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Showing posts from April, 2019

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव-चीन का फैलता जाल

दूसरी बेल्ट एंड फोरम इनिशिएटिव की बैठक पिछले हफ़्ते बीजिंग में सम्पन्न हुई। इसमें 36 देशों के प्रमुखों ने भाग लिया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोश सहित लगभग 90 संगठनों के 5000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया, जिसमें, मीडिया,अकादमिक, कॉर्पोरेट सहित अन्य क्षेत्रों के लोग शामिल थे। इस बैठक में इन्डोनेशिया को छोड़कर सभी दक्षिण-पूर्व देश शामिल हुए। इसी तरह तुर्कमेनिस्तान को छोड़कर सभी मध्य एशियाई देश, 8 दक्षिण एशियाई देशों में 2 देश, पूर्व एशिया से मंगोलिया, पश्चिम एशिया से यूएई,रूस और अज़रबैजान समेत 12 यूरोपीय देश, 5 अफ्रीकी देश और एक लैटिन अमरीकी देश चिली इस बैठक में उपस्थित रहे। ब्रिक्स के 5 में से 3 देशों के अलावा अमरीका, इंग्लैंड, जर्मनी, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, टर्की सहित कई अन्य बड़े देशों ने बीआरआई की दूसरी बैठक से दूर रहकर अपना स्पष्ट संदेश दे दिया है। इस बैठक के एक दिन पहले चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव: प्रगति, योगदान एवं संभावनाओं पर एक आंकलन पत्र जारी किया था। मार्च 2015 में चीन ने एक श्वेत पत्र जारी किया था, जिसमें इस ...

कोरियाई प्रायद्वीप पर पुतिन-किम वार्ता

उत्तर कोरियाई नेता, किम जोंग-उन तथा रूस के राष्ट्रपति, व्लादिमीर पुतिन ने पूर्वी रूसी शहर व्लादिवोस्तोक में मुलाक़ात की | यह दोनों नेताओं के बीच की पहली बैठक थी | इस बैठक को एक महत्वपूर्ण बैठक कहा गया, क्योंकि मॉस्को तथा प्योंगयांग शीत युद्ध के समय के सहयोगी हैं तथा यह बैठक इसलिए हुई, क्योंकि रूस इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिशें तेज़ कर रहा है | उत्तर कोरिया तथा अमरीका के बीच के घटनाक्रमों के बाद रूस का पीछे हटते हुए प्रतीत होने के पश्चात इसने क्षेत्रीय पहेली में मॉस्को को एक बार फिर से ख़ुद को साबित करने का एक और अवसर प्रदान किया | जब राष्ट्रपति पुतिन तथा तथा उत्तर कोरियाई नेता किम की बैठक चल रही थी, ठीक उसी दौरान अमरीका तथा दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य अभ्यास भी चल रहा था, जिसे प्योंगयांग ने पसंद नहीं किया, हालांकि एक बड़े स्तर के वार्षिक साझा अभ्यास की तुलना में यह एक छोटा अभ्यास था, जिसका नाम “की रीज़ोल्व तथा फ़ोल ईगल” साझा सैन्य अभ्यास था | हनोई में एक गतिरोध के साथ उत्तर कोरिया तथा अमरीका के बीच वार्ता हुई और अमरीका ने प्योंगयांग पर नए प्रतिबंध लगाए | हाल के दिनों म...

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था संकट में

पाकिस्तान की स्थिति कुछ ठीक नहीं है | यहां की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से बेलआउट भी अभी तक नहीं मिल सका है | ऐसे में देश के वित्त मंत्री, असद उमर को इस्तीफ़ा देना पड़ा | हालांकि, इस्लामाबाद ने हालात को छुपाया | लेकिन सच्चाई यह है कि इमरान ख़ान सरकार का कार्यालय में एक वर्ष पूर्ण होने से पहले देश के वित्त मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा | इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में स्थितियां किस तरह से बिगड़ रही हैं | इस्लामाबाद आईएमएफ़ से 18 बिलियन अमरीकी डॉलर के एक बेलआउट प्राप्त करने के लिए आईएमएफ़ पर दबाव डाल रहा है | अगर यह अनुमोदित हो जाता है तो यह एक अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी से लिया गया लगातार 130 वां बेलआउट होगा |सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमारात तथा चीन ने पहले ही पाकिस्तान को 10 मिलियन अमरीकी डॉलर के सुलभ ऋण देने की पेशकश की है | विश्लेषकों का मानना है कि वाशिंगटन स्थित आईएमएफ़ को एक बेलआउट को अनुमोदित करने में दो महीने लग सकते हैं | हालांकि, यह आंकड़ा पाकिस्तान की मांग से कम हो सकता है | अटकलबाज़ी यह है कि बेलआउट पैकेज 8 से12 बिलियन अमरीकी डॉलर के बीच का हो सकता है ...

