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Showing posts from February, 2020

कॉरोना वायरसजन्य महामारी की जद में दुनिया।

कॉरोना वायरसजन्य महामारी ने पूरी दुनिया को थर्रा दिया है। इससे पहले मनुष्य में इस बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए थे। अब तक 81 हज़ार से ज़्यादा लोग इस वायरस से पैदा होने वाली साँस सम्बन्धी बीमारी ‘कोविड-19’ की जद में आ चुके हैं। जिनमें से तकरीबर तीन हज़ार की मृत्यु हो चुकी है। इनमें से 95 फीसदी यानि 2,800 लोगों की मौत अकेले चीन में हुई है, जहाँ इस घातक बीमारी की शुरुआत हुई थी।  चीन के बाहर कॉरोना वायरस से दूषित लोगों की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। विशेष तौर पर यूरोप, मध्यएशिया, अमेरिका और एशिया में यह वायरस लगातार फैल रहा है। इन क्षेत्रों के 51 देशों में महामारी का कोई सीधा सम्पर्क जैसे चीनयात्रा या संक्रमित व्यक्ति से सम्बन्ध नहीं पाया गया है। ब्राज़ील में लैटिन अमेरिका का पहला रोगी चिह्नित किया गया है। चीन के बाद इस बीमारी के सबसे बड़े केन्द्र ईरान में 245 लोग कॉरोना से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 26 की मृत्यु हो चुकी है। ईरान के उपराष्ट्रपति मसोमे एब्तेकार और उप-स्वास्थ्यमंत्री इराज हरीरकी कॉरोना से संक्रमित हैं और इनकी एकान्त चिकित्सा की जा रही है। उधर, इटली में 400 लोग...

 भारत न्यूज़ीलैण्ड सम्बन्धः भारत-प्रशान्त में सम्बन्धों में निकटता।

भारत न्यूज़ीलैण्ड सम्बन्धों के नज़रिए से वर्ष 2020 की शुरुआत काफी सुकूनमन्द रही है। अभी पिछले महीने ही न्यूज़ीलैण्ड के आप्रवासी मन्त्री इयान लीस मुम्बई आए थे। जबकि फरवरी में वहाँ के उप-प्रधानमन्त्री तथा विदेशमन्त्री विन्सटन पीटर्स और उद्योगमन्त्री डेविड पार्कर एक व्यापारिक शिष्टमण्डल से साथ भारत पधारे हैं। उम्मीद है कि उनकी यात्रा से भारत और न्यूज़ीलैण्ड के आपसी रिश्तों को और गहराने में मदद मिलेगी।  ऐतिहासिक नज़रिए से भारत और न्यूज़ीलैण्ड के बीच अनेक समानताएँ रही हैं। इनमें ब्रिटिश उपनिवेशवाद, संसदीय सरकार और राष्ट्रमण्डल की विरासत शामिल हैं। इनके अलावा दोनों मुल्क आपसी हित के मसलों की खोज पर सूक्ष्म और केन्द्रित रवैया अपनाने और भारत-प्रशान्त क्षेत्र में सीमा सम्बन्धी मुद्दों पर सहमति के लिए प्रयासरत रहे हैं। इन मुद्दों की मद्देनज़र न्यूज़ी उपप्रधानमंत्री ने ‘‘भारत 2025 - सम्बन्धों में निवेश’’ शीर्षक से एक कूटनीतिक दस्तावेज़ तैयार किया है। इसके माध्यम से सभी अहम विषयों सहित सम्बन्ध-सुधार के लिए रास्ता तैयार किया जाएगा।  आपसी व्यापार में बढ़ोतरी दोनों मुल्कों के रिश्तों का अहम ...

