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Showing posts from November, 2020

भारत-बहरीन संबंध मज़बूती की ओर

भारत ऐतिहासिक संबंधों, द्विपक्षीय व्यापार और जनमानस संपर्क के आधार पर छोटे द्वीप राष्ट्र बहरीन के साथ मजबूत वाणिज्यिक, सामरिक और सांस्कृतिक संबंध साझा करता है। हालांकि आकार में छोटा यह देश, रणनीतिक रूप से खाड़ी के दक्षिण पश्चिम में स्थित है परन्तु क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। बहरीन अरब खाड़ी मॉडल के विकास का भी अग्रणी है। भारत ने बहरीन के साथ हमेशा मजबूत राजनयिक और वाणिज्यिक संबंध बनाए रखे हैं। पेट्रोलियम और अन्य वस्तुओं के द्विपक्षीय व्यापार के अलावा, इस देश में लगभग 300,000 भारतीय प्रवासी निवास करते है जिन्होंने आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और स्थानीय समुदायों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है। अगस्त 2019 में इस द्वीपीय राष्ट्र का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। भारत और बहरीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बल देने के अपने प्रयासों के लिए, प्रधानमंत्री को बहरीन ऑर्डर - प्रथम श्रेणी शाह हमद बिन ईसा अल-खलीफा द्वारा प्रदान किया गया था। यात्रा के द...

फगानिस्तान सम्मेलन 2020 में भारत ने की विकास सहायता की घोषणा

हाल में जेनेवा में वर्चुअल माध्यम से अफगानिस्तान सम्मेलन 2020 का आयोजन किया गया । इसमें भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने किया । सम्मेलन की सह-अध्यक्षता संयुक्त राष्ट्र, इस्लामिक गणराज्य अफगानिस्तान और फ़िनलैंड सरकार ने की । इस सम्मेलन का लक्ष्य था अफगानिस्तान के परिवर्तनकारी 2015 से 24 के दशक के उत्तरार्ध में अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से प्रतिबद्धता को मजबूती से दोहराना । विदेश मंत्री ने सम्मेलन में घोषणा की कि क़ाबुल शहर के 20 लाख वासियों को पेय जल देने के लिए भारत ने अफगान सरकार के साथ शातूत बांध बनाने का समझौता किया है । इससे पहले क़ाबुल शहर के वासियों को बिजली देने के लिए फुल-ए-खुमारी विद्युत लाइन 202 किलोमीटर में बिछाने का काम भी भारत कर चुका है । डॉ जयशंकर ने घोषणा की कि सामुदायिक विकास परियोजनाओं के चौथे चरण के अंतर्गत 80 मिलियन अमरीकी डॉलर की 100 से अधिक परियोजनाएं भारत शुरू करेगा । विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान के विकास में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन लाभों का उल्लेख किया जो इस पड़ोसी देश की जनता को हो रहे हैं । उन्होंने अफगानि...

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 बचावकारी रणनीति पर की चर्चा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड-19 की रोकथाम और बचाव से जुड़ी तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की । दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के बारे में विशेष चर्चा की गई । कोविड-19 टीके के वितरण, आपूर्ति और प्रशासन के बारे में भी इस बैठक में चर्चा की गई । प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि देश ने कड़े प्रयासों से महामारी का सामना किया है तथा भारत की रोग मुक्ति की दर और मृत्यु दर की स्थिति अधिकतर देशों से बेहतर है । उन्होंने जाँच और उपचार व्यवस्था के विस्तार के बारे में बोलते हुए कहा कि पीएम केयर फंड के अंतर्गत वेंटिलेटर की उपलब्धता पर विशेष ज़ोर दिया गया है । उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन उपलब्धता के मद्देनजर ज़िला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को आत्म निर्भर बनाने की कोशिशें की गई है । 160 नए ऑक्सीजन केंद्र स्थापित किए जाने की प्रक्रिया जारी है । प्रधानमंत्री ने कहा कि ये समझना ज़रूरी है कि लोगों ने महामारी को लेकर कैसी...