अमरीका-भारत संबंध और ईरानी छूट

इस सप्ताह के आरंभ में अमरीकी विदेश सचिव माइक पोम्पेओ ने घोषणा की कि अमरीका ईरान से तेल आयात संबंधी छूट का नवीनीकरण नहीं करेगा। इसका सबसे बड़ा असर भारत, चीन तथा अमरीका के घनिष्ठ मित्र जापान, दक्षिण कोरिया और तुर्की पर पड़ेगा। छूट प्राप्त करने वाले अन्य तीन देशों इटली, ग्रीस और ताइवान ने अपना आयात घटाकर शून्य कर दिया है। ईरान के साथ परमाणु संधि से अलग होकर अमरीका ईरान को आर्थिक और राजनयिक रूप से अलग थलग करने के प्रयास कर रहा है। भारत सहित अन्य देशों को नवम्बर 2018 में 180 दिनों की छूट प्रदान की गई थी। यह अवधि 2 मई को समाप्त हो रही है। अमरीका द्वारा इस तरह की घोषणा अप्रत्याशित नहीं है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस मुद्दे पर भारत अमरीका के साथ बातचीत कर रहा है। इस विषय में अमरीकी अधिकारियों के साथ लगातार वार्ता की जा रही है और भारत छूट जारी रखने की दिशा में भी सतत प्रयासरत है। वार्ता के साथ साथ भारत ईरानी तेल के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अन्य देशों से कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के ठोस उपाय किए ...

युक्रेन के इतिहास में नया अध्याय ,राजोर्षि रोय, शोध विश्लेषक, आईडीएसए

युक्रेन के उथल-पुथल भरे राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा बदलाव आया है। हास्य अभिनेता से राजनेता बने वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को देश के राष्ट्रपति चुनावों में भारी जीत मिली है। यहूदी वंशावली के मूल रूसी वक्ता ज़ेलेंस्की 73 प्रतिशत से अधिक मत जीतकर युक्रेन के सबसे युवा राष्ट्रपति बनेंगे। ज़ेलेंस्की के जीवन ने उन के कलात्मक जीवन का अनुसरण किया। उन्होंने एक चर्चित टेलिविजन धारावाहिक में सुधारवादी राष्ट्रपति की भूमिका निभाई थी और अब अपने ही देश के राष्ट्रपति बनने वाले हैं। राजनीति में नए होने के नाते जेलेंस्की ने केवल चार महीने पहले ही अपनी उम्मीदवारी का दावा किया था और देर से ही राजनीतिक दल का गठन किया। युक्रेन के चुनाव परिणाम राजनीति में आ रहे वैश्विक बदलावों को दर्शाते हैं कि किस तरह से राजनीतिक अनुभव ना रखने वाले उम्मीदवार स्थापित व्यवस्था के विरोध में और लोकप्रियता के बल पर विजेता होकर उभर रहे हैं। बदलाव और निरंतरता की बात करते हुए श्री ज़ेलेंस्की के चुनाव घोषणापत्र में सिर्फ़ घरेलू सुधारों पर ही ज़ोर नहीं दिया गया बल्कि अधिक संतुलित विदेश नीति पर भी ज़ोर दिया गया। इस में रूस के साथ सं...

चुनाव के तीसरे चरण में जमकर हुआ मतदान

तीन सौ से अधिक चुनाव क्षेत्रों में दुनिया की सबसे बड़ी चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भारत में चुनाव का तीसरा चरण पूरा होने के बाद भारतीय संसद के निचले सदन के लिए 116 प्रतिनिधि चुनने के उद्देश्य से मतदान किया गया। चुनाव के इस तीसरे चरण में 18.85 करोड़ में से छियासठ प्रतिशत ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। भारत के चुनाव आयोग ने प्रबंध किया था कि कुल सात चरणों में होने वाले लोक सभा चुनावों के तीसरे चरण का मतदान बिना किसी बाधा के पूरा हो। भारतीय मतदाता 543 सीटों में से 303 संसदीय चुनाव क्षेत्रों में अपना मतदान कर चुके हैं। चुनाव प्रचार की गहमा-गहमी में विभिन्न राजनीतिक दलों के मुख्य प्रचारक अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में ज़ोरदार प्रचार कर रहे हैं। मतदान के तीसरे चरण में 116 संसदीय चुनाव क्षेत्रों में 1640 उम्मीदवार मुक़ाबले में थे। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का चुनाव लड़ना निश्चित रूप से भारत के जीवंत और सहभागितापूर्ण लोकतंत्र का परिचय देता है। 66 प्रतिशत मतदान होना लोगों की लोकतंत्र में आस्था का पुख़्ता संकेत है। तीसरे चरण के मतदान में उत्साहित मतदाता 14 राज्यों और 2 केन्द्...

