। इन बैठकों की मार्फत भारत को डोकालाम विवाद के बाद चीनी पक्षकारों से सम्पर्क रखने और मध्यएशिया से रूस तक तमाम मुल्कों के साथ समन्वय के अवसर मिलते रहे हैं। हालिया एस.सी.ओ. बैठक के साथ श्रीमती स्वराज ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की। इस बातचीत में दोनों नेता...

एक सशक्त सरकार के लिए भारत का मतदान

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 900 मिलियन से अधिक भारतीय मतदाताओं ने एक निर्णायक जनादेश दिया है | 35 वर्षों में पहली बार, भारतीय सरकार की लोकसभा में एक अकेली पार्टी 303 सीटें जीत पाने में सफल रही है | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय सुरक्षा तथा विकास के दोहरे मुद्दों पर कार्यालय में लगातार दूसरा सत्र जीतने में सफल हुए हैं | 17वीं लोकसभा के गठन के लिए सातवें चरण के चुनाव में भारतीय मतदाताओं ने बीजेपी को भरपूर समर्थन दिया | पश्चिम बंगाल तथा तेलंगाना जैसे राज्यों में पार्टी अपनी उपस्थिती मज़बूत करने में सफल रही है | ध्यातव्य है कि इन राज्यों में इसकी न्यूनतम उपस्थिती थी | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) की नेतृत्व वाली भारतीय विपक्षी पार्टियां अपना लक्ष्य प्राप्त करने में सफल नहीं हुईं | विगत पाँच वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए कार्यों के कारण बहुत से मतदाता उनके समर्थन में उठ खड़े हुए | एनडीए सरकार पिछले पाँच वर्षों में 133 विकासपरक परियोजनाओं की शुरुआत करने में सहायक रही है | स्वच्छता, खाना पकाने की गैस, सब्सिड...

निगरानी क्षमता को मज़बूत करने के लिए अंतरिक्ष में तैनात भारत की नई आँख

भारत ने बुधवार सुबह पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट रिसैट-2बी का सफल परीक्षण किया। यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में भारत की निगरानी क्षमता को मज़बूत करेगा क्योंकि यह 24 घंटे और किसी भी मौसम में भारत की सीमाओं की निगरानी करने में सक्षम है। 615 किलोग्राम भार वर्ग वाला यह रिसैट-2बी मिशन करीब 5 वर्ष तक निरंतर गति से कार्य करेगा। इस सैटेलाइट को सीमाओं की निगरानी, विद्रोहियों की घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए किया जाएगा। उजाले में छवि भेजने और रात के समय या ख़राब मौसम में प्रभावशाली तरीके से काम ना करने वाली पारंपरिक रिमोट-सेंसिंग सैटेलाइट के विपरित रिसैट-2बी एक रडार इमेजिंग सैटेलाइट है, जिसमें सिंथेटिक एपर्चर रडार नाम का एक सक्रिय सेंसर लगा है। ये सैटेलाइट दिन-रात, ख़राब मौसम या अन्य किसी भी विपरीत परिस्थिति में रडार बीम का उपयोग करके पृथ्वी का विशेष तरीके से अवलोकन कर सकती है। रिसैट-2बी का एक्स-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार ज़मीन, संरचनाओं, गतिविधियों और बदलावों के बारे में अतिरिक्त जानकारियाँ दे सकता है। रिसैट-2बी के अलावा PSLV-सी46 में दो महत्वपूर्ण अंतरिक्ष उपकरण हैं। इसमें भारत में ही निर्म...

भारत का मिशन चंद्रयान-2

भारत के दूसरे चंद्रयान मिशन “चंद्रयान-2” का इस साल जुलाई में प्रक्षेपण करने की योजना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद् (इसरो) के मुताबिक इसमें देश के विभिन्न अनुसंधान संगठनों द्वारा विकसित अंतरिक्ष उपकरण होंगे, जिससे वैज्ञानिक प्रयोगों और डाटा की लंबी श्रंखला को लागू कर पाना संभव होगा। 3.8 टन वाले इस अंतरिक्ष यान में तीन मोड्यूल हैं- ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान)। नासा के निष्क्रिय प्रायोगिक मॉड्यूल का उद्देश्य पृथ्वी और उसके प्राकृतिक उपग्रह के बीच की दूरी को मापना है। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार चंद्रयान-2 के सभी मॉड्यूल्स को 9 से 16 जुलाई के बीच प्रक्षेपित किया जाएगा और 6 सितंबर को इनके चाँद पर उतरने की उम्मीद है। ऑर्बिटर चंद्रमा की सतह से 100 किलोमीटर की परिक्रमा करेगा, जबकि लैंडर(विक्रम) चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंडिंग करेगा, और रोवर (प्रज्ञान) चंद्रमा के आसपास प्रयोगों को संचालित करेगा। चंद्रयान-1 में चंद्रमा की सतह पर पानी की खोज की गई थी। यह एक बड़ी सफलता थी। इसके तहत पाँच विदेशी अंतरिक्ष उपकरणों को भी चाँद पर भेजा गया था, जिसमें तीन उपकरण यूरोप और दो उपकरण अ...