एक राजनैतिक गतिरोध की ओर बढ़ता पाकिस्तान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पिछले सप्ताह देशभर में राजनैतिक रैलियों पर प्रतिबन्ध की घोषणा की थी। ऐसा उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रीय कमान एवं कार्रवाई केंद्र की इस चेतावनी के बाद किया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को रोकना बहुत ज़रूरी है। पाकिस्तान के उच्च न्यायालय ने भी इस निर्णये का समर्थन करते हुए कहा था कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है।  लेकिन इन प्रतिबन्धों का असल कारण ये है कि 11 विपक्षी दलों के गठबंधन पीपल्स डेमोक्रेटिक मूवमेंट - PDM ने कहा सरकार विरोधी प्रदर्शनों की ज़बर्दस्त तैयारी कर रखी है और हाल में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए हैं । कोरोना की आड़ में विपक्ष को दबाने का आरोप लगाते हुए PDM ने खबर पख्तून ख्वा में एक बड़ी रैली आयोजित की। ये वहाँ मनशेरा में हुई। पेशावर तो पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी PTI का गढ़ है और अब वहाँ इज़ाज़त न होने के बावजूद PDM एक बड़े विरोध प्रदशन की तैयारी कर रहा है। 26 नवंबर को PDM लरकाना में, 30 नवंबर को मुल्तान में और 13 दिसंबर को लाहौर में ऐसी ही रैलियाँ करने वाला है।  सितंबर में आकार लेन...

प्रौद्योगिकी से संचालित भविष्य पर प्रधानमंत्री का ज़ोर

बंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घाटन भाषण सभी को बेहतर सेवाएं देने के लिए शासन से प्रौद्योगिकी को जोड़ने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के ही बल पर हमारी योजनाएं फाइलों से निकलकर बड़े पैमाने पर तेज़ी से भारतवासियों के जीवन को छू सकी हैं। सरकार ने प्रौद्योगिकी को सभी योजनाओं से प्रमुखता से जोड़ा है और शासन के मॉडल में टेक्नोलॉजी को प्रधानता दी है।  श्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ माह में जिस तेज़ी से प्रौद्योगिकी को अपनाया गया है, वैसा तो एक दशक भर में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज हम सूचना प्रौद्योगिकी युग में हैं, जहाँ बदलाव अवश्यम्भावी है। उन्होंने कहा टेक्नोलॉजी के बल पर ही हमारा ये विश्वास मज़बूत हुआ है कि हम कुछ ही समय में एक बड़ी आबादी को कोविड-19 प्रतिरोधी टीका लगा सकेंगे। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान कि साइबर हमलों की रोकथाम का असरदार वैक्सीन यानी सुरक्षा चक्र तैयार करने के लिए वो आगे आएं।  कोविड-19 महामारी के दौर में ये मह्त्वपूर्ण शिखर बैठक टेक्नोलॉजी के ही बल पर ऑनलाइन आयोजित हो रही है। पां...

भारत ने पाकिस्तान को लगाई कड़ी फटकार

पिछले सप्ताह पाकिस्तान ने भारत पर कुछ निराधार आरोप लगाए। इस्लामाबाद के झूठ पर किसी ने भरोसा नहीं किया। विभन्न आरोपों का वर्णन करता हुआ ये तथाकथित डोसियर या फाइल एक संयुक्त संवाददाता सम्म्मेलन में जारी की गई। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और अंतः जन सम्पर्क सेवाओं के महानिदेशक जनरल बाबर इफ्तिख़ार ने ये दस्तावेज़ जारी किए। इनमें कहा गया है कि पाकिस्तान के पास अखंडनीय प्रमाण है कि भारत बहुत सी गतिविधियों में शामिल है और अफ़ग़ान ज़मीन का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान में आतंकवादी भेज रहा है। ये बताने की भी बेकार कोशिश कि गई कि भारत खुद को आतंकवाद की शिकार बताता आया है। ये अपनी गलतियां दूसरों पर मढ़ने का साफ़ मामला है। पाकिस्तान के इसे रवैए से दुनिया पिछले चार दशकों से जूझ रही है। इसी वजह से अमरीका ने सालों पहले पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद बंद कर दी है। इस वजह से पिछले दो सालों से आतंक को होने वाले वित्त पोषण पर नज़र रखने वाले वैश्विक निगरानी समूह एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 'ग्रे' सूची में रखा हुआ है और ये कहते हुए हालिया पूर्ण सत्र में कोई छूट नहीं दी कि पाकिस्तान ने आतंक ...