उत्तर कोरिया का हथियार परीक्षण : वाशिंगटन के लिए एक संकेत

गत सप्ताह डेमोक्रेटिक पीपल्स ऑफ़ कोरिया की आधिकारिक उत्तर कोरियाई न्यूज़ एजेंसी (केसीएनए) ने घोषणा की कि देश ने एक गाइडेड हथियार का परीक्षण किया है। जबकि यह स्पष्ट है कि यह परीक्षण परमाणु या अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) प्रकृति का नहीं था। केसीएनए ने कहा है कि यह एक अत्याधुनिक पर सामरिक गाइडेड मिसाइल थी। इसका अर्थ यह है कि इस हथियार की रेंज अमरीका तक पहुँच सकने जितनी नहीं हो सकती है। इस हथियार के परीक्षण के साथ, उत्तर कोरियाई सरकार ने उत्तर कोरियाई मुद्दे पर बातचीत करने वाले ट्रम्प प्रशासन के प्रतिनिधि के हवाले से अमरीका से विदेश मंत्री माइक पोंपियो को हटाने को कहा है। इस वक्तव्य से पता चलता है कि उत्तर कोरिया अमरीका से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। एक रचनात्मक संवाद में प्योंगयांग को शामिल करने की पेशकश करने को लेकर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया मंद तथा सतर्क रही है। जिससे यह संकेत मिलता है कि ट्रम्प प्रशासन द्वीपक्षीय वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतरते देखना पसंद नहीं करेगा। फरवरी 2019 में वियतनाम में आयोजित अमरीका-उत्तर कोरिया के दूसरे शिखर सम्मेलन की असफलता के बा...

श्रीलंका की शांति सिलसिलेवार बम धमाकों से बिखर गई

एक द्वीप राष्ट्र के गिरजाघरों में रविवार ईस्टर की शांत सुबह जो कुछ भी हुआ, उससे और उसकी गंभीरता से पूरी दुनिया परिचित है | सुबह के समाप्त होने के पहले श्रीलंका एक सिलसिलेवार घातक आतंकी हमलों का गवाह बना | इसकी शुरुआत राजधानी कोलंबो के एक गिरजाघर के एक बम धमाके से हुई | इस धमाके के कुछ मिनट बाद घटनास्थल से 250 किलोमीटर दूर बट्टीकलोआ के पूर्व के एक तटीय नगर के एक अन्य गिरजाघर में एक दूसरा धमाका हुआ | इन धमाकों के बाद कोलंबो के लग्ज़री होटलों तथा अन्य गिरजाघरों को निशाना बनाते हुए और बम धमाके हुए | इस द्वीप राष्ट्र में कैथोलिक समुदाय के लोग जब गिरजाघरों में ईस्टर की प्रार्थना कर रहे थे, तब ये धमाके हुए | ध्यातव्य है कि यहाँ की पूरी जनसंख्या में कैथोलिक समुदाय लगभग छह प्रतिशत है | छह घंटों की अल्पावधि में कुल मिलाकर आठ बम धमाके हुए | इन धमाकों में 290 से अधिक लोग मारे गए तथा लगभग 500 लोग घायल हुए हैं | इस तरह ये श्रीलंका का अब तक का सबसे घातक हमला था | इन हमलों में मरने वालों में छह भारतीय नागरिकों के अलावा यूरोप तथा अमरीका के कई नागरिक भी शामिल हैं | यह आतंकी हमला 26 नवंबर, 2008 में मुं...

भारत-अमरीका सम्बन्धों को सकारात्मक ग्रेडिंग

भारत में अमरीका के एक पूर्व राजदूत, रॉबर्ट ब्लैकविल ने विशेषकर भारत के मामले में अमरीकी राष्ट्रपति की नीति को लेकर किए गए अपने मूल्यांकन में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प को बी प्लस ग्रेड दिया है | इस मूल्यांकन का समय महत्वपूर्ण है | राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प अब कार्यालय में दूसरे सत्र के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं तथा पदस्थ भारतीय सरकार भी इसी कार्य में व्यस्त है | ब्लैकविल के नेतृत्व में विदेश मामलों की परिषद (सीएफ़आर) ने अपनी विशेष रिपोर्ट में कहा है कि ट्रम्प की विदेश नीति जैसी प्रतीत होती है, उससे कहीं अधिक बेहतर है | यह आगे कहती है कि भारत के साथ एक स्थिर तरीक़े से रणनीतिक सम्बन्धों को बढ़ावा देने का श्रेय राष्ट्रपति ट्रम्प को दिया जाना चाहिए | सामान्य तौर पर भारत की विदेश नीति तथा अमरीका के साथ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में इसकी उपलब्धियों पर भारतीय विद्वानों ने अमरीका के उलट एक निष्पक्ष राय दी है | इसके लिए भारत को ए ग्रेड मिलने की संभावना बहुत अधिक दिखती है | राजदूत ब्लैकविल की राय है कि भारत के साथ वाशिंगटन के रणनीतिक सम्बन्धों को और सशक्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को श...

