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Showing posts from June, 2019

संसद में इस सप्ताह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार भारत को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएगी तथा एक राष्ट्र – एक चुनाव के विचार के साथ आगे बढ्ने के लिए विपक्ष से उन्होंने सहयोग करने का आग्रह किया | राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द द्वारा दोनों सदनों की साझा बैठकों को किए गए सम्बोधन के धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में वे बहस का उत्तर दे रहे थे | उन्होंने संसद के निर्बाध कार्य को सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष से भी आग्रह किया |उन्होंने कहा कि भारत को अपनी प्रगति और समृद्धि को सुनिश्चित करने वाले किसी भी अवसर को नहीं गंवाना चाहिए | प्रधानमंत्री ने आशा जताई कि सरकार तथा विपक्ष दोनों मिलकर देश की सभी चुनौतियों से निपट सकते हैं | उन्होंने एक सशक्त, सुरक्षित तथा समेकित भारत बनाने का आह्वान किया | भ्रष्टाचार, किसानों तथा रोज़गार जैसे विभिन्न मुद्दों को सम्मिलित करते हुए उन्होंने बल देकर कहा कि इस देश में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है तथा उनकी सरकार इसके विरुद्ध लड़ती रहेगी | देश के जल संकट के संबंध में उन्होंने कहा कि हर घर को जल उपलब्ध करवाना उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य है | बहस का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री ...

ओसाका में ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बातचीत

जापान के ओसाका में चल रही जी-20 शिखर बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं ने अलग से मुलाकात की। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने जापान को जी-20 की अध्यक्षता के लिए बधाई दी और जापान द्वारा व्यापार, विज्ञान, तकनीकी एवं नवाचार, बुनियादी ढांचा, जलवायु परिवर्तन, समग्र स्वास्थ्य देखभाल, जनसंख्या और टिकाऊ विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर चयनित करने के लिए उसकी सराहना की। ब्रिक्स नेताओं का मानना है कि विश्व अर्थव्यवस्था कि विकास में स्थिरता जल्द आएगी और इस साल के अंत तक या 2020 में यह रफ्तार पकड़ लेगी। हालांकि विकास में मजबूती को लेकर अनिश्चितता भी बहुत अधिक है क्योंकि भू-राजनैतिक तनाव बढ़ता जा रहा है, उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में अस्थिरता है, असमानता और अपर्याप्त समग्र विकास की स्थिति है। ब्रिक्स नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विकास के लिए अनुकूल वैश्विक आर्थिक वातावरण पर जोर दिया। ...

भारत-अमरीका संबंध : संवाद जारी

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की नई दिल्ली यात्रा तथा प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ हुई उनकी बैठक बहुत महत्वपूर्ण थी | शुल्क तथा व्यापार, ईरान पर लगे प्रतिबंध, भारतीय वस्तुओं पर से अमरीका का तरजीही दर्जा हटना, भारतीय तकनीक विशेषज्ञों के लिए एच1बी वीज़ा का मुद्दा, वेनेज़ुएला के साथ ऊर्जा व्यापार, रूस से हथियारों की ख़रीद जैसे कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अमरीका तथा भारत के बीच की द्विपक्षीय भिन्नताओं ने तनाव को जन्म दिया है | इन मुद्दों पर दोनों देशों के नेताओं के बीच प्रत्यक्ष बातचीत की आवश्यकता थी | माइक पोम्पिओ की भारत यात्रा का उद्देश्य जापान के ओसाका में जी-20 की बैठक के दौरान राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बातचीत और जी-20 की बैठक से इतर त्रिपक्षीय जय अर्थात जापान, अमरीका तथा भारत की बैठक के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति, भारतीय प्रधानमंत्री तथा जापानी प्रधानमंत्री के बीच की वार्ता को सुविधाजनक बनाने से प्रेरित था | यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि फिर से पाँच वर्ष के कार्यकाल के लिए एक निर्णा...

