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Showing posts from August, 2020

प्रधानमंत्री ने बड़े सपने के लिए स्टार्ट अप्स का आह्वान किया

ऑल इंडिया रेडियो नेटवर्क पर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने अपने “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से देश को संबोधित किया| मन की बात के 68वें संस्करण में, प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ एप नवोन्मेष चुनौती में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है| उन्होंने कहा कि टियर टू तथा टियर तीन शहरों के युवाओं ने लगभग दो तिहाई प्रविष्टियाँ भेजी हैं| उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों में लगभग दो दर्ज़न एप को पुरस्कार दिये गए हैं| उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो के श्रोताओं को स्वयं को इन एप से परिचित करवाने और जोड़ने का आग्रह किया| प्रधानमंत्री ने बच्चों के लिए एक परस्पर संवादात्मक एप, कुतुकी किड्स लर्निंग एप, माइक्रो ब्लॉगिंग को मंच उपलब्ध करवाने से संबन्धित एप, कू कु एप, युवाओं में चर्चित हो रहे, चिंगारी एप, सरकारी योजनाओं को लेकर सही सूचना प्राप्त करने संबंधी एप, ‘आस्क सरकार’ एप तथा स्टेप सेट गो-फ़िटनेस एप आदि समेत एप का उल्लेख किया| प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज ‘छोटे स्टार्ट-अप्स’ कल बड़ी कंपनियों में परिवर्तित होंगे तथा विश्व में भारत की छाप छोड़ेंगे| उन्होंने आगे कहा कि किसी को यह नहीं...

रक्षा उत्पादन की राह बताई प्रधानमंत्री ने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत विषय पर एक संगोष्ठी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सम्बोधित किया। संगोष्ठी का आयोजन भारतीय रक्षा उत्पादन संघ भारत के वाणिज्य व उद्योग प्रकोष्ठए रक्षा उत्पादन विभाग और रक्षा मंत्रालय ने मिल कर किया था। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य रक्षा उत्पादन बढ़ाना नई प्रौद्योगिकी का विकास और रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र का उत्पादकों को महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करना है। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य शीघ्र हासिल होने के सम्बन्ध में आशा व्यक्त करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उनकी पूरी टीम की इस काम को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए सरहाना की । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की जब भारत आज़ाद हुआ तो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की क्षमता का वातावरण मोजूद था लेकिन कई दशक तक कोई प्रयास गंभीरता से नहीं किया गया । श्री मोदी ने कहा की अब स्थिति बदल रही है और रक्षा क्षेत्र में बदलाव के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में उठाये गए महत...

अफगानिस्तान  की पुननिर्माण प्रक्रिया में भारत की केंद्रीय भूमिका

पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ अफ्गान शांति प्रक्रिया में आगे बढ़ने के तरीको पर विचार-विमर्श करने के लिए एक उच्च स्तरीय शिष्ट मंडल इस सप्ताह पाकिस्तान पहुंचा। इस शिष्ट मंडल में दोहा में अफ्गान तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला अब्दुल गनी बरदार भी शामिल हैं। पिछले दस महीनों में ये मुल्ला अब्दुल गली बरदार की पाकिस्तान की दूसरी यात्रा थी। पहली यात्रा उस समय अक्टूबर 2019 में की गई थी जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तालिबान के साथ अचानक ही शांति वार्ता रोक दी थी। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना था कि ये उग्रवादी गुट अफगानिस्तान में अमेरिका के नेतृत्व वाले विदेशी बलों पर हमले करता है। इस्लामाबाद में हुई वार्ता में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज अहमद भी शामिल हुआ था। आईएसआई को 1980 के दशक में अफगानिस्तान में पूर्व सोवियत संघ के कब्जे के समय से ही अफगानिस्तान के सशस्त्र बलों और विशेषरुप से तालिबान के साथ नजदीकी संबंध और मदद करने के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी अपने प्रभाव का प्रयोग करके तालिबान को वार्ता मेज तक लेकर आई और अम...

