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Showing posts from December, 2020

भारत ने आखों के कैंसर के उपचार में उपलब्धि हासिल की 

भारत ने आखों के कैंसर के उपचार में आधुनिक तकनीक विकसित कर ली है। ये सामान्य लोगों के लिए बड़ा वरदान साबित होगा। ये तकनीक बहुत महंगी भी नहीं है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई ने ऑक्यूलर ट्यूमर के उपचार के लिए पहले भारतीय रूथेनियम 106 प्लाक के रूप में आखों के कैंसर का उपचार तलाश लिया है। आखों के ट्यूमर को ऑक्यूलर ट्यूमर भी कहा जाता है। कोशिकाओं के ऐसे संग्रहण को ट्यूमर कहा जाता है। जो बेहद हानिकारक हो सकता है। आखों के ट्यूमर में मेटास्टैटिक सबसे सामान्य ट्यूमर है। ये दूसरे दर्जे के ऐसे ट्यूमर होते हैं जो शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में कैंसर रोग फैलाते हैं। आम तौर पर ये फेफड़ों, छाती, आतों और पौरुष ग्रंथियों या प्रोस्टेट को प्रभावित करते हैं। इसके अतिरिक्त ऑक्यूलर मेलानोभा सामान्य तौर पर ऐसा बड़ा ट्यूमर होता है, जो आखों को प्रभावित करता है। इसे यूवियल या रंजितपटल संबंधी ट्यूमर भी कहा जाता है। ये आखों में रंग वाली कोशिकाओं से बनते और तीन प्रमुख हिस्सों को प्रभावित करते हैं इन तीन हिस्सों को मिलकर ही युविया बनता है। केंद्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व...

भारत और क़तर ने द्विपक्षीय संबंध फिर मज़बूत किए

क़तर खाड़ी क्षेत्र में एक ऐसा महतवपूर्ण देश है, जिसके पारम्परिक रूप से भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध हैं। ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और विदेशों में रहने वाला भारतीय समुदाय इन द्विपक्षीय संबंधों का आधार है। क़तर भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है और भारत के लिए एलएनजी (LNG) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। सन 2004 में भारत ने क़तर के साथ 7.5 मिलियन टन एलएनजी (LNG) के सालाना आयात का 25 साल के लिए समझौता किया था। 2015 में जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल की कीमतें कम हुईं तब बाज़ार की बाध्यताओं को ध्यान में रखते हुए दोहा ने एलएनजी (LNG) की क़ीमतों में कमी करने का भारत का अनुरोध स्वीकार किया था। इसमें भारत के ऊर्जा क्षेत्र में क़तर की स्थिति और मज़बूत हो गई। भारत क़तर से सर्वाधिक एलएनजी(LNG) आयात करने वाला दुनिया का दूसरा देश है। इस तरह ये क़तर की अर्थव्यवस्था में भी योगदान कर रहा है। क़तर दुनिया में भारत के पहले 25 व्यापारिक साझेदारों में से एक है। 2019-20 में क़तर के साथ भारत का व्यापार 10.95 अरब अमरिकी डॉलर था। ये संयुक्त अरब अमारात और सऊदी अरब के बाद खाड़ी सहयोग परिषद् देशों में...

पाकिस्तान लगातार आतंकवाद की राह पर

मुम्बई पर हुए 26/11 के हमले की साज़िश रचने वाले हफीज सईद को पाकिस्तान की एक आतंकविरोधक अदालत ने आतंक को वित्तीय मदद देने के आरोप में 15 वर्ष की सज़ा सुनाई है। आतंक को वित्तीय मदद के आरोप में उसे कई मामलों का दोषी ठहराया गया था। पिछली और अबकी कुल सज़ा की अवधि 36 साल होगी। भारत के विरुद्ध आतंक के ज़रिए आक्रामक कार्रवाई करने का प्रमुख षडयंत्र कारी हाफिज सईद ही है। उसका गुट लश्कर-ए-तैयबा बरसों से जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदातें करता रहा है। सईद को दोषी साबित करने का मामला वित्तीय कार्रवाई कार्यबल के सन्दर्भ में देखना होगा। पाकिस्तान ‘ग्रे लिस्ट’ से बाहर आने का प्रयास करता रहा है, लेकिन नाकाम रहा है। फ़रवरी 2021 में वित्तीय कार्रवाई कार्यबल FATF के पूर्ण सत्र की बैठक है। ऐसे में पाकिस्तान दिखावे की जल्दबाज़ी में है कि उसने आतंक फैलाने वाले नेटवर्कों के विरुद्ध कार्रवाई की है। इसलिए उसने हाफिज सईद की अगुवाई वाले गुट पहले भी प्रतिबंधित किये हैं। लेकिन ऐसे तमाम गुट विभिन्न नामों से फिर उठ खड़े हुए और आतंकी गतिविधियों में फिर लग गए।  लेकिन उधर सिंध उच्च न्यायालय ने अहमद उमर सईद शेख की रिहाई का आदे...