प्रधानमंत्री ने विकास के एजेंडे पर फिर बल दिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद दूसरी बार देश की सत्ता संभाल ली है। सत्ता संभालने के बाद उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि उनकी सरकार के दो प्रमुख एजेंडे में ग़रीबों का कल्याण और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना शामिल है। संसद के संयुक्त सदन की बैठक में राष्ट्रपति के संबोधन के बाद, उनके प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने इन दोनों एजेंडे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विस्तार से बताया कि देश और लोगों के हित में क्या बाते हैं, जिन्हें पूरा करना उनकी सरकार के प्रमुख एजेंडे हैं। केन्द्र सरकार के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी लोक कल्याण और आधुनिक बुनियादी ढाँचे में भरोसा रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार ना तो कभी विकास के पथ से भटकी है, ना ही कभी विकास के एजेंडे से ध्यान हटाया है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति काफी ज़रूरी है, इससे हर एक भारतीय सशक्त बनता है। पिछले पाँच वर्षों के दौरान किसानों और अनियमित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के अलावा, देश के तमाम वर्गों के लिए, कई सरकारी योजनाओं शुरू ...

विकास की रफ्तार बनाए रखने पर सरकार का ध्यान

लगातार दूसरी बार भारी जनसमर्थन से केंद्र में सत्ता संभालने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार का लक्ष्य अब भारतीय अर्थव्यवस्था को विकास की पटरी पर लाना है, ताकि रोजगार सृजन और भारत की जनता के जीवन स्तर में सुधार के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार विकास को गति देने के लिए आर्थिक गतिविधियों में किसी भी तरह के सुधार और बदलाव को करने के लिए कृतसंकल्प है। नीति आयोग द्वारा आयोजित अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के समूह की हालिया बैठक में उन्होंने रेखांकित किया कि भारत की अर्थव्यवस्था को प्रतिस्पर्धी बनाना होगा ताकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके। यह बैठक में श्रम एवं रोजगार, कृषि क्षेत्र, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ थी और इसे नई सरकार के 5 जुलाई को पेश किए जाने वाले बजट से पहले आयोजित किया गया। महत्वपूर्ण यह भी है कि बैठक में शामिल होने वाले विशेषज्ञों को पांच अलग-अलग समूहों में बांटा गया जो नवाचार के विचारों, रोजगार, कृषि, जल संसाधन, निर्यात, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर अपनी रा...

धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज

अमरीका ने एक बार फिर अपना तानाशाही रवैया जाहिर करते हुए उसने धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भारत की आलोचना की है। अमरीकी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें अन्य देशों में अपने नैतिक न्याय व्यवस्था के आधार पर कई देशों धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति की आलोचना की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2018 में अल्पसंख्यक समुदायों पर हिंसक अतिवादी समूहों की भीड़ द्वारा हमले किए गए। इस पर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया और कहा कि अमरीका को हमारे देश के नागरिकों की स्थिति पर कोई रिपोर्ट जारी करने का अधिकार नहीं है। भारत ने आगे कहा है कि भारत को अपनी धर्मनिरपेक्षता पर गर्व है और यह विश्व की विशाल लोकशाही व्यवस्था है तथा बहुलतावादी समाज, सहिष्णुता और समग्रता की प्रतिबद्धता पर लगातार खरा उतरा है। दिलचस्प है कि अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के अमरीकी आयोग के अध्यक्ष श्री टेंजिन दोरजी ने अलग ही रुख अपनाया और कहा कि भारत एक खुला समाज है और इसकी विशाल लोकशाही और न्यायिक व्यवस्था मजबूत है। यह आयोग दुनिया के विभिन्न देशों में धार्मिक स्वतंत्रता पर होने वाले हम...