भारत-वियतनाम के सम्बन्धों में नवीकृत गति

2017 में प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान, भारत-वियतनाम के सम्बन्धों का दर्जा “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” तक बढ़ा| यह साझेदारी दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय सम्बन्धों में ना केवल एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में जारी है, बल्कि यह हिन्द-प्रशांत की क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता में भी क़ायम है| दक्षिण चीन सागर तथा अन्य कहीं चीन के युद्धकारी स्वभाव के परिदृश्य में इसमें और गति आई है| यह एक शुभ संकेत है कि द्विपक्षीय संस्थागत तंत्रों तथा बहुपक्षीय बैठकों के इतर दोनों स्तरों पर दोनों देशों के नेताओं के बीच नियमित रूप से बातचीत होती रही है| इस पृष्ठभूमि के उलट व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक तथा तकनीकी सहयोग पर भारत-वियतनाम की साझा आयोग की 17वीं बैठक वीडियो कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई थी| जे॰सी॰एम॰ का रणनीतिक महत्व है| इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री, डॉ॰ एस॰ जयशंकर तथा सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ वियतनाम के विदेश मंत्री तथा उप-प्रधानमंत्री श्री फ़ाम बिन मिन्ह ने की थी| इस बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत-वियतनाम की रणनीतिक साझेदारी के हाल के घटनाक्रमों की ...

सड़क मूलभूत संरचना के माध्यम से भारत को सम्बद्ध किया जाना

किसी भी राष्ट्र के लिए सड़कें एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा हैं| इसी तरह परिवहन नेटवर्क भी महत्वपूर्ण है| एक देश की विकास की गति वस्तुओं के उत्पादन तथा सेवाओं और उनकी गतिविधियों पर निर्भर करती है| भारत जैसे एक विशाल तथा घनी आबादी वाले राष्ट्र की प्रगति के लिए, नई तथा उन्नत सड़कों का निर्माण महत्व रखता है| सड़कें कनेक्टिविटी देती हैं तथा निर्बाध यातायात के प्रवाह को सुनिश्चित करती हैं| भारत को “आत्म-निर्भर” बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सरकार द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण सुधारों में सड़क नेटवर्क मूलभूत संरचना का विकास शामिल है| विगत कुछ वर्षों में, भारत की सड़क मूलभूत संरचना में लगातार उन्नति हुई है| कनेक्टिविटी सुधरी है तथा सड़क परिवहन तीव्र विकास का एक उच्च बिन्दु बन चुका है| सड़कें सेवाओं के लिए बेहतर पहुँच, परिवहन की सुगमता तथा लोगों को आवाजाही की स्वतन्त्रता दे रही हैं| भारत विश्व के सबसे बड़े सड़क नेटवर्कों में से एक है, यह नेटवर्क लगभग 5॰5 मिलियन किलोमीटर तक फैला हुआ है| इसमें राष्ट्रीय तथा राज्य राजमार्ग और शहरी सड़कें शामिल हैं| भारतीय सड़क नेटवर्क में राष्ट्रीय तथा राज...

भारत-उज़्बेकिस्तान के सम्बन्धों में हो रही उत्साहजनक वृद्धि

आर्थिक सम्बन्धों तथा द्विपक्षीय सम्बन्धों को बढ़ाने के एक उपाय के रूप में, इस सप्ताह भारत तथा उज़्बेकिस्तान ने अपनी राष्ट्रीय समन्वय समितियों की पहली बैठक की| इन समितियों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच की सहमति वाली साझा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जांच करना है| इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश राज्य मंत्री,वी॰ मुरलीधरण तथा उज़्बेकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और निवेश तथा विदेशी व्यापार मंत्री, सरदोर उमूर्ज़ाकोव ने की| स्वास्थ्य तथा यात्रा संबंधी बाधाओं को ध्यान में रखते हुए, इस बैठक का आयोजन ऑनलाइन फ़ॉर्मेट में किया गया था| विदेश मंत्रालय के एक वक्तव्य के अनुसार, दोनों पक्षों ने व्यापार तथा अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में द्विपक्षीय गतिविधियों की समीक्षा की| उन्होंने द्विपक्षीय निवेश समझौते,तरजीही व्यापार समझौता, कृषि उत्पादों के लिए एक-दूसरे को बाज़ार की पहुँच देना, भारत की ऋण सीमा के अंतर्गत चिन्हित परियोजनाओं के क्रियान्वयन, भारत के गुजरात राज्य तथा उज़्बेकिस्तान के ताशकंद क्षेत्र के बीच के सहयोग तथा ताशकंद में भारत-उज़्बेकिस्तान उद्यमशीलता विकास केंद्र पर हुई बातचीत का जायज...