क्या अरब की खाड़ी युद्ध की दिशा में आगे बढ़ रही है

अमरीका तथा उसके सहयोगियों और ईरान के बीच हाल ही में छिड़ी ज़ुबानी जंग ने अरब की खाड़ी में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है। हालाँकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच यह समस्या काफी जटिल और पुरानी है, लेकिन हालिया तनाव की शुरुआत संयुक्त समग्र कार्ययोजना अर्थात् जेसीपीओए से अमरीका के बाहर होने या फिर मई 2018 में ईरान के परमाणु समझौते के साथ हुई है। उस समय, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया था कि वह परमाणु समझौते के बावजूद परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल्स पर काम कर रहा है, और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को नुकसान पहुँचा रहा है। इसके बाद से ही ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर फिर से एकतरफा आर्थिक प्रतिबंध लागू कर दिए थे। इसका उद्देश्य तेहरान पर अधिकतम दबाव बनाने के लिए समझौते पर फिर से बातचीत करना था। हालाँकि ईरान ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। 8 मई 2019 को अमरीका के जेसीपीओए से बाहर होने की पहली वर्षगाँठ के मौके पर ईरान ने यूरोपीय देशों, रूस और चीन से आग्रह किया कि वे आगामी 60 के भीतर ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करने में उसकी मदद करें। ऐसा ना होने पर ईरान परमाणु समझौते से बाहर होने ...

17वीं लोक सभा के लिए मतदान समाप्त

भारतीय संसद के निचले सदन, लोक सभा के सातवें चरण का मतदान मतदाताओं की अच्छी-ख़ासी भागीदारी के साथ समाप्त हुआ। 2019 के लोक सभा चुनावों में लगभग 900 मिलियन मतदाता थे और लगभग 66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। भारत ने एक बार फिर सहभागी और जोशीले लोकतंत्र में भरोसा और इस की स्वाभाविक मज़बूती दर्शा दी है।   दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदाताओं ने बहुत उत्साह दिखाया और भारत के निर्वाचन आयोग ने वरिष्ठ नागरिकों तथा अलग रूप से सक्षम मतदाताओं के लिए विशेष इंतज़ाम किए थे। मध्य प्रदेश के इंदौर की तीन फ़ीट लंबी सुश्री विनिता ने अपने मताधिकार का उपयोग करने के बाद गर्व से अपनी उँगली पर लगा निशान दिखाया। जुड़ी हुई बहनों सबा और फ़रहा ने पहली बार बिहार के पटना में अलग-अलग मतदान किया। लोकसभा चुनाव ने विदेशों में रह रहे भारतीय मतदाताओं को भी प्रेरित किया और बहुत अधिक संख्या में लोग केवल मतदान करने के लिए भारत आए। असल में देश के भीतर ही अन्य स्थानों पर मज़दूरी और अन्य कार्य करने वाले बहुत से लोगों ने भी मतदान के लिए अपनी जगह जाने के लिए छुट्टी ली। मतदाताओं को जागरूक करने और उन्हें प्रेरित करने के ...

ब्रेक्ज़िट समझौते का अंतिम प्रयास

ब्रिटेन की संसद ने सुश्री थेरेसा मे के ब्रेक्ज़िट समझौते को तीन बार अस्वीकार कर दिया है और इसी के साथ ब्रितानी नेता ब्रेक्ज़िट वापसी की अपनी अंतिम चुनौती का सामना कर रही हैं। अगर फिर से इसे अस्वीकार कर दिया जाता है तो इसके संकटपूर्ण परिणाम होंगे। समझौते के लिए भी और वर्तमान सरकार के लिए भी। युरोपीय संघ के वापसी के लिए विदेश सचिव स्टीफन बार्कले ने ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि चाहे हार हो लेकिन डील पूरी नहीं होगी। थेरेसा मे इस समय बहुत ही कमज़ोर स्थिति में है और वे जल्द ही संसद में डील पेश कर सकती हैं। हालांकि समझौते का विरोध करने वालों की सबसे बड़ी चिंता ये है कि वार्ता के लिए क्या इन 6 सप्ताहों में कोई नया बदलाव किया गया अथवा नहीं। उनकी अपनी कंजर्वेटीव पार्टी के भीतर यूरोसंशयवादियों का कहना है कि इस समझौते से ब्रिटेन कस्टमस यूनीयन में रह जाएगा, जो कि एक प्रकार का व्यापरिक अवरोध है। डेमोक्रेटिक युनियनिस्ट पार्टी का कहना है कि ये समझौता तभी सफल हो सकता है जब ब्रिटेन की आर्थिक और संवैधानिक अखंडता की रक्षा के लिए इस में बदलाव किए जाएँ और ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के बीच कड़ी सी...