चौथा पश्चिम एशिया सम्मेलन

भारत के प्रमुख विचारक-संस्थान, मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस(आईडीएसए) ने नई दिल्ली में "पश्चिम एशिया में दस साल के राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन: चुनौतियां, सबक और भविष्य के रुझान" विषय पर चौथे पश्चिम एशिया सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में कई भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी देखी गई, जिनमें लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री श्री फौद सिनोरिया और मिस्र के पूर्व विदेशमंत्री श्री नबील फ़हमी रहे, जिन्होंने इस क्षेत्र से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे। दो दिन तक चलने वाली चर्चाओं को छह श्रेणियों में विभाजित किया गया था जैसे क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, बाहरी शक्तियों की भूमिका, अर्थव्यवस्था, संघर्ष की बदलती प्रकृति और पश्चिम एशिया के साथ भारत के गहराते संबंध। भारत के सड़क, परिवहन और राजमार्ग, मंत्रालय में राज्यमंत्री, जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें इस क्षेत्र में पिछले एक दशक से जारी उथल-पुथल पर प्रकाश डाला गया जिसका भारत के लिए इस क्षेत्र का महत्व को प्रदर्शित होता है। मनोहर पर्रिकर आईडी...

भारत-अमरीका वृहद वैश्विक सामरिक साझेदारी

संप्रभु और जीवंत लोकतंत्रों के नेताओं के रूप में; स्वतंत्रता के महत्व को पहचानने, नागरिकों समानता, मानव अधिकारों और न्याय के शासन के लिए प्रतिबद्ध, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का का वचन दिया, जिसका आधार आपसी विश्वास, आपसी हित, सद्भावना और अपने नागरिकों की मजबूत भागीदारी है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प ने विशेष रूप से समुद्री और अंतरिक्ष संबंधी जागरूकता और सूचना साझा करने के माध्यम से रक्षा और सुरक्षा सहयोग; सैन्य संपर्क कर्मियों का आदान-प्रदान; सभी सेवाओं और विशेष बलों के बीच उन्नत प्रशिक्षण और वृहद अभ्यास; सह-विकास और उन्नत रक्षा घटकों, उपकरणों और प्लेटफार्मों के सह-उत्पादन पर निकट सहयोग; और उनके रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी को घनिष्ठ बनाने का संकल्प लिया।दोनों नेता बुनियादी विनिमय और सहयोग समझौते सहित रक्षा सहयोग के समझौते को जल्द पूरा करने के लिए दृढ़संकल्प हैं। भारतीय प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाइड्रोकार्बन में व्यापार और निवेश में भारत और संयुक्त रा...

अमरीकी राष्ट्रपति की यात्रा से प्रगाढ़ होती द्विपक्षीय सामरिक साझेदारी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत में छत्तीस घंटे की राजकीय यात्रा समारोह और अर्थपूर्ण रही। वह भारत का दौरा करने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका के सातवें राष्ट्रपति हैं; पिछले दो दशकों में सभी चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने भारत का दौरा किया है, जो भारत-अमेरिका संबंधों के ऊँचाइयाँ छूने का सूचक है। राष्ट्रपति के साथ अमरीका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प, उनकी बेटी इवांका और दामाद जेरेड कुशनर और साथ ही एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था। राष्ट्रपति ट्रम्प का अहमदाबाद में हजारों लोगों द्वारा एक अभूतपूर्व स्वागत किया गया। साबरमती आश्रम का दौरा करने के बाद, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी ने नमस्ते ट्रम्प आयोजन में मोटेरा स्टेडियम में उपस्थित सवा लाख की भीड़ को संबोधित किया। यह याद किया जाएगा कि पांच महीने पहले राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी ने ह्यूस्टन में हाउडी मोदी की रैली में भारतीय अमेरिकी समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित किया था। राष्ट्रपति ट्रम्प प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और नेतृत्व के साथ-साथ भारत की उपलब्धियों की प्रशंसा कर रहे थे। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "...