मन की बात’ (19वीं कड़ी)

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | आज 27 दिसम्बर है | चार दिन बाद ही 2021 की शुरुआत होने जा रही है | आज की ‘मन की बात’ एक प्रकार से 2020 की आख़िरी ‘मन की बात’ है | अगली ‘मन की बात’ 2021 में प्रारम्भ होगी | साथियो, मेरे सामने आपकी लिखी ढ़ेर सारी चिट्ठियाँ हैं | Mygov पर जो आप सुझाव भेजते हैं, वो भी मेरे सामने हैं | कितने ही लोगों ने फ़ोन करके अपनी बात बताई है | ज्यादातर संदेशों में, बीते हुए वर्ष के अनुभव, और, 2021 से जुड़े संकल्प हैं | कोल्हापुर से अंजलि जी ने लिखा है, कि नए साल पर, हम, दूसरों को बधाई देते हैं, शुभकामनाएं देते हैं, तो इस बार हम एक नया काम करें | क्यों न हम, अपने देश को बधाई दें, देश को भी शुभकामनाएं दें | अंजलि जी, वाकई, बहुत ही अच्छा विचार है | हमारा देश, 2021 में, सफलताओं के नए शिखर छुएँ, दुनिया में भारत की पहचान और सशक्त हो, इसकी कामना से बड़ा और क्या हो सकता है | साथियो, NamoApp पर मुम्बई के अभिषेक जी ने एक message पोस्ट किया है | उन्होंने लिखा है कि 2020 ने जो-जो दिखा दिया, जो-जो सिखा दिया, वो कभी सोचा ही नहीं था | कोरोना से जुड़ी तमाम बातें उन्होंने लिखी हैं | इन चिट्ठिय...

नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल

नेपाल की प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए संसद को 5 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने से लगभग 2 वर्ष पहले ही भंग करने की सिफारिश कर हिमालयी राष्ट्र को अस्थिर परिस्थितियों में लाकर खड़ा कर दिया है। सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल के नेतृत्व वाला विरोधी गुट प्रधानमंत्री के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहाता रहा है। इस गुट के आरोप हैं कि उनकी कार्य प्रणाली निरंकुश है, शासन व्यवस्था खराब है और कोविड-19 महामारी की गंभीर स्थिति से प्रभावी ढंग से मुक़ाबला करने में वह सक्षम नहीं हैं और भ्रष्टाचार को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। अपनी कैबिनेट की आपात बैठक के बाद श्री ओली ने राष्ट्रपति बिद्या देवी भण्डारी से प्रतिनिधि सभा को भंग करने और 30 अप्रैल तथा 10 मई, 2021 को नए सिरे से चुनाव कराने की सिफारिश की, जिसपर राष्ट्रपति ने तत्काल अपनी स्वीकृति दे दी। दहल गुट के सात केंद्रीय मंत्रियों ने मंत्रिमंडल के इस फैसले का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। संसद को भंग किए जाने के इस निर्णय को देश की सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी गई ह...

भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम नए मुकाम हासिल करने को तैयार