ब्रिक्स की ऑनलाइन शिखर बैठक

ब्रिक्स की स्थापना के 15 वर्ष अगले साल पूरे हो जाएंगे। इसका रास्ता आसान नहीं रहा है हालांकि आशाएं बराबर बनी रही हैं। 2021 में तीसरी बार भारत इसका अध्यक्ष होगा जो कोई कम महत्वपूर्ण बात नहीं है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, आंदोलनों और सहयोग के मंचों पर भारत की भागीदारी से उनकी इज्जत बढ़ी है चूंकि वैश्विक पहल और परिकल्पना में भारत की छवि सदैव उज्जवल रही है। आजादी से पहले ही भारत संयुक्त राष्ट्र और अनेक वैश्विक संस्थाओं का सदस्य बन गया था। ये कोई संयोग मात्र नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत आठवीं बार शामिल हो रहा है। ये अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की शानदार भूमिका को सही साबित करता है। 12वीं शिखर बैठक की मेजबानी रूस कर रहा है और इसका विषय है वैश्विक स्थिरता, साझा सुरक्षा और नवोन्मेषी विकास' जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसांगिक और दूरदर्शिता पूर्ण कहा है। उन्होंने बताया है कि किस तरह भू-रणनीतिक परिवर्तन स्थिरता, सुरक्षा और विकास को प्रभावित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने दो टूक शब्दों में समझा दिया है कि आज वैश्विक प्रशासन की विश्वसनीयता और प्रभाव संदेह के दायरे में हैं। न सि...

कोविड—19 समय में इसरो ने लॉन्च किया पहला उपग्रह

कोविड-19 महामारी की मौजूदा चुनौतियों के बावजूद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो ने बंगाल की खाड़ी के पास सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से साल 2020 का पहला उपग्रह प्रक्षेपित किया। पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस—01 के साथ इस उड़ान में तीन देशों के 9 छोटे कस्टमर उपग्रह भी भेजे गए। विदेशी उपग्रहों में लिथुआनिया का एक प्रयोगिक उपग्रह, लक्जमबर्ग के चार समुद्री प्रयोग उपग्रह और अमरीका के चार दूरवर्ती संवेदन उपग्रह शामिल थे। इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन या पीएसएलवी— सी 49 पर सवार सभी उपग्रह क्रमबद्ध तरीके से प्रक्षेषण के बाद उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित कर दिए गए। पिछले साल 11 दिसंबर के बाद से इसरो द्वारा प्रक्षेषित किया गया पीएसएलवी—सी48 भी ऐसा ही पृथ्वी अवलोकन उपग्रह था जैसा शनिवार को प्रक्षेषित किया गया। इसरो ने इस साल जनवरी में संचार उपग्रह जीसैट—तीस भी अंतरिक्ष में भेजा था लेकिन इसे फ्रेंच गुयाना से एरियन रॉकेट से भेजा गया था। उसके बाद कोरोना विषाणु महामारी की वजह से इसरो द्वारा किए जाने वाले प्रक्षेपण बाधित हुए। इसरो ने 2020—2021 के वित्त वर्ष में बीस से ज्यादा उपग्रहों के प्रक्...