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप की नवीन भारत यात्रा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अहमदाबाद पहुँचकर भारत की अपनी स्वतंत्र यात्रा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल विश्वप्रसिद्ध है। गुजरात महात्मा गांधी की भूमि है और राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा साबरमती आश्रम जाना भारत को ब्रिटिश राज के चंगुल से मुक्त कराने में गांधीजी की भूमिका की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। एक लाख से भी अधिक जनसमूह की उपस्थिति में अहमदाबाद के मोटेरा में श्री ट्रंप का भारत द्वारा इससे बेहतर स्वागत क्या हो सकता था कि उनसे विश्व के सबसे बड़े स्टेडियम का उद्घाटन करवाया गया। कुछ ही घंटों के समय में, अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय राज्यों की मेहमाननवाजी के लिए संगीत और नृत्य के प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय संस्कृति की एक विशाल विविधता का दृश्य प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रपति ट्रम्प भारतीय विविधता और भारतीय समाज की बहु-सांस्कृतिक सुंदरता से प्रभावित थे। हालाँकि, मोटेरा स्टेडियम में उनका भाषण लाखों भारतीयों के कानों में एक संगीत की तरहथा, जिन्होंने उन्हें सीधे अथवा रेडियो या टेलीविजन पर सुना। ...

एफएटीएफ ने ईरान को काली सूची में डाला जबकि पाकिस्तान ग्रे-लिस्ट में बरकरार

दुनिया भर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए और इसे पनपने ना देने के लिए वित्तीय सहायता पर रोक लगाते हुए वैश्विक अंतर-सरकारी निगरानी वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने पिछले शुक्रवार को ईरान को अपनी 'ब्लैक-लिस्ट' में बनाए रखने का निर्णय लिया। इसने पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्ट में निचले स्तर पर रखा। 40-सदस्यीय संस्था एफएटीएफ, पेरिस में अपने मुख्यालय से धन शोधन यानि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण की समस्या से निपटने के लिए वैश्विक वित्त पर नज़र रखती है जिसके लिए दो अलग-अलग श्रेणियों में एक सूची तैयार करती है जो ये संबद्ध देशों को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक सलाहकार के रूप में सेवा प्रदान करने के लिए देती है। एफएटीएफ द्वारा किसी देश को ब्लैकलिस्ट करने का मतलब है कि उस देश के साथ आर्थिक मामलों में लेन देन करना सबसे जोखिम भरा है। हालांकि 'ग्रे-लिस्ट' काली सूची यानि ब्लैक-लिस्ट से बेहतर है जिससे पता चलता है वो देश धन शोधन और आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के लिए वांछित कदम उठा रहा है लेकिन अभी भी और बहुत कुछ करने की आवश्यकता...

‘मन की बात’ (9वीं कड़ी)

मेरे प्यारे देशवासियो, ये मेरा सौभाग्य है कि ‘मन की बात’ के माध्यम से मुझे कच्छ से लेकर कोहिमा, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, देश-भर के सभी नागरिकों को फिर एक बार नमस्कार करने का मौका मिला है | आप सबको नमस्कार | हमारे देश की विशालता और विविधता इसको याद करना, इसको नमन करना, हर भारतीय को, गर्व से भर देता है | और इस विविधता के अनुभव का अवसर तो हमेशा ही अभीभूत कर देने वाला, आनंद से भर देने वाला, एक प्रकार से, प्रेरणा का पुष्प होता है | कुछ दिनों पहले, मैंने, दिल्ली के हुनर हाट में एक छोटी सी जगह में, हमारे देश की विशालता, संस्कृति, परम्पराओं, खानपान और जज्बातों की विविधताओं के दर्शन किये | पारंपरिक वस्त्र, हस्तशिल्प, कालीन, बर्तन, बांस और पीतल के उत्पाद, पंजाब की फुलकारी, आंध्र प्रदेश का शानदार leather का काम, तमिलनाडु की खूबसूरत painting, उत्तर प्रदेश के पीतल के उत्पाद, भदोही (Bhadohi) की कालीन, कच्छ के copper के उत्पाद, अनेक संगीत वादय यंत्र, अनगिनत बातें, समूचे भारत की कला और संस्कृति की झलक, वाकई अनोखी ही थी और इनके पीछे, शिल्पकारों की साधना, लगन और अपने हुनर के प्रति प्रेम की कहानिय...