भारत ने इस साल अंतरिक्ष में अपने संचार उपग्रह सीएमएस-01 को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के माध्यम से स्थापित करने में सफल रहा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने पीएसएलवी के द्वारा आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के द्वितीय लांच पैड से हाल ही में यह उपग्रह प्रक्षेपित किया। यह उपग्रह अपने लॉंच के 20 मिनट के भीतर ही जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित हो गया। यह उपग्रह 2011 में भेजे गए जीसेट-12 उपग्रह का स्थान लेगा। सीएमएस-01 भारत का 42वां संचार उपग्रह है। यह जीसेट और इनसेट श्रृंखला के बाद संचार उपग्रहों के क्षेत्र में नई श्रृंखला का उपग्रह है। इस साल यह इसरो का तीसरा प्रक्षेपण था। कोविड-19 महामारी के चलते इसरो के कई अंतरिक्ष अभियानों में विलंब हुआ जिसमें मानव रहित अभियान गगनयान भी शामिल है। इस साल महामारी से पहले तक भारत ने एकमात्र अंतरिक्ष मिशन पूरा किया था और जीसेट-30 उपग्रह प्रक्षेपित किया गया था। जीसेट-30 उपग्रह इस साल जनवरी में फ्रेंच गुयाना के एरियनस्पेस कोरू अंतर्राष्ट्रीय प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित किया गया था। महामारी के बावजूद इसरो ने इस साल नवंबर महीने मे...

प्रधामन्त्री मोदी अमरीका के लीजन ऑफ़ मेरिट अवॉर्ड से सम्मानित हुए

राजनय की दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी की नवोन्मेषी, मौलिक तथा रचनात्मक पहल ने उन्हें अमरीका के “लीजन ऑफ़ मेरिट अवॉर्ड” के रूप में एक प्रतिष्ठा दिलाई है| अमरीका के राष्ट्रपति, डॉनल्ड ट्रम्प ने उन्हें यह पुरस्कार दिया| इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरबिया, संयुक्त अरब अमारात, रूस, मालदीव तथा फ़िलिस्तीन व्यवस्था के सम्मान से पहले ही सम्मानित हो चुके हैं| ये सभी पुरस्कार वैश्विक मामलों में भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा निभाई गई भूमिका तथा व्यापक स्तर पर फैले संघर्ष, युद्ध, आतंकवादी गतिविधियों तथा कई अन्य चुनौतियों के बीच में शांति तथा स्थिरता को बढ़ावा देने में उनके अनवरत प्रयास के प्रति अंतर्राष्ट्रीय स्वीकृति है| भारत-अमरीका की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका के कारण उन्हें “लीजन ऑफ़ मेरिट अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया है|जबकि, भारत तथा अमरीका के बीच की रणनीतिक द्विपक्षीय साझेदारी पूर्व राष्ट्रपति, बिल क्लिंटन की मार्च 2000 में भारत की यात्रा तथा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा एक विज़न स्टेटमेंट पर हस्ताक्षर किए जाने के बा...

भारत की एक्ट ईस्ट नीति का वियतनाम अहम स्तंभ

भारत और वियतनाम के संबंधों को और बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके वियतनाम के समकक्ष न्गुयेन जुआन फुक ने एक वर्चुअल सम्मेलन में भाग लिया। भारत और वियतनाम की अपने मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों के बारे में, दक्षिण चीन सागर में हिन्द-प्रशांत क्षेत्र की गतिविधियों और भारत-चीन सीमा पर नियंत्रण रेखा के बारे में निजी अनिवार्यताएँ हैं और द्विपक्षीय संबंधों के अपने अलग सामरिक आयाम हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वियतनाम को भारत की पूर्व की ओर देखो या एक्ट ईस्ट नीति का एक अहम स्तंभ और नई दिल्ली के हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण साथी कहा है। उन्होंने ये भी कहा कि भारत वियतनाम के साथ अपने संबंधों को दीर्घकालीन और सामरिक महत्व की दृष्टि से देखता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सम्पन्नता हमारे साझे लक्ष्य हैं और हमारा योगदान इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण चीन सागर मे चीन के आक्रामक रवैए के संदर्भ में ये बात कही जहाँ वियतनाम का हित दांव पर है। प्रधानमंत्री मोदी की भावना...