भारत और पूर्व एशिया सम्मेलन

पूर्व एशिया सम्मेलन (ईएएस) क्षेत्रीय ढांचा आसियान का एक प्रमुख स्तम्भ है। वर्ष 2020 इसके 15वें स्मृति वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। पिछले शनिवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित 15वीं ईएएस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने हिस्सा लिया, जिसकी अध्यक्षता वर्तमान आसियान अध्यक्ष वियतनाम ने की।भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद प्रशांत क्षेत्र में वर्तमान स्थितियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने मजबूत क्षेत्रीय साझेदारी के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और ताजा राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख किया। आसियान के हिंद प्रशांत परिदृश्य और भारत के हिंद प्रशांत महासागर पहल के बीच तालमेल का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्री ने नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के महत्व पर चर्चा की, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के धागे में बंधी हो। 15वीं ईएएस बैठक में हनोई घोषणा पत्र को स्वीकार किए जाने के साथ-साथ चार महत्वपूर्ण विषयों पर बयान जारी किए गए जिसमें सामुद्रिक स्थिरता; महामारी बचाव और कार्रवाई; महिला, शांति और सुरक्षा तथा क्षेत्रीय...

17वाँ आसियान-भारत सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ऐसे समय में 17वें वर्चुअल आसियान-भारत सम्मेलन में शामिल हुए हैं जब कोरोनाविषाणु महामारी पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। महामारी ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों और भारत की अर्थव्यवस्था पर अपना प्रभाव डाला है इसलिए आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर दबाव बना हुआ है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक, डिजिटल, वित्तीय और समुद्री क्षेत्र सहित सभी माध्यमों से भारत और आसियान के बीच सम्पर्क पहलों पर ज़ोर दिया। निवेश, रोज़गार वृद्धि और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए देशों के बीच सम्पर्क परियोजनाएँ और तेज़ी से उभर रही हैं। आसियान सम्पर्क परियोजना के लिए एक अरब ऋण व्यवस्था का प्रस्ताव देकर भारत ने अपने वादे के अनुसार वित्तीय प्रतिबद्धता पूरी की। इससे आसियान देशों और भारत के बीच सम्पर्क बेहतर करने की इच्छा का पता चलता है। कोरोना विषाणु महामारी ने क्षेत्र की मौजूदा आर्थिक अनिश्चितताओं को सामने ला दिया है, निर्भर आपूर्ति शृंखला इन में से एक है। आपूर्ति शृंखला की विविधता तथा इसे और लचीला बनाए जाने की ज़रूरत आसियान देशों की उच्च प्राथमिकता बन गई है और को...

विदेश सचिव की यात्रा से मज़बूत होते भारत-मालदीव संबंध

भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने मालदीव के अपने समकक्ष अब्दुल गफ़ूर मोहम्मद के निमंत्रण पर मालदीव की आधिकारिक यात्रा की। कार्यभार संभालने के बाद से मालदीव की ये उनकी पहली यात्रा रही और साथ ही इस साल मार्च में कोरोना विषाणु फैलाने के बाद से भी दोनों देशों के बीच पहली उच्च स्तरीय यात्रा थी। इस यात्रा के दौरान भारत के विदेश सचिव ने राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से मुलाक़ात की और मालदीव के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, आर्थिक विकास मंत्री, गृह मंत्री, योजना मंत्री, पर्यटन, युवा और खेल मंत्री के साथ ही संसद अध्यक्ष मोहम्मद नाशीद से भी मह्त्वपूर्ण विचार-विमर्श किए। दोनों देशों ने खेलों और युवा मामलों, प्रभावी सामुदायिक विकास परियोजनाएं और ग्रेटर माले संपर्क परियोजना के लिए एक सौ मिलियन अमरिकी डॉलर के अनुदान से जुड़े सहमति पात्र पर भी हस्ताक्षर किए। भारत के विदेश सचिव की यात्रा के दौरान देशभर में बच्चों के 67 उद्यानों के लिए उपकरण भी प्रदान किए गए। श्री शृंगला ने भारत की सहायता से मालदीव में चल रही परियोजनाओं की प्रगति का भी जायज़ा लिया। दिसंबर 2019 में आयोजित सयुंक्त आयोग ...