पोम्पियो-लावरोव बातचीत - शान्ति की तरफ एक और प्रयास ।

हाल ही में अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने रूस की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। इससे साफ है कि डोनाल्ड ट्रम्प रूस के साथ तनाव घटाने के लिए फिर से प्रयास कर रहे हैं। अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय रूस और अमेरिका के बीच पिछले कुछ सालों से जारी लघु-शीतयुद्ध से अच्छी तरह वाकिफ़ है। अमरीका से ताल्लुक रखने वाले ज़्यादातर विदेशनीति विश्लेषक इसे लघु-शीतयुद्ध के तौर पर मान्यता नहीं देते, क्योंकि ऐसा करके वे रूस को समकक्ष ताकत का रुतबा नहीं देना चाहते। हालांकि वे जानते हैं कि पूर्व सोवियत संघ और बड़ी भौगोलिक ताकत होने के नाते वह अभी भी एक सक्षम देश है। सच तो यह है कि शीतयुद्ध के दिनों में भी अमरीका का शिक्षित समुदाय रूस को बराबरी की एटमी ताकत मानने को तैयार नहीं था। इसी मानसिकता की झलक तत्कालीन अमरीकी प्रशासन के रवैये से भी झलकती थी। इससे यह दर्शाने की कोशिश की जाती थी कि हालांकि विश्व दो धड़ों में बँटा है, लेकिन ताकत के मामले में अमरीका दो कदम आगे है। इसके पीछे अमरीका की आर्थिक तरक्की और तकनीकी प्रगति की महती भूमिका रही है। आज भी अमर...

आतंकी हमलों के साए में पाकिस्तान को आर्थिक मदद

महीनों तक चली लंबी बातचीत के बाद अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष आईएमएफ ने पाकिस्तान को एक और आर्थिक बेलआउट पैकेज दे दिया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ हफीज़ शेख़ ने बताया कि पाकिस्तान और यात्रा पर आए आईएमएफ के दल के बीच वार्ता के अंतिम चरण में बेलआउट को हरी झंडी दे दी गई। आईएमएफ अगले तीन सालों में पाकिस्तान को आर्थिक संकट से निकलने के लिए  6  बिलियन अमरीकी डॉलर की मदद देगा। पाकिस्तान इस समय भयंकर कर्ज़ में डूबा है और अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने तथा देश की अर्थव्यवस्था चलाने के लिए  18  बिलियन अमरीकी डॉलर की कमी है।   आठ महीने पहले जब इमरान खान प्रधानमंत्री चुने गए थे तब उन्होंने कहा था कि यदि आईएमएफ आर्थिक मदद के लिए कड़ी शर्ते रखता है तो वह आईएमएफ से बेलआउट पैकेज नहीं लेंगे। उन्होंने चीन ,  सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे मित्र देशों पर अधिक भरोसा जताया। मगर ,  राहत पैकेज के लिए आईएमएफ नई नई शर्तें लगाता रहा है और अंततः इमरान खान को आईएमएफ की सभी शर्तों को मानना पड़ा। इन शर्तों में तीव्र मौद्रिक समायोजन ,  अधिक राजस्व संकलन ...

विश्व व्यापार संगठन की नई दिल्ली में मंत्रीस्तरीय बैठक

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अधिकतर निर्धन तथा विकासशील राष्ट्रों को योग्य बनाने वाले विशेष तथा अंतरीय प्रबंध (एस एंड डीटी) तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए एक कड़ी पिच नई दिल्ली की मंत्रिस्तरीय बैठक में निर्मित की गई है | डब्ल्यूटीओ के तत्वावधान में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सशक्त करने तथा विभिन्न वैश्विक व्यापार समझौतों के लचीलेपन तथा रियायतों का  प्रयोग करने के लिए विकासशील देशों का आह्वान किया गया | बहुपक्षवाद की मौलिक प्रकृति को बनाए रखने के प्रति डब्ल्यूटीओ व्यापार की चल रही समझौता वार्ता के गतिरोध को समाप्त करने के लिए हाल ही में सम्पन्न नई दिल्ली बैठक डब्ल्यूटीओ के हाल के घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श करने के लिए 22 देशों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई | इस बैठक में वैश्विक व्यापार प्राणाली को सशक्त करने के लिए सभी सदस्यों के साथ काम करने के उपायों को तलाशने पर भी चर्चा की गई | डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटारे के अपीलीय निकाय (एबी) के सदस्यों की उचित नियुक्ति के विरोध की आलोचना शिष्टमंडलों द्वारा की गई, क्योंकि बड़ी संख्या में देशों के साथ चल रहे व्यापार युद्ध में अम...