बी.आर.आई. को भूटान का इन्कार।

भूटान ने बी.आर.आई. फोरम की दूसरी बैठक के बायकॉट का फैसला किया है। यह बैठक इसी महीने चीन की राजधानी बीजिंग में होनी है। थिम्फू ने अपने फैसले का कोई खास कारण स्पष्ट नहींकिया है। भूटान ने मई 2017 में हुई बी.आर.आई. फोरम की पहली बैठक का भी बहिष्कार किया था। उस वक्त भूटान ने कहा था कि बी.आर.आई. नई परियोजना है और उसके पास इससे जुड़ीविस्तृत जानकारी नहीं है। इसलिए उसने तफ्सीली जानकारी मिलने तक इन्तज़ार करने का फैसला किया। भूटान ने भारत द्वारा दूसरी बी.आर.आई. फोरम में भाग न लेने के फैसले के तीन दिन बाद यह घोषणा की। दूसरी तरफ, बांग्लादेश, मालदीव्स, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका समेत अन्य दक्षिणएशियाई मुल्कों ने बैठक में शुमारगी पर हामी भर दी है। भारत ने दोहराया है कि इस किस्म की सम्पर्क परियोजनाओं का खाका सर्वस्वीकृत अन्तर्राष्ट्रीय नियमों, सुशासन, कानून, पारदर्शिता औरसमानता के मानकों को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए। इनके अनुपालन में भी सहभागियों की सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखण्डता का ध्यान रखा जाए। बी.आर.आई. पर भूटान के फैसले से साफ है कि इस मामले में भारत और भूटान के हालात एक जैसे हैं। इससे यह ...

भारत ने सब-सोनिक क्रूज मिसाइल का किया सफल परीक्षण

भारत ने इस सप्ताह ओडिशा के परीक्षण रेंज से देश में निर्मित लंबी दूरी की सब-सोनिक क्रूज मिसाइल निर्भयका सफलतापूर्वक परीक्षण किया। निर्भय मिसाइल जमीन पर हमला करने वाली मिसाइल है, जो अपने साथ परमाणु बम ले जाने में सक्षम है और 1000 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है। निर्भय मिसाइल 0.7की मैक स्पीड से जा सकती है और लक्ष्य के 100 मीटर के दायरे को कवर करते हुए सटीक निशाना लगा सकती है। उत्कृष्ट तकनीकी से समृद्ध निर्भय मिसाइल कई मामलों में सक्षम है और यह पहले लक्ष्य को चिन्हित करती है उसके बाद बेहद तेज़ गति से निशाने पर वार करती है। इस मिसाइल का परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा, चाहे वह परीक्षण रेंज से उड़ने की बात हो या निशाने पर लगने की बात हो। इस मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों का उत्‍साह बढ़ा है। इस मिसाइल में रॉकेट बूस्टर और टर्बो फैन जट लगे हैं। यह जटिल मिसाइल परीक्षण बेहद नियत ढंग से पूरा किया गया। जिसमें परीक्षण के चरण से लेकर बूस्टर को अलग किए जाने, इंजन के चालू होने, विंग के अलग होने और अन्य सभी चरण शामिल हैं। मिसाइल ने चमत्कारिक रूप से निर्धारित रेंज को छुआ और लक्ष्य को भी साधा। इसकी निगरान...

विषय- सूडान संकट

सूडान में पिछले एक सप्ताह में जितने बदलाव देखने को मिले उतने बदलाव राष्ट्रपति उमर अल बशीर के शासन में बीते 3दशकों में नहीं हुए। राष्ट्रपति उमर अल बशीर कई महीनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद इस महीने की शुरुआत में अपदस्थ कर दिए गए। वर्ष 1989 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद बशीर ने अपना ऐसा रास्ता चुना कि वह संकट में घिरे सूडान के स्थाई तौर पर देश के शासक बने रहे। बशीर उस नागरिक युद्ध से बच निकलने में कामयाब हुए जिसमें सूडान ने अपना एक तिहाई भू-भाग और तीन चौथाई तेल का पैसा खो दिया, जब 2011 में दक्षिणी सूडान ने स्वतंत्रता हासिल की। बशीर ने दो दशकों से दुनिया में अलग-थलग पड़े होने को अपने राजनीतिक लाभ के रूप में इस्तेमाल किया और अपनी असफलताओं के लिए वैश्विक स्थितियों को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन उनके किए का फल उन्हें 11 अप्रैल को मिल गया, जब जनता ने उन्हें अपदस्थ कर दिया। इस समय ज्यादातर सूडानी नागरिकों के लिए अहम है कि सूडान की क्रांति को कैसे संरक्षित करें। खासकर उन नेताओं से जिन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए देश के नागरिकों और देश से समझौता किया। प्रदर्शनकारियों को कुछ शुरुआती सफलता भी मि...