प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ सदस्यों से क्षेत्रीय अखंडता का पालन करने का आह्वान किया

शंघाई सहयोग संगठन के आठ सदस्य देशों का ऑनलाइन सम्मेलन हुआ जिसकी अध्यक्षता रूस ने की। दुनिया भर में कोरोना विषाणु लोगों की सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव डाल रहा है जैसा पहले कभी नहीं हुआ। इसके गंभीर सामाजिक-आर्थिक परिणाम भी हो रहे हैं। अपनी शुरुआत के समय से ही शंघाई सहयोग संगठन या एससीओ वैश्विक व्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण कारक रहा है जो क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने में तथा शांति और स्थिरता बनाए रखने में अहम योगदान करता आया है। एससीओ के वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संगठन का प्रभावी नेतृत्व करने के लिए और कोविड-19 महामारी की वजह से व्याप्त चुनौतियों और रुकावटों के बावजूद सम्मलेन का आयोजन करने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्यों देशों से परस्पर क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के शंघाई सहयोग संगठन देशों के साथ निकट सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। भारत मानता है कि परस्पर संपर्क बेहतर करने के लिए ये ज़रूरी है कि एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के मूल सिद्धा...

जनरल नरवणे की नेपाल यात्रा- भारत और नेपाल के संबंधों की मज़बूती

भारत के सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की हाल ही में सम्पन्न हुई तीन दिवसीय नेपाल यात्रा को हालांकि दोनों देशों के बीच सम्पन्न हुई एक ऐतिहासिक परम्परा माना जा रहा है लेकिन ये कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है। लगभग एक साल से दोनों देशों के बीच संबंधों में आई खटास के बाद भारत और नेपाल के बीच ये पहली उच्च स्तरीय यात्रा है। परम्परा के अनुसार, जनरल नरवणे को नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की मौजूदगी में राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी द्वारा नेपाल सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान की गई। के.पी. शर्मा ओली नेपाल के रक्षा मंत्री भी हैं और पदधारी उप प्रधानमंत्री ईश्वर पोखरेल से हाल ही में रक्षा संभाग वापिस लेने के बाद ऐसा किया गया है। नेपाल में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा, नेपाल के सेना प्रमुख पूरण चंद्र थापा और दोनों ओर के वरिष्ठ अधिकारी इस मौक़े पर मौजूद थे। 1952 से भारत और नेपाल द्वारा एक दूसरे के सेना जनरलों को मानद पद देने की परम्परा है। नेपाल की सेना जनरल थापा को भी जनवरी 2019 में भारतीय सेना में मानद पद प्रदान किया गया था। निश्चित रूप से ये एक बड़ा अवसर था जब दो पड़ौसियों ने एक...

भारत और इटली के बीच गहराती सक्रियता की संभावना

यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध स्थापित करना भारत की विदेश नीति का ऐसा लक्ष्य रहा जिसके अच्छे परिणाम हुए। हालिया समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डेनमार्क, फिनलैंड और फ्राँस जैसे कई यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय सम्मेलन किए हैं जिनकी वजह से ऐसे समय में यूरोपीय शक्तियों के साथ भारत की सक्रियता बढ़ी है जब वैश्विक ताक़तों के बीच नए सिरे से संतुलन बनाए जाने की ज़रूरत है। 6 नवंबर 2020 को प्रधानमंत्री मोदी और उनके इतालवी समकक्ष प्रोफ़ेसर ग्युसेप कोंते के बीच इंटरनेट के माध्यम से वार्ता हुई। इस बैठक की वजह से द्विपक्षीय संबंधों की विस्तृत रूपरेखा की समीक्षा का व्यापक अवसर मिला और भावी परस्पर गठजोड़ की संभावनाएँ बढ़ीं। इटली के नेता के साथ वर्चुअल शीर्ष बैठक के दौरान अपनी शुरुआती टिप्पणी में प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी से निपटने के इटली के प्रयासों की तारीफ़ करते हुए फिर से ये आश्वासन दिया कि इस रोग से लड़ने के लिए हर मदद की जाएगी। महामारी के बुरे प्रभावों से निपटने के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने जी-20 व्यवस्था में विकास लक्षित वैश्विक एजेंडे के ...