विचार-मंडलियों के माध्यम से प्रगाढ़ होते भारत-आसियान के संबंध

भारत की “एक्ट ईस्ट” नीति तथा भारत-प्रशांत दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, आसियान-भारत नेटवर्क विचार मंडलियों (ए॰आई॰एन॰टी॰टी॰) का छठवाँ राउंडटेबल सम्मेलन गत सप्ताह वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था| कोविड काल के बाद में इस वर्ष की चर्चाओं का फ़ोकस “आसियान-भारत” की साझेदारी को सशक्त बनाने पर था|ए॰आई॰एन॰टी॰टी॰ की अवधारणा 2009 में भारत द्वारा की गई थी और इसका उद्देश्य सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर नीति सिफ़ारिशों को प्रस्तुत करते हुए तथा जानकारी के अंतराल को संबोधित करके आसियान-भारत की रणनीतिक साझेदारी को सशक्त बनाना है| विदेश मंत्री, डॉ॰ एस॰ जयशंकर, थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री, दोन प्रमुदविनाइ तथा आसियान के महासचिव, दातो लिम जोक होई ने इस वर्ष के राउंडटेबल सम्मेलन में भागीदारी की| डॉ॰ जयशंकर ने तर्क दिया कि एक तरफ़ इस महामारी ने गंभीर प्रतिस्पर्धी अंतर्राष्ट्रीय राजनीति पर, तो दूसरी तरफ़ बहुपक्षवाद पर दबाव को बढ़ाया है| सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोविड-19 वैश्विक व्यवस्था को क्या आकार देगा| भारत तथा दक्षिण पूर्व एशिया वैश्वीकरण में आपसी हित रखते हैं| विदेश मंत्री न...

आतंकवादियों पर पाकिस्तान का ताज़ा प्रतिबंध – वास्तविक या काल्पनिक?

गत सप्ताह, 88 आतंकियों पर पाकिस्तान सरकार ने और भी वित्तीय प्रतिबंध लगाने संबंधी दो अधिसूचना जारी की| इन अधिसूचनाओं ने आतंकी गुटों और ऐसी संस्थाओं के बहुत से मुख्य नेताओं पर एक प्रतिबंध की पुष्टि की| इनमें 2008 के मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तथा जमात-उद-दावा प्रमुख, हाफ़िज़ सईद, भारतीय संसद पर हुए हमले के मुख्य साज़िशकर्ता, जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख, मसूद अज़हर तथा 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की 1993 के मुंबई बम धमाकों की घटना के मुख्य साज़िशकर्ता, तस्करी और अन्य ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियां चलाने के ज़िम्मेदार भारत के अति-वांछित आतंकवादी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम, तालिबान के नेता जलालुद्दीन हक़्क़ानी तथा ख़लील हक़्क़ानी शामिल हैं| अन्य प्रतिबंधित समूहों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, लश्कर-ए-झांगवी, हरकत-उल-अंसार तथा अन्य बहुत से कुख्यात संगठन शामिल हैं| इन अधिसूचनाओं में इन संगठनों और आतंकियों की चल और अचल संपत्ति को ज़ब्त करने तथा इनके बैंक खातों को फ़्रीज़ करने का प्रावधान किया गया है| इस सूची में दाऊद इब्राहिम का नाम उसके कराची पते के साथ शामिल करके, पाकिस्तान ने पहली बार पाकिस्...

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव 2020

कोरोना महामारी ने जीवन, सामाजिक संबंध और विश्व भर में 200 से ज़्यादा देशों में रहने वाले करोड़ो लोगों की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डाला है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से लोकतांत्रिक देशों में राजनीति और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ा है। ग़ौरतलब है कि इन देशों में समय-समय पर होने वाले चुनाव शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये उल्लेखनीय है कि दुनिया का सर्वाधिक शक्तिशाली लचीला और धनी लोकतंत्र, अमरीका भी राजनीतिक प्रक्रिया समेत कई तरह से इस महामारी से प्रभावित हुआ है। हर चौथे साल अमरीकी नागरिक नए राष्ट्रपति के लिए मतदान करते हैं। कभी-कभी वे सत्तासीन राष्ट्रपति को ही अन्य चार वर्षों के लिए फिर चुन लेते हैं। वर्तमान समय में बड़ा सवाल ये है कि क्या अमरीका का राष्ट्रपति चुनाव शांति से हो पाएगा या नहीं और क्या पदधारी राष्ट्रपति डोनल्ड फिर से चुने जा सकेंगे अथवा नहीं। तीन नवंबर 2020 को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की राजनीतिक प्रक्रिया सहज नहीं है। कोविड-19 से जुड़ा लॉकडाउन; उसके बाद होने वाले अनलॉकडाउन, जनता में संक्रमण फैलने का डर, जन सभाएँ करवाने में होने वाली परेशानियाँ आद...