पाकिस्तान में हजारा समुदाय की बदहाली

क्वेट्टा में हाल ही में हुए आतंकी हमले में 20 लोग मारे गए और 48 लोग घायल हुए थे। इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की बदहाल स्थिति को उजागर किया है और इससे निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले और हजारा समुदाय को व्यवस्थित ढंग से खत्म करने के रवैये का भी खुलासा हुआ है। हजारा समुदाय पर बढ़ते हमलों से यह सवाल उठने लगा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। कुछ मामलों में शिया और सुन्नी के आपसी टकराव बढ़े हैं जबकि अन्य मामलों में हजारा समुदाय को निशाना बनाकर व्यवस्थित ढंग से हमले किए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर हजारा समुदाय प्रांतीय और केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहा है। हजारा समुदाय की मांग मुख्यतः दो बिन्दुओं पर केंद्रित है। पहला- हजारा समुदाय के लोगों पर निशाना लगाकर किए जा रहे हैं हमलों के जिम्मेदार संगठनों, व्यक्तियों तथा आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनकी दूसरी मांग है- कि लंबे समय से किए जा रहे वादे के अनुरूप राष्ट्रीय कार्य योजना यानी नेशनल एक्शन प्लान लागू किया जाए। यह जानना जरूरी है कि यह हजारा समुदाय कौन है और क्यों यह पा...

बढ़ते तनाव के मध्य उत्तर कोरिया में फेरबदल

उत्तर कोरिया तथा अमरीका के बीच बढ़ते तनाव विशेषकर बिना किसी वक्तव्य के संक्षिप्त की गई हनोई वार्ता के बाद के परिदृश्य में प्योंगयांग में उत्तर कोरिया की 14वीं सुप्रीम पीपल्स असेंबली (एसपीए) का पहला सत्र देश के नेतृत्व के लिए एक बड़े फेरबदल का गवाह बना | उत्तर कोरिया के कई प्रतिष्ठित नेता बदले गए तथा अन्य नेता महत्वपूर्ण पदों पर प्रोन्नत किए गए | नए पद सृजित किए गए तथा 2018 के लिए देश के बजट और 2019 के लिए अनुमानित बजट को अनुमोदित किया गया | नव निर्वाचित प्रतिनिधियों ने राज्य नेतृत्व निकायों के राज्य मामलों के आयोग (एसएसी) के अध्यक्ष के चुनाव तथा समाजवादी संविधान के रूपान्तरण और न्यूनतापूरण को लेकर चर्चाएं कीं | ये वार्ता डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (डीपीआरके) की राजनीतिक व्यवस्था को पुनःपरिभाषित करने के लिए “राज्य सामान्यीकरण” की थीम पर फ़ोकस थी | किम जोंग-उन एसएसी के अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुने गए हैं तथा उन्हें “सभी कोरियाई लोगों के सर्वोच्च प्रतिनिधि” की नई उपाधि दी गई है | इसका अर्थ यह है कि वे पार्टी, राज्य तथा सेना के शीर्ष नेता बने रहेंगे | बहरहाल, वे इस सत्र में ...

आई॰एम॰एफ॰ ने भारत की आर्थिक विकास कथा की प्रशंसा की  

विगत पाँच वर्षों में भारत की औसत आर्थिक वृद्धि सात प्रतिशत से अधिक रही है | इस कारण भारत विश्व की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन सका है | बहुत से देशों की आर्थिक मंदी, वैश्विक निवेशों पर मंडरा रहे नकारात्मक जोखिम के ख़तरों, ब्रेग्जिट पर अनिश्चितताओं और व्यापार संरक्षणवाद के परिदृश्य में यह विकास कहीं अधिक प्रशंसनीय है | अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल ही में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में भारत की आर्थिक प्रगति की प्रशंसा की है तथा वित्त वर्ष 2019-2020 में 7॰3 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है | भारत के निवेशों में एक असाधारण वृद्धि की एक प्रबल संभावना से भी इसने इंकार नहीं किया है | आईएमएफ़ मुख्य रूप से भारत द्वारा विगत कुछ वर्षों में किए गए बड़े सुधारों को इस वृद्धि की वजह बताता है | जबकि, इस विकास को प्राप्त करते हुए भारत ने आश्वस्त किया है कि मुद्रास्फ़ीति नियंत्रण में है तथा राजकोषीय घाटा इस बजट में निर्धारित लक्ष्यों के अंतर्गत रह सकता है | भारत बड़े आर्थिक सुधार कर रहा है, देश तथा अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही स्तर पर व्यापार तथा आर्थिक पंडितों ने इसकी प्रशं...

पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों का वॉशिंगटन में विरोध-प्रदर्शन।

अमरीका में रहने वाले सैंकड़ों पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों ने हाल ही में वॉशिंगटन में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान में रहने वाले धार्मिक और अन्य अल्पसंख्यकों पर पिछले कई दशकों से जारी अत्याचारों की खिलाफत कर रहे थे। इन लोगों ने पाकिस्तान की सरकार द्वारा किए जा रहे शोषण का भी मुखर विरोध किया। इन प्रदर्शनकारियों में भारत से पाकिस्तान गए शरणार्थियों यानि मुहाजिरों, बलूचों, पश्तूनों और दूसरे धर्मों के अल्पसंख्यक शामिल थे। मोहाजिर ग्रुप और मुत्तहिदा कौमी मूवमेण्ट, यू.एस.ए. के प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी मीडिया से बातचीत में बताया कि पाकिस्तानी सेना अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की बहुत से घटनाओं में शामिल रही है। इसके चलते हर दिन अल्पसंख्यकों के मारे जाने या ग़ायब होने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक वे पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों के तौर पर व्हाइटहाउस और मुख्तलिफ मानवाधिकार संगठनों के सामने अपनी आवाज़ बुलन्द करना चाहते हैं। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और दूसरे मजलूमों पर जुल्म के खिलाफ अन्तर्राष्ट्रीय मदद की गुज़ारिश की। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक पाकिस्तान में अनेक समूह ...

जलियाँवाला बाग नरसंहार की सौवीं वर्षगाँठ।

इस साल 13 अप्रैल को जलियाँवालाबाग नरसंहार के सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस घटना को भारतीय इतिहास के सबसे दर्दनाक वाकये के तौर पर जाना जाता है। इस दिन अमृतसर के सार्वजनिकपार्क ‘जलियाँवालाबाग’ में शान्तिपूर्ण सभा कर रहे तकरीबन 1हज़ार निरपराध स्त्री, पुरुषों और बच्चों को बेहरमी से गोलियाँ चलाकर मार डाला गया था। इस हत्याकांड को ब्रिटिश पुलिसअधिकारी कर्नल डायर ने अंजाम दिया था। आज पूरी दुनिया अमानवीयता की हदें पार कर देने वाले दुखद हत्याकाण्ड के शहीदों को याद कर रही है। इस नरसंहार से ब्रिटिश भारत में मानवाधिकारों की स्थिति का पता लगता है। इसघटना की बर्बरता ने ब्रिटिश राजनीति को भी सहमा दिया था। 1920 में हाउस ऑफ़ कॉमन्स में इस हत्याकांड पर बहस हुई। जिसमें भाग लेते हुए सर विस्टन चर्चिल ‘जिन्हें भारतीय स्वाधीनतासंग्राम के प्रबल शत्रु के तौर पर देखा जाता है’ ने भी इसे राक्षसी घटना कहा, जिसका पूरी दुनिया के इतिहास में कोई सानी नहीं है। भारत के राष्ट्रकवि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर, जिन्हें 1913 में साहित्य का नॉबेल पुरस्कार जीतने पर ब्रिटिश सरकार ने नाइटहुड की उपाधि से नवाजा था; ने इस घटना के बाद य...

भारत में लोकतंत्र का पर्व शुरू

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक कार्यक्रम की भारत में शुरुआत हो गई है। आम चुनावों का आगाज़ कल हुआ, जो करोड़ों की आबादी वाले इस देश का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा चुनाव है। पहले चरण में 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 91 लोकसभा संसदीय क्षेत्रों के लिए वोट डाले गए। इस दौरान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर बड़े पैमाने पर चुनाव शांतिपूर्ण रहा। पहले चरण में 1279उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम मशीनों में कल बंद हुआ। भारत में आम चुनाव दुनिया के सबसे बड़े चुनाव में से एक है, जिसे भारत गर्व के साथ लोकतंत्र का उत्सव कहता है। इस तथ्य को इस बात से समझा जा सकता है कि भारत में इस समय कुल 900 मिलियन योग्य मतदाता हैं, जिनमें से 140 मिलीयन मतदाता पहले चरण में मतदान के योग्य थे। 900 मिलीयन यानी अमरीका की कुल आबादी से भी 3 गुना अधिक। लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओड़ीशा के विधानसभा चुनाव भी हुए। सबसे अधिक मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राज्य में 81% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पश्चिम बंगाल में मुकाबला राज्य की सत्ताधारी तृण...