रक्षा क्षेत्र में भारत आत्म-निर्भरता की ओर अग्रसर

घरेलू उद्योग से 27,000 करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा उपकरण की ख़रीद संबंधी रक्षा अधिग्रहण परिषद (डी॰ए॰सी॰) का अनुमोदन निश्चित रूप से सरकार के ”मेक इन इंडिया” तथा “आत्मनिर्भर भारत” को बढ़ावा देगा| 12 मई को प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए आह्वान किया| 16 मई को वित्त मंत्री, निर्मला सीतारामन ने परवर्ती विशिष्ट-रक्षा सुधारों की घोषणा की| फ़रवरी महीने में प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में 11वें रक्षा एक्स्पो के उदघाटन पर अगले पाँच वर्षों में भारत के रक्षा निर्यातों के लिए 5 बिलियन अमरीकी डॉलर का लक्ष्य निर्धारित किया था| उन्होंने देश में निवेश करने के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित किया, जो निवेश पर अच्छे लाभ तथा एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को रक्षा विनिर्माण में आत्म-निर्भर बनाने संबंधी दोहरे उद्देश्यों को साकार करेगा| सरकार जिस गंभीरता के साथ रक्षा सुधारों पर ध्यान दे रही है,उसे लेकर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए| इन सुधारों का उद्देश्य भारत के विशाल रक्षा आयात बिल में कटौती करना है| भारत रक्षा विनिर्माण में आत्म-निर्भर बनने का लक्ष्य बना रहा है, क्योंकि महंगे ह...

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश उद्यमियों और सम्पत्ति सृजकों के साथ है

भारत का आत्मनिर्भर होने का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब उद्योगपति सरकार द्वारा तैयार किए गए उद्योग के माहौल का पूरी तरह लाभ उठाएँगे। आज सरकार द्वारा विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की मदद से कृषि और श्रम क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों की वजह से तैयार हुए सकारात्मक माहौल का औद्योगिक समुदाय को भरपूर उपयोग करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत सप्ताहांत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल या एसोचैम के स्थापना सप्ताह के दौरान अपने संबोधन में इन विषयों पर ज़ोर दिया। भारत के एक उच्च व्यापार संगठन की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश उद्यमियों और संपत्ति सृजकों के साथ है और उनकी प्रगति की कोई सीमा नहीं है। लेकिन संपत्ति सृजन तभी संभव है जब युवा प्रतिभाओं और महिलाओं को शामिल करते हुए उद्योगों में सुधार किए जाएं और जब अपनी कार्य संस्कृति में मुनाफ़ा साझा करने वाली दुनिया की कोर्पोरेट व्यवस्था को शामिल किया जाए। प्रधानमंत्री ने टाटा समूह के अध्यक्ष श्री रतन टाटा को एसोचैम एंटरप्राइज ऑफ दी सेंचुरी अवॉर्ड भी प्रदान किया। निश्चित रूप से ये सम्मान एक प्रतीक है ...

भारत और बांग्लादेश का आभासी सम्मेलन

भारत और बांग्लादेश का वर्चुअल या आभासी सम्मेलन एक और ऐसा सफल प्रयास रहा जिसने दो पड़ौसी देशों के बीच साझे और गहरे संबंध को और घनिष्ठ बना दिया है। 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाने के ठीक एक दिन बाद ये बैठक आयोजित की गई। इसी दिन 1971 में बांग्लादेश ने पाकिस्तान से मुक्ति की लड़ाई जीती थी। मुक्ति युद्ध को याद करना पचास साल पुराने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों का एक मुख्य बिंदु है। ग़ौरतलब है कि कोविड-19 महामारी फैलने की वजह से प्रधानमंत्री मोदी की मार्च 2020 में ढाका की नियोजित यात्रा रद्द कर दी गई थी। उसके बाद से ये दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक थी। इस बैठक से पहले भारत और बाग्लादेश ने नई दिल्ली संग्रहालय और बंगबंधु संग्रहालय के बीच सहयोग के लिए, हाइड्रोकार्बन, कृषि, उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजना, सीमा पार हाथी संरक्षण और बारिशल में निकासी परियोजना के लिए कचरा प्रबंधन उपकरण प्राप्त करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते के लिए परस्पर सहयोग के उद्देश्य से सात सहमति ज्ञापन समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। वर्चुअल बैठक के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से शेख़...