काली नहीं ग्रे: एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को एक और मौक़ा

जब वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक पिछले रविवार को पेरिस में शुरू हुई, तो दुनिया भर के 205 देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधियों के बीच, पाकिस्तान के ग्रे सूची से बाहर आने की संभावना के बारे में अटकलें लगाई जा रही रही थीं। अन्य मुद्दों के अलावा, एफएटीएफ ने पाकिस्तान और अन्य देशों द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग का मुकाबला करने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में प्रगति पर चर्चा की। ग्रे सूची में रखे गए देशों को इस वैश्विक वित्तीय प्रणाली के समक्ष एक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ती है। पाकिस्तान जून 2018 से निरंतर इसकी ग्रे लिस्ट में पड़ा हुआ है। 19 फरवरी, 2020 को बताया गया किया गया कि पाकिस्तान इस साल जून तक ग्रे सूची में बना रहेगा। यह निश्चित था क्योंकि 17 फरवरी को पाकिस्तान द्वारा प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट का अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) ने मूल्यांकन का कार्य कर, कथित तौर पर निष्कर्ष निकाला था कि पाकिस्तान ने आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद, जिसने नवंबर 200...

अशरफ़ ग़नी ने जीता अफ़्ग़ानिस्तान का राष्ट्रपति चुनाव

अफ़्ग़ानिस्तान में 28 सितंबर 2019 को ख़राब हालात में लड़े गए राष्ट्रपति चुनावों का परिणाम पाँच महीनों की देर के बाद 18 फ़रवरी को आया। पदासीन राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी को विजेता घोषित किया गया। हालांकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी डॉ. अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने चुनाव परिणाम मानने से इंकार कर दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर धोखेधड़ी का आरोप लगाया है और घोषणा की है कि वे नई सरकार का गठन करेंगे। मतदान कम हुआ था और जब आरम्भिक गणना में श्री ग़नी को बढ़त मिल रही थी तब विरोधियों ने मतदान के प्रतिशत पर विवाद किया और इसके परिणाम स्वरूप 15 प्रतिशत मतों की जाँच की गई। राष्ट्रपति ग़नी ने 50.64प्रतिशत मतों के साथ बहुत ही कम मतों के अंतर से चुनाव जीता। भारत ने अंतिम परिणामों की घोषणा किए जाने के बाद फिर से निर्वाचित होने के लिए राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी को बधाई दी है। भारत ने अफ़्ग़ानिस्तान के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के प्रति, नई सरकार के साथ मिलकर काम करते रहने के प्रति और बाहरी आतंकवाद से लड़ने में द्विपक्षीय सामरिक साझेदारी को मज़बूत करने में लोकतांत्रिक नीतियों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किय...

भारत तथा जर्मनी – एक बहुआयामी साझेदारी

भारत के विदेश मंत्री डॉ॰ एस॰ जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भागीदारी करने के लिए जर्मनी का दौरा किया | इस यात्रा के दौरान, डॉ॰ जयशंकर ने ओमान, स्पेन, कुवैत, अमरीका, सऊदी अरबिया तथा ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की | उन्होंने सिंगापुर, जर्मनी तथा बेल्जियम के रक्षा मंत्रियों के साथ भी मुलाक़ात की | उनकी बातचीत यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के साथ भी हुई | बाद में, विदेश मंत्री ने द्विपक्षीय सम्बन्धों तथा अन्य क्षेत्रीय और आपसी हितों के अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान और विस्तृत चर्चा करने के लिए बर्लिन का भी दौरा किया, जहां उन्होंने जर्मनी के विदेश मंत्री, हाइको मास तथा जर्मनी की रक्षा मंत्री सुश्री एनाग्रेट क्रैम्प-कर्रनबौर के साथ वार्ता की | भारत तथा जर्मनी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सशक्त द्विपक्षीय सम्बन्धों तथा अत्यधिक सहयोगपूर्ण साझेदारी को साझा करते हैं | इस परंपरा को जारी रखते हुए, भारत बहुपक्षवाद के लिए फ्रैंको-जर्मन प्रोन्नत गठबंधन से सार्थक रूप से जुड़ा हुआ है | इसकी घोषणा करते हुए डॉ॰ जयशंकर ने कहा कि आज बहुपक्षवाद राष्ट्रवाद तथा वाणिज्यवाद के का...