एफ़एटीएफ़ में पाकिस्तान की फजीहत जारी

अमरीका के ऑरलैंडो में वित्तीय एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के पिछले हफ्ते हुए छह दिवसीय विचार विमर्श में पाकिस्तान के लिए गंभीर परिणाम सामने आए। जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान या तो अक्टूबर तक वैश्विक वित्तीय निगरानी की अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने, अथवा मौजूदा ग्रे सूची से काली सूची में जाने के लिए तैयार रहे। पाकिस्तान ने एक वर्ष पूर्व एफएटीएफ और एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई थी, जिसका मकसद एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमटी) और काउंटर-टेरर फाइनेंसिंग (सीटीएफ) व्यवस्था को ठीक करना तथा इन क्षेत्रों में जो कमियाँ रह गईं हैं उन्हें दुरुस्त करना था। इस संबंध में इस्लामाबाद का रिकॉर्ड निराशाजनक रहा है। पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित आतंकी संगठनों को रोकने के लिए कुछ दिखावे के सिवा ठोस कार्रवाई में नाकाम रहा है। एफएटीएफ अपनी स्थापना की 30 वीं वर्षगांठ मना रहा है। 'मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई, आतंकवाद के प्रसार हेतु वित्तपोषण रोकने, समबद्ध ढंग से कार्रवाई, लक्षित और प्रभावी कार्यप्रणाली के चलते संगठन की प्रासंगिकता बढ़...

संसद में इस सप्ताह

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार लोगों की आकांक्षाएं पूरी करते हुए एक मज़बूत, सुरक्षित, सम्पन्न और समेकित भारत निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ये यात्रा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना के प्रेरित है। संसद के केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों, लोक सभा और राज्य सभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही सरकार लोगों को ज़रूरी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने और ख़राब शासन की वजह से उन्हें हुईं परेशानियों को दूर करते हुए उन का जीवन बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।  भारत के राष्ट्रपति ने कहा कि लोगों ने पहले कार्यकाल में सरकार के कामों का मूल्यांकन करने के बाद लोक सभा चुनावों में दूसरे कार्यकाल के लिए पहले से भी ज़ोरदार समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि लगभग आधे सांसद पहली बार चुने गए हैं और चुनाव जीत कर आई महिला सांसदों की इतनी बड़ी संख्या एक इतिहास है। श्री कोविंद ने कहा कि सरकार का ध्यान ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने पर है। ये बताते हुए कि महिला सशक्तिकरण उन की सरक...

भारत-अमरीका द्विपक्षीय संबंधों में समरसता

नरेन्द्र मोदी सरकार की दूसरी पारी शुरू होने के कुछ दिनों के भीतर ही ट्रम्प प्रशासन द्वारा सामान्य वरियता व्यस्था के अंतर्गत भारत को दिए गए लाभों को वापिस लेने और अमरीका द्वारा भारत से मंगाए जाने वाले 28 उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने का फ़ैसला सुर्ख़ियों में रहा है। लेकिन फिर भी अगर दोनों देशों की सामरिक साझेदारी की बात की जाए तो अभी भी दोनों पक्षों के बीच समरसता है। जापान के ओसाका में होने वाले जी-बीस सम्मेलन के कुछ समय पहले ही अमरीका के विदेश सचिव माइकल आर पोम्पिओ 25 और 26 जून 2019 को भारत की यात्रा पर होंगे। भारत में हुए चुनाव के बाद अमरीका के साथ भारत की ये पहली उच्च स्तरीय सक्रियता होगी। अपनी यात्रा के दौरान वे विदेश मंत्री के साथ वार्ता करेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा भारत सरकार के अन्य विशिष्ट मंत्रियों से मुलाक़ात करेंगे। श्री पोम्पियो की यात्रा भारत और अमरीका के लिए सामरिक साझेदारी मज़बूत करने के अवसर तलाशने का एक महत्त्वपूर्ण अवसर होगी और साथ ही ये द्विपक्षीय, सामरिक और वैश्विक मुद्दों समेत परस्पर हितों के मामलों पर उच्च स्तरीय सक्रियता बनाए रखने का भी अवसर होगा। अ...