बाजवा का सऊदी दौरा: रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश

पिछले साल भारतीय संविधान के अनुच्छेद-370 को निरस्त कर दिया गया था, तभी से पाकिस्तान की आंतरिक और विदेश नीति लड़खड़ाई हुई है। कारण ये है कि पाकिस्तान की विदेश नीति का सारा फ़ोकस ही कश्मीर रहा है। पाकिस्तान की तहरीक़-ए-इन्साफ़ सरकार ने इस मुद्दे के अंतर्राष्ट्रीयकरण का भरपूर प्रयास किया है। इस्लामिक देशों के संगठन OIC से पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वो कश्मीर मसले पर एक बैठक बुलाएगा। इस्लामिक देशों में सऊदी अरब की मज़बूत केन्द्रीय भूमिका को देखते हुए पाकिस्तान ने सदैव उसे अपने पक्ष में रखने का प्रयास किया है। पाकिस्तान की उम्मीदों को करारा झटका तब लगा जब एक टी.वी. टॉक शो में उसके विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ये बोल गए कि OIC और सऊदी अरब ने कश्मीर के मामले में पाकिस्तान की उम्मीदों को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान का धीरज जवाब दे रहा है और अब यदि OIC कश्मीर पर ग़ौर नहीं करता तो वो सऊदी अरब के बिना समान सोच वाले मुल्क़ों के साथ गठबंधन कर लेगा। इससे सऊदी अरब बेहद नाराज़ हो गया और इमरान ख़ान को बिगड़ी बनाने के लिए अपने सैन्य व राजनैतिक प्रतिनिधि वहाँ भेजने पड़े।  फ़...

भारत-बांग्लादेश के सम्बन्धों में हो रही वृद्धि

भारत के विदेश सचिव, हर्ष वर्धन शृंगला ढाका की दो दिवसीय यात्रा पर थे| वे बांग्लादेश की प्रधानमंत्री, शेख़ हसीना के लिए प्रधानमंत्री मोदी का संदेश लेकर गए थे| भारतीय विदेश सचिव का उन्होंने स्वयं स्वागत किया| कोविड-19 महामारी के प्रसार के मद्देनज़र कई महीनों के बाद, वे पहले विदेशी गणमान्य अतिथि हैं, जिनका उन्होंने स्वयं स्वागत किया है| गत कुछ महीनों में नई दिल्ली तथा ढाका के बीच वर्चुअल बैठकों के माध्यम से द्विपक्षीय चर्चाएं हुई थीं| इस वास्तविकता को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि महामारी के कारण दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्थाएँ बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं, इस परिदृश्य में इस यात्रा का महत्व है| अपनी यात्रा के दौरान, भारतीय विदेश सचिव बांग्लादेश के विदेश मंत्री, ए॰के॰ अब्दुल मोमेन, विदेश राज्य मंत्री, शहरयार आलम तथा विदेश सचिव, मसूद बिन मोमेन से भी मिले| भारतीय विदेश सचिव तथा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के बीच चली चार घंटे की लंबी बैठक के दौरान, दोनों देशों ने मौजूदा कनेक्टिविटी नेटवर्क को फिर से शुरू करने, सहयोग करने तथा कोविड-19 टीके के विकास पर एक दूसरे को अवगत कराने के उपायों और ...

भारत-यू॰ए॰ई॰ के प्रगाढ़ होते संबंध

भारत तथा संयुक्त अरब अमारात शांति तथा समृद्धि का एक दृष्टिकोण साझा करते हैं| प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी तथा क्राउन प्रिंस, मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाहयान के नेतृत्व में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने में ठोस निवेश किए हैं| साझा आयोग की बैठक करने जैसे द्विपक्षीय व्यवस्थाओं के माध्यम से व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने काम किया है| व्यापार, आर्थिक तथा प्रौद्योगिकी सहयोग पर हुई भारत-यू॰ए॰ई॰ साझा आयोग की बैठक का 13वां सत्र वर्चुअल माध्यम से हुआ तथा इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री, डॉ॰ एस॰ जयशंकर और यू॰ए॰ई॰ के विदेश मंत्री, अब्दुल्ला बिन ज़ाएद अल नाहयान ने किया| कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न हुई बाधा को ध्यान में रखते हुए, साझा आयोग की बैठक का आयोजन पहली बार वर्चुअल माध्यम से किया गया था| इस बैठक ने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए विचारों को साझा करने और विचारों का आदान-प्रदान करना जारी रखने संबंधी दोनों देशों के अदम्य उत्साह को रखांकित किया| ...