भारत द्वारा तुर्की के हस्तक्षेप की निंदा

हाल ही में, पाकिस्तान की यात्रा के दौरान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कश्मीर में मौजूदा स्थिति पर यह कहते हुए चिंता व्यक्त की कि तुर्की इस बात को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है कि “हाल ही में उठाये गये सभी कदमों के बावजूद इस क्षेत्र में स्थिति कठिन हालात में बदल गई है”। तुर्की, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के प्रासंगिक आधार और कश्मीरी लोगों की उम्मीदों के अनुरूप पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत के माध्यम से कश्मीर मुद्दे के निपटारे का पक्षधर है। उन्होंने कश्मीर के साथ तुर्की की "एकजुटता" व्यक्त की और कश्मीरी लोगों के "संघर्ष" की तुलना प्रथम विश्व युद्ध के दौरान विदेशी वर्चस्व के खिलाफ तुर्की की लड़ाई से की। कम से कम यह कहने के लिए आवश्यक है। भारत ने तुर्की के राष्ट्रपति की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए श्री एर्दोगन के विचारों के लिए उनके राजदूत को एक आपत्‍तिपत्र जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान के अनुसार, तुर्की के राष्ट्रपति की टिप्पणी में न तो इतिहास की समझ दिखाई देती है और न ही ये कूटनीति के कार्यशैली को दर्शाती है और उनका तुर्की के सा...

भारत-यूरोपीय संघ सामरिक भागीदारी में महत्ता

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद (FAC) के साथ चर्चा के लिए ब्रुसेल्स का दौरा किया। यह यात्रा, यूरोपीय मामलों और सुरक्षा नीति के लिए यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष श्री जोसेप बोरेल फोंटेलस के निमंत्रण पर हुई। दिसंबर 2019 में नए आयोग का कार्यभार संभालने के बाद यह भारतीय विदेश मंत्री की यूरोपीय संघ की पहली यात्रा थी। यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के 27 विदेश मंत्रियों द्वारा विदेश मामलों की परिषद का गठन किया जाता है। यह यूरोपीय संघ की विदेश नीति, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार, विकास सहयोग और मानवीय सहायता के विषय में विदेशों में की जाने वाली बाहरी कार्रवाई के लिए भूमिका निभाती है। डॉ. जयशंकर ने भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय और वैश्विक परिप्रेक्ष्य को विदेश मामलों की परिषद के साथ साझा किया। आदान प्रदान के दौरान लोकतंत्र, बहुपक्षवाद, नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, डब्ल्यूटीओ के साथ नियमों पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता और सतत विकास के साथ ही भारत और ...

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन 2020: मुख्य बिन्दु

56 वां म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन पिछले सप्ताह जर्मनी के म्यूनिख में हुआ। सम्मेलन में मुख्य रूप से "पश्चिमहीनता" की अवधारणा पर ध्यान केंद्रित किया गया जो पश्चिम के मतभेदों और अनिश्चितताओं के कारण उनके मूल्यों और रणनीतिक झुकावों में उभर कर आयी है। नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने सम्मेलन में संबोधन के दौरान कहा कि अमरीका अपने सहयोगियों और वैश्विक चिंताओं की अनदेखी कर रहा था। यूरोपीय भावनाओं को आश्वस्त करने की मांग करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि ट्रान्साटलांटिक गठबंधन खत्म होने को आवश्यकता से अधिक महत्व दिया गया। उनकी माने तो पश्चिम "जीत रहा था" और वास्तव में एक साथ जीत रहा था। उन्होंने कहा कि अमरीका यूरोप की सीमाओं की रक्षा करने में नाटो के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और साथ ही इस्लामिक स्टेट को हराने के लिए बहुराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है। उनके कथनों को जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर की प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा गया जिन्होंने कहा था कि अमेरिका ने "यहां तक कि एक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विचार" ...