चीन की सड़क परियोजनाओं पर भारत अपने रुख पर कायम

भारत ने इस महीने के आखिर में चीन में होने जा रहे बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव यानि बीआरआई में शामिल होने के लिए चीन के न्योते को अस्वीकार कर दिया है। यह दूसरा मौका है जब भारत ने बीआरआई में भाग लेने के लिए निमंत्रण को ठुकराया है। इससे पहले वर्ष 2017 में बीआरआई आयोजन में शामिल होने के लिए भारत को आमंत्रित किया गया था। दूसरे बीआरआई सम्मेलन में दुनिया के लगभग 100 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले सकते है इसमें 40 देशों के मुखिया हो सकते हैं। भारत का इस पर सख़्त रुख है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के कुछ भागों से होकर गुजरता है जिस पर अनधिकृत रूप से पाकिस्तान का कब्ज़ा है। यह दर्शाता है कि चीन अपने महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड कार्यक्रम में भारत की संप्रभुता और इसके भू भाग की चिंताओं को दरकिनार किया है। भारत ने इस संबंध में अपनी चिंताएँ विभिन्न अवसरों पर चीन के सामने रखी हैं। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा एक ऐसा बुनियादी ढांचागत परियोजना है जो चीन-पाकिस्तान के मजबूत होते आर्थिक सम्बन्धों को दर्शाती है। यह गलियारा चीन के जिनजियांग प्रांत और पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित ग्वाद...

भारत ने श्रीलंका के साथ रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाया

भारत के रक्षा सचिव, संजय मित्रा ने श्रीलंका की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की | इस यात्रा के दौरान उन्होंने श्रीलंका के रष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना, श्रीलंका के रक्षा सचिव, हेमासिरी फर्नांडो तथा चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़, एडमिरल रवीन्द्र विजेगुनारत्ने से मुलाक़ात की | इस यात्रा के दौरान, मानव तस्करी तथा ड्रग स्मगलिंग जैसे ग़ैर परंपरागत सुरक्षा मुद्दों के साथ निपटने में सहयोग करने समेत दोनों देशों ने अपने क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर सहमति जताई | श्रीलंका के सशत्र बलों का प्रशिक्षण तथा क्षमता वर्धन दोनों देशों के बीच सहयोग का मुख्य क्षेत्र रहा है | इस मामले में दोनों देश श्रीलंका से प्रशिक्षण कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर सहमत हुए | यात्रा के हिस्से के रूप में, भारतीय शिष्टमंडल ने 6वें भारत-श्रीलंका रक्षा संवाद में भागीदारी किया | यह संवाद 2012 से दोनों देशों के बीच सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग के मुद्दों की समीक्षा करने का एक मंच बन चुका है | भारत पड़ोसी देशों के साथ “पड़ोस पहले” की अपनी रणनीति तथा श्रीलंका में परिवर्तित राजनीतिक तथा सुरक्षा वातावरण के हिस्से के रूप में अपने क्षेत्रीय सुरक...

पाकिस्तान की ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयानबाज़ी

ऐसा लगता है कि पाकिस्तान में एक अजीब खेल खेला जा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मुल्तान में भारत पर ये कहते हुए बेतुका आरोप लगाया है कि पुलवामा के बाद दोनों देशों के बीच अभी भी व्याप्त तनाव के बीच भारत आने वाले दिनों में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कोई बड़ा क़दम उठा सकता है। भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के इस ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और बेतुके बयान का खंडन किया है। एक कड़ी प्रतिक्रिया में भारत ने कहा कि ये चाल पाकिस्तान आधारित आतंकवादियों के लिए एक इशारा लगती है कि वे भारत पर आतंकी हमला करें। नई दिल्ली ने आगे कहा कि पाकिस्तान को हमारे क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले सीमा-पार आतंकवाद के मुख्य मुद्दे से लोगों को भटकाने के लिए बेबुनियाद वक्तव्य देने की बजाय अपने सभी भू-भागों से संचालित होने वाले आतंक के ख़िलाफ़ विश्वसनीय और मज़बूत क़दम उठाने की ज़रूरत है। जनाब क़ुरैशी का ये अजीब बयान वर्तमान समय में सत्ताधारी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ में फैली गड़बड़ी का नतीजा हो सकता है। ऐसी ख़बरे हैं कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बहुत से मुद्दों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ...