प्रधानमंत्री ने कहा कि अन्तरिक्ष क्षेत्र खुलने से बहुत अधिक अवसर पैदा होंगे

प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने अन्तरिक्ष गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्य उद्योगों, स्टार्ट-अप्स तथा अन्तरिक्ष क्षेत्र के शैक्षणिक समुदाय के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया| प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अन्तरिक्ष क्षेत्र को खोलने के लिए जून 2020 में ऐतिहासिक निर्णय लिया तथा सम्पूर्ण अन्तरिक्ष गतिविधियों में भारतीय निजी क्षेत्र की भागीदारी को अधिकार दिया| भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आई॰एन॰-एस॰पी॰ए॰सी॰ई॰) की उत्पत्ति के साथ, ये सुधार निजी कंपनियों तथा स्टार्ट-अप्स को अपनी गतिविधियां बढ़ाने के लिए एक स्तर प्रदान करेंगे| इस क़दम के बाद, कई कंपनियों ने अन्तरिक्ष विभाग के अंतर्गत आई॰एन॰-एस॰पी॰ए॰सी॰ई॰ के साथ प्रस्ताव जमा कराये हैं| इन प्रस्तावों में उपग्रह नक्षत्र, छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान, ग्राउंड स्टेशन, भू-स्थानिक सेवाएँ, प्रणोदन प्रणाली और आवेदन उत्पादों समेत गतिविधियों की एक बड़ी रेंज शामिल हैं| प्रधानमंत्री ने इस सम्मेलन के लिए अब तक के अपने अनुभवों को साझा करने के लिए भागीदारों को धन्यवाद दिय...

भारत और अफ्रीका का स्वास्थ्य सम्मेलन

भारत सरकार, इथियोपिया, अफ्रीकी संघ और अन्य साझेदारों ने भारत और अफ्रीका स्वास्थ्य सम्मलेन का आयोजन किया। भारत के केन्द्रीय स्वास्थ्य परिवार एवं कल्याण मंत्री और विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी मंडल के अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन, भारत के विदेश और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री श्री वी मुरलीधरन, इथियोपिया सरकार की स्वास्थ्य मंत्री डॉ. लिया ताडासे, अफ्रीकी संघ आयोग से सामाजिक मामलों की मंत्री अमीरा एल्फाडिल, भारत और अफ्रीका मिशन में डीन आलेम त्सेहए वोलेमरियम और भारत, इथियोपिया तथा अफ्रीकी संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। साझे मूल्यों, उपनिवेशवाद के विरुद्ध संघर्ष और लोगों के बीच सदियों पुराने संबंधों की वजह से भारत का अफ्रीकी देशो के साथ ख़ास संबंध रहा है। भारत की स्वाधीनता के बाद अफ्रीकी देशों के साथ भारत के रिश्तों में बहुत बदलाव आया और क्षेत्रीय तथा वैश्विक संदर्भों में लंबी साझेदारी से ये संबंध और भी मज़बूत हुए। आज भारत और अफ्रीका के विकासशील देश कोविड-19 महामारी का सामना कर रहे हैं जिसका असर ना सिर्फ़ लोगों के जीवन पर पड़ रहा है बल्कि उनकी आजीविका भी इससे बुरी तरह प्...

भारत-उज़्बेकिस्तान सम्बन्ध: मज़बूती की ओर 

गत सप्ताह, प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी तथा उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति, शौकत मिर्ज़ियोएव ने भारत तथ उज़्बेकिस्तान के बीच एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की| किसी मध्य एशियाई देश के साथ इस प्रकार का यह पहला शिखर सम्मेलन था| दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सम्बन्धों, कोविड-19 महामारी तथा क्षेत्रीय और आपसी हितों के वैश्विक मुद्दों पर गहराई से अपने विचारों का आदान-प्रदान किया| उन्होंने भारत-उज़्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी को एक नए तथा उच्चतर स्तर पर ले जाने के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता व्यक्त की| हाल के शिखर सम्मेलन से पहले दोनों नेताओ ने अपनी बैठकों की प्रशंसा की तथा विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इन बैठकों ने राजनीतिक, व्यापार तथा निवेश, रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से मुक़ाबला, विज्ञान तथा तकनीक, परमाणु ऊर्जा, अन्तरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नई दिल्ली तथा ताशकंद के बीच सहयोग को और सशक्त बनाया है तथा सांस्कृतिक और शैक्षणिक संपर्कों को बढ़ावा दिया है| अगस्त में आयोजित मंत्री स्तर की राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक समय पर और प्रभावी परिणामों के लिए विभिन्न द्विपक्षीय परिय...