भारत-पुर्तगाल सम्बंधों में नया अध्याय

पुर्तगाल के राष्ट्रपति, श्री मार्सेलो रेबेलो डी सूजा ने भारत की सफल यात्रा की। इस यात्रा का मुख्य उपलब्धि रही पारस्परिक रूप से लाभकारी मुद्दों को विस्तार से समाहित करने वाले  14  समझौता ज्ञापनों और अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर होना। इनमें समुद्री परिवहन और बंदरगाह विकास ,  स्टार्ट-अप ,  एयरोस्पेस ,  राजनयिक प्रशिक्षण ,  वैज्ञानिक अनुसंधान और सार्वजनिक-नीति के समझौते शामिल रहें। यह यात्रा पिछले तीन वर्षों में पूरी तरह से भारत-पुर्तगाल सम्बंधों के नये रूप में परिभाषित और रूपांतरित होने के साथ उनमें एक नई गतिशीलता का प्रतिबिंब है। यकीनन ,  भारत और पुर्तगाल दोनों अपने द्विपक्षीय सम्बंधों की पूर्ण क्षमता का फायदा उठाने के लिए एक दूसरे के यहां तेजी आ रहे परिवर्तन को लेकर पर दांव लगाते दिखाई देते हैं। भारत और पुर्तगाल के हित जहां एक हो जाते है आज ऐसी वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों की एक श्रृंखला मौजूद है। दुनिया में अप्रत्याशित और अस्थिर, गलत लाइनों का प्रवाह बना हुआ है। दिग्गज राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को स्थानांतरित करना ,  भू-आर्थिक और भू-रणनीतिक ...

संसद में इस सप्ताह

वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि विदेशी निवेशकों का भारत में भरोसा बना हुआ है। संसद में केन्द्रीय बजट 2020-2021 पर होने वाले विमर्श का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि फंड या धन विकास निवेश के लिए बैंक बेहतर सुविधाओं से लैस है उन्होंने बताया कि सरकार 2024-25 तक अवसंरचनात्मक विकास के लिए सरकार एक लाख करोड़ रूपये से अधिक का निवेश होगा। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तरक्की कर रही है। उन्होंने बताया कि वस्तु एंव सेवा कर राजस्व संग्रहण में धीरे-धीरे विकास हो रहा है। सुश्री सीतारमण ने कहा कि देश का सकल घरेलू उत्पाद 2014-15 में दो ट्रीलियन डॉलर से बढ़कर 2019-20 में 2.9 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं की बेहतरी के लिए बहुत से क़दम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक भरोसा मौजूद है और सरकार ने इसे मजबूत करने के लिए बहुत से उपाय किए हैं।  स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 हर्षवर्धन ने कहा कि देश कोरोनावायरस के ख़तरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस मुद्दे पर लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सभी ज़रूरी बचावकारी उपाय किए जा...

पाकिस्तान ने फिर खेला अपना खेल

पाकिस्तान की एक आतंकरोधी अदालत ने 2008 के मुंबई हमलों की साज़िश रचने वाले लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा जैसे पाकिस्तान आधारित आतंकी गुटों के सरगना हाफ़िज सईद को 11 बर्षों के लिए जेल भेज दिया है। आतंक वित्त पोषण के दो आरोपों की वजह से उसे जेल भेजा गया। पाकिस्तान के आतंकरोधी विभाग ने सईद के खिलाफ़ 23 एफआईआर दर्ज की हैं और साथ ही पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में आतंक वित्त पोषण में शामिल होने का आरोपी भी है।  पाकिस्तान सरकार के अभियोजक अल्दुल राउफ़ वाही ने कहा कि हाफ़िज सईद और उसके नज़दीकी साथी जफ़र इक़बाल को आतंक वित पोषण के दो मामलों में जेल भेजा गया है। दोनों मामलों में कुल 11 वर्षों की सजा थी लेकिन सईद जेल में साढ़े 5 साल बिताएगा क्योंकि दोनो मामले साथ-साथ चलेंगे। इसी बीच सईद के वकील इमरान गिल ने कहा कि हम इस फ़ैसले के खिलाफ़ अपील करेंगे।  भारत का कहना है कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर घोषित आतंकी हाफिज सईद को आतंक वित्त पोषण के मामले में जेल भेजे ये पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति लंबित ज़िम्मेदारी थी ताकि आतंकवाद को...