जावेद ज़रीफ़ की नई दिल्ली यात्रा

ईरान के विदेश मंत्री जावेद ज़रीफ़ की नई दिल्ली यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमरीका और   ईरान के   बीच विवाद चल रहा है। इससे ईरान की विदेश नीति में भारत के महत्वपूर्ण स्थान का पता चलता है। ईरान के विदेशमंत्री ने भारत की देशमंत्री से भेंट कर दोनों देशों के आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा की। इस बैठक के द्वारा दोनों नेताओं के लिए अफ़ग़ानिस्तान सहित अन्य कई क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करने    का अवसर प्रदान हुआ है। जबकि भारत के ईरान के साथ सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं ,  फिर भी दोनों देशों के आपसी संबंध हाल के समय में ऊर्जा तथा संपर्क मार्ग के क्षेत्रों में   साझेदारी के चलते अधिक घनिष्ठ हुए हैं।   भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ईरान की सर्वोपरि भूमिका है क्योंकि वह लम्बे समय से भारत का शीर्ष तेल   आपूर्तिकर्ता रहा है। ईरान के विरुद्ध वर्तमान अमरीकी प्रतिबन्धों के दौर में भी भारत ने ईरान से तेल आयात   जारी रखने का निर्णय लिया था जबकि प्रतिबन्धों में किसी भी देश को तेल आयात में छूट प्रदान नहीं कि गई थी। परमाणु संधि ...

टर्की के साथ भारत के सम्बन्धों में आई प्रगाढ़ता

वरिष्ठ आधिकारिक स्तर पर लगातार दो बैठक करके अपनी साझेदारी को उन्नत करने के लिए हाल ही में भारत तथा टर्की ने नीरवता से सुदृढ़ प्रगति की है | उभरते सहयोगी भारत तथा परंपरागत सहयोगी पाकिस्तान के बीच टर्की अपने सम्बन्धों में सामंजस्य स्थापित करने पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है | अंकारा ने अपने राष्ट्रपतित्व सलाहकार, डॉ॰ इब्राहिम कलिन को नई दिल्ली भेजा, जिन्होंने साझेदारी में आर्थिक गुणक को जोड़ने के उपायों के अतिरिक्त व्यापक जवाबी आतंक-डी-रेडिकलाइज़ेशन सहयोग की इच्छा जताई |        लंबे समय से सीमा-पार आतंक से पीड़ित रहने के कारण भारत ने इस ख़तरे को संबोधित करने के लिए टर्की की साझेदारी का आह्वान किया | जब इब्राहिम कलिन भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल से मिले, तो श्रीलंका में हुए हाल के आतंकी हमलों का मुद्दा भी बातचीत का हिस्सा बना |        दोनों पक्षों ने दक्षिण एशिया तथा पश्चिम एशिया समेत वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया | दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों तथा प्रस्फ...

भारत-वियतनाम संबंधों में प्रगाढ़ता

भारत के उप-राष्ट्रपति एम.वैंकेया नायडू ने वियतनाम की चार दिन की आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य वियतनाम के साथ भारत की व्यापक सामरिक साझेदारी को बढ़ावा देना था। ये सभी जानते हैं कि भारत और वियतनाम साझेदारी ने समय की हर परीक्षा पास की है। वियतनाम के उच्च राजनेताओं से वार्ता करने के अतिरिक्त श्री नायडू ने एक आयोजन में भारतीय समुदाय को संबोधित भी किया और दोनों देशों के आपसी संबंधों की सराहना की। भारत के उप-राष्ट्रपति ने अपने वियतनामी समकक्ष डांग थी न्गोक थिन्ह, वियतनाम के प्रधानमंत्री न्गुयेन जुआन फ़ुक और राष्ट्रीय असेम्बली की अध्यक्ष न्गुयेन थी किम न्गान से भी मुलाक़ात की। श्री नायडू ने वियतनाम के हा नाम प्रांत के ताम चुक पगोडा में 16वें संयुक्त राष्ट्र दिवस आयोजन वेसक में बीज वक्तव्य दिया। इस आयोजन की विषय-वस्तु थी वैश्विक नेतृत्व में बौद्ध विचारधारा को अपनाना और स्थाई समाजों के लिए साझी ज़िम्मेदारी।                  दोनों देशों की ओर से परस्पर उच्च राजनेताओं द्वारा नियमित यात्राएँ किए जाने से भारत के प्रधानमं...