मालदीव में तीसरा बहु-दलीय संसदीय चुनाव

राष्ट्रपति चुनावों के 6 महीने बाद पिछले शनिवार मालदीव में तीसरे बहुपक्षीय संसदीय चुनावों का आयोजन किया गया। मालदीव की डेमोक्रेटिक पार्टी ने 87 सीटों में से 67 सीटें जीत कर संसद में बहुमत हासिल किया। एमडीपी को माले शहर, आदु और फुवामुलाह में अधिकतर सीटें हासिल हुईं। मालदीव में 2008 में लोकतांत्रिक बहुदलीय व्यवस्था शुरू होने के बाद से ये किसी भी दल द्वारा जीती गई सबसे अधिक सीटे हैं। सितंबर 2018 में राष्ट्रपति चुनावों के दौरान एमडीपी, अदालथ पार्टी, जम्हूरी पार्टी और मौमून रिफ़ोर्म मूवमेंट ने संयुक्त गठबंधन तैयार किया था लेकिन संसदीय चुनावों में इन्होंने अलग-अलग चुनाव लड़ा क्योंकि सीटों के बँटवारें पर इनकी आम सहमति नहीं बन पाई। मौमून रिफ़ोर्म मूवमेंट ने बीस सीटों पर स्वतंत्र उम्मीदवारों का समर्थन किया था। इन में से एक ही उम्मीदवार को जीत हासिल हुई। नौ सीटों से लड़ने वाले एपी दल को एक भी सीट नहीं मिली। विपक्षी दल प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ़ मालदीव के साथ चुनावी गठबंधन तैयार करने वाले जेपी ने 41 सीटों से चुनाव लड़ा था जिन में से इसे पाँच सीटें मिलीं। भारी जीत के बावजूद एमडीपी से संबंधित राष्ट...

तीव्र भूख से विश्व के लगभग 100 मिलियन लोग अभी भी प्रभावित

खाद्य असुरक्षा एक वैश्विक चुनौती बनी हुई है | बढ़ती जनसंख्या, बढ़ती आय, बदलते आहार, घटते जल स्तर, अधिक भोजन रहित दिन, धीमी सिंचाई, मिटटी कटाव में वृध्दि, जलवायु परिवर्तन तथा पिघलते जल संचय सभी ने खाद्य असुरक्षा को बढ़ाया है | उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भी विशेष रूप से इसी प्रकार की समस्याएं हैं | ऐसे समय में जब विश्व भर में उपजाए जाने वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा सभी का पेट भरने के लिए पर्याप्त है, फिर भी, विडम्बना यह है कि खाद्य-असुरक्षित लोगों की संख्या बहुत अधिक है | भूख तथा निर्धनता की समस्या कम करने तथा खाद्य सुरक्षा और आहार-पोषण बढ़ाने की दिशा में बहुत प्रगति हुई है | उत्पादकता में वृद्धि तथा तकनीकी उन्नति ने संसाधनों का अधिक कुशलता से प्रयोग करने तथा खाद्य सुरक्षा को दुरुस्त बनाने में योगदान दिया है, लेकिन मुख्य चिंताएं उसी तरह बनी हुई हैं | खाद्य संकट पर हाल की वैश्विक रिपोर्ट कहती है कि 2018 में विश्व के अत्यधिक खाद्य संकट से ग्रस्त 53 देशों के 113 मिलियन लोगों ने खाद्य असुरक्षा झेली | इसके अलावा, रिपोर्ट कहती है कि अन्य 42 देशों के अतिरिक्त 143 मिलियन लोग तीव्र भुकमरी का सामन...

पाकिस्तान में गहराता राजनीतिक मतभेद

पाकिस्तान में सत्तारूढ़ पार्टी ‘तहरीक ए इन्साफ’ यानि पी.टी.आई. के भीतर सुलगता मतभेद अब सतह पर आने लगा है। इसके दो धड़ों; जिनमें से एक की कमान विदेशमन्त्री शाह महमूद कुरैशी और दूसरे की अगुवाई जहाँगीर तरीन के हाथ में है; के बीच की कड़वाहट ट्विटर पर साफ देखी जा सकती है। खास बात है कि ये दोनों धड़े पाकिस्तान के सबसे बड़े और अहम हिस्से; पंजाब से जुड़े हैं और वहाँ की सियासत पर दबदबा कायम करना चाहते हैं। कुरैशी पंजाब के मुख्यमन्त्री बनाना चाहते थे, पर सलमान नईम से चुनाव हार गए। सलमान नईम कभी पी.टी.आई. का खास चेहरा हुआ करते थे, लेकिन पार्टी द्वारा कुरैशी को उम्मीदवार बनाए जाने से खफा होकर निर्दलीय चुनाव में उतरे और जीत गए। दूसरी तरफ, जहाँगीर तरीन को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने आचार संहिता के उल्लंघन की वजह से चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दे दिया था। हाल ही में प्रधानमन्त्री और पी.टी.आई. के अध्यक्ष इमरान खान की सहमति से जहाँगीर तरीन को सरकार में अहम मुकाम अदा किया गया। उन्होंने न केवल केबिनेट की बैठक में शिरकत की; बल्कि सरकार का हिस्सा न होते हुए भी मन्त्रियों को खेती के हालात पर दिशानिर्देश भी दिए। इस...