2020 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव और भारत अमरीका संबंधों का भविष्य 

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों की आधिकारिक घोषणा में अभी भले ही कुछ और हफ्तों का समय लगे लेकिन जारी मतगणना के रुझान यह संकेत कर रहे हैं कि संयुक्त राज्य अमरीका के अगले राष्ट्रपति जो बाइडेन होंगे।  3 नवंबर, 2020 को कराए गए अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों को अमरीका के लोकतंत्र के इतिहास में सबसे विवादास्पद चुनाव माना जाएगा। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमरीका एक विश्व शक्ति के रूप में उभरा। तब से लगातार प्रत्येक चौथे वर्ष नवंबर महीने में होने वाले अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में न सिर्फ अमरीकी जनता की बल्कि पूरे विश्व की दिलचस्पी रहती है।  2020 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव एक अलग ही प्रतिमान स्थापित करते हैं। यह चुनाव कोविड-19 महामारी की चुनौती के बीच कराए गए। संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में कोरोना प्रभावित देशों की सूची में सबसे ऊपर है। यही नहीं विश्व में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें भी अमरीका में दर्ज की गई हैं। ऐसे में यह माना जा रहा था कि कोरोनावायरस के चलते ज्यादातर अमरीकी जनता वोट करने के लिए बाहर नहीं निकलेगी। लेकिन इसके विपरीत इस साल अमरीका में जबरदस्त मतदान हुआ, जो एक सदी स...

भारतीय विदेश नीति में यूरोपीय आयाम की मज़बूती

भारत के विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक ऐसे तीन प्रमुख यूरोपीय देशों की यात्रा की जिनके साथ भारत की सामरिक साझेदारी है। ये तीन देश हैं, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन। कोविड - 19 के बढ़ते प्रभाव और क्षेत्र में चीन के साथ बढ़ते गतिरोध के संदर्भ में इस यात्रा का बहुत महत्व है। इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई और व्यापार तथा निवेश बढ़ाने पर ध्यान दिया गया। फ्रांस पर सबसे पहले ध्यान दिया गया और ये भी उल्लेखनीय है की इस साल सितम्बर में राफाल यान उपलब्ध करवाकर भारत के रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बनाकर फ्रांस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चीन के साथ चल रहे मौजूदा गतिरोध को देखते हुए भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ाना महत्व रखता है। पेरिस में एक अग्रणी फ्रांसीसी विचारक समूह आईएफआरआई में बात करते हुए उन्होंने कोविड महामारी के बाद भारत की विदेश नीति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस तरह महामारी के दौरान भारत में नवाचार को अवसर मिला और भारत ने महामारी से बचाव से जुड़े उत्पाद बनाये जो अच्छी गुणवत्ता और कम लागत वाले प्रभावी चिकित्सा उपकरण थे। आईएफआरआई में...

गिलगित बाल्टिस्तान की स्थिति बदलने संबंधी पाकिस्तान की कोशिशों को भारत ने दृढ़ता से अस्वीकार किया

एक नवंबर 2020 को, पाकिस्तान ने गिलगित बाल्टिस्तान (जी॰बी॰) की तत्कालिक प्रांतीय स्थिति को स्वीकृति देने संबंधी अपने निर्णय की घोषणा की| ध्यातव्य है कि गिलगित बाल्टिस्तान को पूर्व में उत्तरी क्षेत्र के रूप जाना जाता था| पाक अधिकृत कश्मीर (पी॰ओ॰के॰) के हिस्से के रूप में वर्तमान में यह पाकिस्तान के अवैध नियंत्रण में है| भारत ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दिखाई है तथा इस क्षेत्र के “अवैध नियंत्रण” को धोखे से छिपाने की पाकिस्तान की कोशिशों की कटु आलोचना की है| विदेश मंत्रालय (एम॰ई॰ए॰) के प्रवक्ता, अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय क्षेत्र के एक हिस्से की वास्तविक स्थिति को बदलने संबंधी पाकिस्तान की कोशिशों को भारत “दृढ़ता से अस्वीकार” करता है, जिस पर इस्लामाबाद ने “ग़ैरक़ानूनी और जबरन कब्ज़ा” जमा रखा है| उन्होंने पड़ोसी देश को इस प्रकार के क्षेत्रों को तुरंत खाली करने को कहा है| उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान की सरकार का इन क्षेत्रों पर कोई अधिकार नहीं है तथा हाल की कोशिशें इस क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे “गंभीर” मानवाधिकारों के उल्लंघन को छिपाने में सफल नहीं होंगी| श्री श्रीवास्तव...