पाकिस्तान: पीडीएम की प्रगति और इमरान का शेख़ी बघारना

पाकिस्तान में राजनीतिक दलों के संगठन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट यानि पीडीएम की सक्रियता बढ़ रही है और इसकी नजर अगले वर्ष जनवरी में इस्लामाबाद में महा रैली पर है। इसके चलते इमरान खान सरकार व्याकुल और असहज प्रतीत हो रही है। अक्टूबर से लेकर अब तक आयोजित हुई रैलियों में यह दिखाई भी देता है। विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं से इस्तीफा देने का फैसला किया है, ऐसे में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार कुछ अधिक ही बेचैन हो गई है।  सरकार की व्याकुलता हाल की बयान बाजी से भी साफ जाहिर होती है, जब एक वरिष्ठ मंत्री ने पीडीएम पर यह आरोप लगाया कि उसे रैलियां आयोजित करने के लिए विदेशों से धन प्राप्त हो रहा है। विभिन्न समाचार टेलिविजन चैनलों पर अन्य मंत्रालयों द्वारा की जा रही बयानबाजी में विपक्षी दलों को विश्वासघाती, भ्रष्ट, आत्म केन्द्रित और विदेशी श्रोतों से सरकार विरोधी आयोजनों के लिए धन प्राप्त करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।  इमरान खान ने भी अपनी तरफ से कोई कोर कसर बाकी नहीं लगाई। हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने दोहराया कि वह भ्रष्ट विपक्षी नेताओं को मा...

राष्ट्र हित को रखें सर्वोच्च: प्रधानमंत्री का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को नए संसद भवन की नीव रखी। नई इमारत ‘आत्म निर्भर भारत’ की दूरदर्शिता का एक अभिन्न अंग है और स्वतंत्रता के बाद जनता की संसद के निर्माण का ये पहला ऐतिहासिक अवसर है। 2022 में भारत की स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ है और ऐसे में ये इमारत नए भारत की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करेगी। भूमि पूजन के अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई वरिष्ठ मंत्री, सांसद और आमंत्रित मेहमान उपस्थित थे। इस अवसर पर एक सर्व धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर है और ये विचार 'भारतीयता' से ओत-प्रोत है। उन्होंने कहा कि इस निर्माण का आरम्भ हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है। उन्होंने नए संसद भवन के निर्माण में भारत की जनता से सहयोग का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर इससे अधिक सुन्दर और पवित्र भला क्या हो सकता है कि हमारी संसद की नई इमारत बनने जा ...

“इन्वेस्ट इंडिया” ने अंकटाड निवेश संवर्धन पुरस्कार जीता

इन्वेस्ट इंडिया भारत की राष्ट्रीय निवेश संवर्धन एजेंसी है| संयुक्त राष्ट्र (अंकटाड) ने इन्वेस्ट इंडिया को 2020 का संयुक्त राष्ट्र निवेश संवर्धन पुरस्कार का विजेता घोषित किया है|यह पुरस्कार विश्व भर में निवेश संवर्धन एजेंसियों (आई॰पी॰एज़॰) के श्रेष्ठ अभ्यासों की सराहना करता है तथा इसे मान्यता देता है| अंकटाड ने 180 आई॰पी॰एज़॰ का मूल्यांकन किया तथा इन्वेस्ट इंडिया को विजेता घोषित किया| इस सप्ताह, पुरस्कार समारोह जेनेवा के अंकटाड मुख्यालयों में आयोजित किया गया| निवेश संवर्धन एजेंसियों के लिए संयुक्त राष्ट्र निवेश संवर्धन पुरस्कार अत्यधिक इच्छित पुरस्कार है| भारत से पहले इस पुरस्कार को कोरिया, सिंगापुर तथा जर्मनी ने जीता है|अंकटाड आई॰पी॰एज़॰ के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाला तथा विश्व के श्रेष्ठ अभ्यासों की पहचान करने वाला एक केंद्रीय एजेंसी है| कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में, यह संकट प्रबंधन तथा सरकार के आर्थिक आपात महामारी उपायों को सम्मिलित करने की दिशा में “हमेशा की तरह व्यापार” निवेश सुगमता से निवेश संवर्धन एजेंसियों के फ़ोकस में एक गति की तरह है| इन प्रचार सेवाओं का संचालन ऑनलाइन...