अरब की खाड़ी में सैनिकों की संख्या में वृद्धि

गत सप्ताह ओमान की खाड़ी में तेल के दो टैंकरों पर हुए हमलों की प्रतिक्रिया में अमरीकी रक्षा विभाग ने घोषणा की है कि यह अरब की खाड़ी में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सम्हालने के लिए 1000 सैनिकों की अतिरिक्त टुकड़ियाँ भेज रहा है | मई 2018 में ईरान परमाणु समझौते से बाहर निकलने के अमरीकी निर्णय के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनावों के बीच ऐसा क़दम उठाया गया है | अमरीका भी ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है और गत महीने ईरानी तेल आयातों के लिए सभी छूटों को समाप्त कर दिया | राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने और नए प्रतिबंधों को लगाने का निर्णय लिया है तथा प्रतिबंधों के तहत ईरानी उद्योगों के साथ व्यवसाय करने वाले निजी या कंपनियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है |  ईरान ने भी साझा व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं, विशेष रूप से यूके, फ्रांस और जर्मनी को चेतावनी के साथ जवाब दिया था कि ईरान अपनी अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने में असफल रहने पर तेहरान समझौते से पीछे हटने के लिए मजबूर होगा । इस कार्यवाही ने अमरीका को अरलिंगटन तथा एक पैटरियट मिसाइल बैटरी समेत अतिरिक...

पाकिस्तान की असहमति की आवाज़ पर कड़ी कार्यवाही

पाकिस्तान एक राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा है, क्योंकि पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ़(पीटीआई) सरकार, सरकार विरोधी आवाज़ों पर लगाम कस रही है | पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी तथा पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ के हमज़ा शाहबाज़ को गिरफ़्तार करके विपक्ष को शांत करने से लेकर और पशतून तहाफ़ूज़ मूवमेंट (पीटीएम) जैसे समूहों पर कार्रवाई करके इमरान ख़ान की नेतृत्व वाली सरकार रणनीतिक रूप से असहमति को समाप्त कर रही है | स्व-निर्वासित पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ तथा मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट के नेता अलताफ़ हुसैन की ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा की गई गिरफ़्तारी से ऐसा लगता है कि इसके पीछे पाकिस्तान की सरकार है | किसी तरफ़ से होने वाली आलोचना को रोकने संबंधी पाकिस्तानी सेना की कार्यवाही पर इस्लामाबाद काम करता हुआ प्रतीत होता है | बहरहाल, विपक्ष के साथ निपटने में की जाने वाली सख़्ती तथा असहमति की आवाज़ को दबाने में की जाने वाली कड़ाई की नीति सरकार के विरुद्ध भी जा सकती है | राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की आड़ में विपक्ष के नेताओं की कथित रूप से भ्रष्टाचार के अभियोग पर हुई गिरफ़्तारी की रणनीति पाकिस्ता...

5वाँ सीका शिखर सम्मेलन और भारत

एशिया में पारस्परिक विचार विमर्श तथा विश्वास बढ़ाने हेतु सभा की पाँचवीं शिखर बैठक, जिसे आम तौर पर सीका के नाम से भी जाना जाता है, पिछले सप्ताह के अंत में ताजिकिस्तान में आयोजित की गई। कज़ाख़स्तान के प्रथम राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबएव को सीका का संस्थापक माना जाता है क्योंकि 1992 में संयुक्त राष्ट्र आमसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सीका के विचार का प्रस्ताव रखा था। 2006 में सीका का सचिवालय कज़ाख़स्तान की राजधानी अस्ताना, जिसे अब नूरसुल्तान के नाम से जाना जाता है, में स्थापित किया गया। सीका में एशिया के 30 से भी अधिक सदस्य देश सम्मिलित हैं और कई अंतर्राष्ट्रीय संगठन प्रेक्षक की भूमिका में हैं। अब तक कज़ाख़स्तान, तुर्की, चीन और ताजिकिस्तान इस संगठन की अध्यक्षता कर चुके हैं। 2002 में कज़ाख़स्तान के अलमाटी नगर में सीका का पहला अधिवेशन आयोजित हुआ जिसमें अलमाटी एक्ट नाम से प्रसिद्ध इसके घोषणापत्र को अपनाया गया। भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस प्रथम सम्मेलन में भाग लिया था। 2006 में, अलमाटी में इसके दूसरे सम्मेलन में, भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने भाग...