भारत मैक्सिको संयुक्त आयोग की बैठक

मैक्सिको के लेखक और नोबेल पुरस्कार विजेता ओक्टावियो पाज़ ने अपनी किताब ‘इन लाइट ऑफ इंडिया’ में भारत तथा मैक्सिको के बीच की समानताएँ और भिन्नताएँ लिखी है और साथ ही उन विशेषताओं का भी उल्लेख किया है जो देशों को जोड़ती और अलग करती हैं। 1960 के दशक में भारत में मैक्सिको के राजदूत रहे श्री पाज़ का कहना है कि “भारतीय अन्य लोगों से अपनी भिन्नताओं को लेकर पूरी तरह सचेत हैं। मैक्सिको के नागरिक भी ऐसे ही है। मैं भारतीय होने का अर्थ समझ सकता हूँ क्योंकि मैं मैक्सिकन हूँ।” श्री पाज़ भारत और इसकी संस्कृति तथा प्रकृति को समझने वाले कुछ ही पश्चिमी विद्वानों में से एक है और एक प्रकार से वे पश्चिम में भारत के राजदूत बने। इस साल भारत और मैक्सिको अपने संबंधों की स्थापना के सत्तर साल मना रहे हैं। एक ऐसे समय में जब भारतीय निवेशकों और नीति निर्माताओं की नज़र लातिन अमरीका पर लगी है तब क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बाज़ार मैक्सिको के साथ कारोबार करना अच्छा फ़ैसला है। इस परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए 29 अक्टूबर 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से भारत और मैक्सिको के संयुक्त आयोग की आठवीं बैठक के महत्व को सम...

पाकिस्तान ने पुलवामा हमले में अपनी भूमिका स्वीकारी

29 अक्तूबर 2020 को पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली के भूतपूर्व अध्यक्ष अयाज़ सादिक़ ने उजागर किया कि 1 मार्च 2019 में इमरान ख़ान सरकार ने पकड़े हुए भारतीय वायु सेना अधिकारी अभिनंदन को इसलिए छोड़ा क्योंकि भारत की ओर से हमले का डर था। इससे पहले विपक्षी नेताओं के साथ एक बैठक में माथे पर पसीना और काँपती टाँगों के साथ विपक्ष से अनुरोध किया था कि सरकार के फ़ैसले का विरोध ना करें और अभिनंदन को जाने दें। इस बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा और शाह महमूद क़ुरैशी भी शामिल थे। अयाज़ एक वरिष्ठ राजनेता हैं और मुखर वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। हालांकि मुख्य विपक्षी दल के सदस्य होने के नाते सरकार का विरोध करते हुए उनका उद्देश्य सरकार पर हमला बोलना और कहीं ना कहीं सेना की बुराई करना भी था। इससे पाकिस्तान में लगातार गहराते राजनीतिक संकट का पता चलता है। अयाज़ के इस कथन का मतलब भले ही मोदी सरकार की वाह-वाही करना ना हो लेकिन इससे पाकिस्तानी सेना की किरकिरी तो हुई ही। सरकारी धड़े द्वारा किए गए बचाव में बुरे के साथ अच्छे से भी हाथ धोना पड़ा। पाकिस्तान के संघीय विज्ञान और तकनीक मंत्री फ़वाद ...