प्रधानमंत्री का डिजिटल समावेशिता द्वारा आत्मनिर्भर भारत का आह्वान

भारत में दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क है। अग्रणी डेटा और विश्लेषक कंपनियों के अनुसार दूर-दूर तक 4जी सेवाएँ पहुँचने और स्मार्टफ़ोन के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से भारत में मोबाइल फ़ोन का प्रयोग 2020 में 88.3 प्रतिशत से बढ़कर 2023 तक सौ प्रतिशत हो जाएगा। एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि कोविड-19 महामारी का मोबाइल क्षेत्र पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है और मोबाइल डेटा सेवा इकाइयों में हुई वृद्धि की वजह से 2020-2025 तक इस क्षेत्र से 9.1 प्रतिशत से वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की जाएगी। ऑनलाइन वीडियो सामग्री के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से 4जी डेटा-केन्द्रित योजनाओं के बढ़ते प्रयोग से 2020-2025 के दौरान यौगिक वार्षिक वृद्धि दर में 18.3 प्रतिशत की अच्छी ख़ासी बढ़त दर्ज की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘भारत मोबाइल कॉग्रेस 2020’ को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से संबोधित किया। इस आयोजन की विषय वस्तु थी समावेशी नवाचार- स्मार्ट, सुरक्षित और निरंतरता। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल समेकन और सतत विकास, नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देना है। विदेशी और स्थानीय निवेश आकर्षित ...

अफ़ग़ान शांति वार्ता: आशा की किरण

महीनों तक चलने वाली बातचीत के बाद अफ़ग़ान सरकार और तालिबान के बीच बहुप्रतीक्षित वार्ता सही मोड़ पर पहुँचती हुई लगती है। दोनों पक्ष समझौता वार्ता को लेकर एक ऐसी सहमति तक पहुँचे हैं जो निकट भविष्य की वार्ता का एजेंडा तैयार करने का आधार होगी। हिंसा ग्रस्त राष्ट्र में संघर्ष विराम सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए भी एक समझौता किया गया। अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत ज़लमे ख़ालिज़ाद के अनुसार तीन पृष्ठों वाले दस्तावेज़ में अफ़ग़ानिस्तान की भावी राजनीति और लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापक संघर्षविराम लागू करने के लिए नियम और प्रक्रियाएँ लिखे गए हैं। इसी साल सितंबर में दोहा में शुरू हुई अमरीकी समर्थन वाली वार्ता वार्ताकार पक्षों के बीच असंगत मतभेदों के चलते अवरुद्ध हो गई थी। तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में अशरफ़ ग़नी की सरकार की वैधता को ज़ोरदार ढंग से नकार दिया था। इसी तरह तालिबान की मंशा को लेकर भी लगातार शंकाएँ बनी रहीं। अफ़ग़ान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हो जाने के बाद भी तालिबान लगातार अफ़ग़ान सुरक्षा बलों और अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं पर हिंसक हम...

नई ऊँचाइयाँ छूते भारत-सूरीनाम संबंध

भारत, सूरीनाम के साथ घनिष्ठ, मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध रखता है, जो भारतीय समुदाय के 142 वर्षों पुराने प्रवास, सांस्कृतिक और जनमानस के आपसी संबन्धों के साथ और भी प्रगाढ़ होते आए हैं । भारतीय मूल के 230,000 से अधिक लोग पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से हैं, और सूरीनाम में रहने वाले लगभग 50 सिंधी परिवार वहाँ की अर्थव्यवस्था, नागरिक सेवा, तकनीक और सूरीनाम के समग्र सांस्कृतिक परिवेश में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस वर्ष जुलाई में, भारतीय मूल के एक व्यक्ति श्री चंद्रिका पारसद संतोखी को सूरीनाम के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। अपने शपथ ग्रहण समारोह में, श्री संतोखी ने वैदिक भजनों का पाठ किया; उन्होंने संस्कृत में भी बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने श्री संतोखी को बधाई दी थी। प्रधानमंत्री ने सूरीनाम के साथ भारत के निकट संबंधों को याद किया। श्री मोदी ने कहा, सौ साल से भी पहले, भारत से लोग सूरीनाम गए और इसे अपने घर के रूप में स्वीकार किया। आज, सूरीनाम की एक-चौथाई से अधिक आबादी भारतीय मूल की है। 'सरनामी ’वहां की आम भाषाओं में से एक है; यह भोजपुरी की एक उपभाषा है। भारत ऐसे सांस्कृतिक संबंधो प...