अधिक मिलनसार होते भारत-चीन

भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फिर कार्यभार संभालने के बाद अमरीका और चीन के व्यापार युद्ध समेत वैश्विक राजनीति में आते बदलावों के बीच भारत और चीन की नीति के समान रूप से आगे बढ़ने की उम्मीद रहेगी। 2017 में डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध के बाद दोनों देशों ने अपने मतभेद दूर करने में संसाधन निवेश किए। 2018 में हुआ वुहान अनौपचारिक सम्मेलन ऐसी कोशिशों का ही नतीजा था। वुहान सम्मेलन और अनौपचारिक संवाद ने विश्वास वर्धन उपाय के रूप में काम किया। चीन और भारत संबंधों में सकारात्मक गतिविधियाँ देखने को मिलीं। चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पहले चार बार नकारने के बाद ना सिर्फ़ जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए तैयार हुआ बल्कि वुहान भावना की वजह से अभी भी संबंध बेहतर होते जा रहे हैं। सत्ता में फिर से आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में शांघाई सहयोग संगठन या एससीओ सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिंपिंग से अपनी पहली द्विपक्षीय मुलाक़ात की। दोनों नेता 28-29 जून को ओसाका में होने वाले जी-20 सम्मेलन में फिर मुलाक़ात करेंगे। दोनों...

भारत के प्रधानमंत्री की किर्गिस्तान यात्रा

दूसरे कार्यकाल के लिए निर्वाचित होने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 तथा 14 जून को  किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक का दौरा किया |  उन्होंने  किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरनबाय जीनबेकोव के साथ एक द्विपक्षीय बैठक की |    राष्ट्रपति जीनबेकोव के साथ भारत के प्रधानमंत्री की बैठक को विशेष तथा एक कूटनीतिक बैठक कहा जा सकता है | 30 मई 2019 को प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उपस्थित विशेष अतिथियों में जीनबेकोव भी थे |     बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति जीनबेकोव के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी ने साझे रूप से भारत-किर्गिज़ व्यवसाय मंच की पहली बैठक को संबोधित किया | यह बैठक सफल तथा महत्वपूर्ण थी |     भारत तथा किर्गिस्तान दोहरे कराधान निवारण समझौते (डीटीएए) तथा द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम आकार देते हैं | द्विपक्षीय व्यापार के लिए एक उचित वातावरण बनाने में ये समझौते मददगार होंगे | इन दो देशों के बीच के व्यापार को बढ़ाने में एक पाँच-वर्षीय रूपरेखा तैयार करने में द्विपक्षीय निवेश संध...

17 वीं लोकसभा का पहला सत्र

" सब का साथ - सब का विकास - सब का विश्वास " के नारे के साथ गत महीने   सम्पन्न   आम चुनावों में जीतकर दूसरे सत्र के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार का सत्ता में आने के बाद और   17 वीं लोकसभा के गठन के पश्चात इस महीने की   17   तारीख़ से भारत की संसद का बजट सत्र शुरू होगा   |  तपती गर्मी को मात देते हुए देश भर में व्यस्त चुनावी अभियान के दौरान स्टार अभियानकर्ता प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने और बहुत सी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को आश्वस्त किया   |           नयी लोकसभा   19  जून तक अपने नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी   |  नए अध्यक्ष का चुनाव होने तक अस्थाई अध्यक्ष सदन की कार्यवाहियों का संचालन करेंगे   |  निर्वाचित सदस्यों द्वारा अधिकृत शपथ - ग्रहण समारोह की समाप्ति के बाद   20  जून को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद लोकसभा तथा राज्यसभा ...