इज़रायल-यू॰ए॰ई॰ के औपचारिक सम्बन्धों का तात्पर्य

सितंबर 1993 में व्हाइट हाउस के लॉंन में अराफ़ात-क्लिंटन-राबिन की ऐतिहासिक हाथ मिलाने की घटना के बाद इज़रायल के साथ सम्बन्धों को सामान्य बनाने संबंधी संयुक्त अरब अमारात (यू॰ए॰ई॰) का निर्णय अत्यधिक नाटकीय घटना है| हालांकि, दोनों देशों के बीच एक मेल-मिलाप के संकेत दिख रहे थे| मज़ेदार बात यह है कि अमरीकी राष्ट्रपति, डॉनल्ड ट्रम्‍प ने इसकी घोषणा की थी| खाड़ी के अरब देशों के लिए इज़रायल का यह प्रस्ताव एक नए पृष्ठ को खोलता है| आनेवाले कुछ हफ़्तों में, वाशिंगटन में इज़रायल के प्रधानमंत्री, बेंजामिन नेतान्याहू तथा अमारात के क्राउन प्रिंस और अबु धाबी के मोहम्मद बिन ज़ाएद अल-नाहयान के बीच एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएँगे| यह घोषणा एक रोमांचक अंदाज़ में हुई है| सम्बन्धों को सामान्य बनाने के बदले में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने घोषणा की कि इस वर्ष जनवरी महीने में घोषित अपनी शांति योजना में रेखांकित वेस्ट बैंक के “क्षेत्रों पर संप्रभुता की घोषणा को इज़रायल बंद करेगा|” बहुत से घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय कारणों से, नेतान्याहू वेस्ट बैंक के हिस्सों को मिलाने की इच्छा नहीं रखते थे, क्योंकि, उन्होंने मार्च 2020 ...

हाँग काँग का नया सुरक्षा क़ानून सी॰सी॰पी॰ के शीर्ष अधिकारियों की संपत्ति को छुपाने के लिए लाया गया है

अपने वित्तीय लाभों को अपने देश से अलग रखने के लिए, चीनी अभिजात्य वर्ग विशेषकर, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्व के शीर्ष अधिकारी लंबे समय से अपने पैसे तथा संपत्ति हाँग काँग में रखने के कारण संदेह के घेरे में रहे हैं| इसलिए, चीनी लोगों के विचार के परे, न्यू यॉर्क टाइम्स की एक जांच ने इस बात की पुष्टि की है| हाल ही में प्रकाशित एन॰वाई॰टी॰ की एक रिपोर्ट का शीर्षक है “लग्ज़री घरोंवाले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कुलीन वर्ग हाँग काँग की नियति”, इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि सी॰सी॰पी॰ के शीर्ष अधिकारियों के रिश्तेदार अपने स्वयं के लाभ के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय के हाँग काँग के वित्तीय परिदृश्य का प्रयोग करके काफ़ी दौलत जमा कर चुके हैं| सी॰सी॰पी॰ के शीर्ष चार में से तीन के निकटतम संबंधियों ने हाँग काँग की लग्ज़री अचल संपत्ति में 51 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश किए हैं| ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब हाँग काँग में विशाल संपत्ति रखनेवाले तथा निवेश करनेवाले सी॰सी॰पी॰ के अन्य शीर्ष अधिकारियों के संबंधियों के साथ व्यावसायिक सौदे करने तथा हाँग काँग में अपनी परिसंपत्तियाँ रखने के लिए, चीनी राष्ट्...

स्वाधीनता दिवस के अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने आत्म-निर्भरता पर बल दिया

15 अगस्त 2020 को लाल क़िले की प्राचीर से राष्ट्र को किए गए अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम अपने स्वतंत्र अस्तित्व के 75वें वर्ष में प्रवेश करेंगे| यह एक यादगार अवसर है| सभी 130 करोड़ भारतवासियों को आनेवाले दो वर्षों के लिए महत्वपूर्ण संकल्प लेने होंगे| अपनी स्वाधीनता के जब हम 75 वर्ष पूरे करेंगे, तब हम उन संकल्पों से मुक्त होने के योग्य हो सकेंगे| प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने कड़ी वचनबद्धता, अटूट एकता, ईमानदार तपस्या, आत्मसंयम तथा बलिदान के साथ स्वाधीनता की लड़ाई लड़ी| उन्होंने मातृभूमि भारत के लिए जिस तरह से अपने जीवन का बलिदान दिया, उसे हमें नहीं भूलना चाहिए| हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि दासता के लंबे अंधेरे समय के दौरान, एक क्षण के लिए भी उन्होंने स्वाधीनता की इच्छा को छोड़ा नहीं| बापूजी (महात्मा गांधी) के नेतृत्व में जन आंदोलनों के साथ महान राष्ट्रीय जागरण ने स्वाधीनता के संघर्ष को एक नई गति प्रदान की| इसी कारण, आज हमें इस प्रकार के उत्साह के साथ स्वाधीनता दिवस मनाने का सौभाग्य मिला है| पूरी दुनिया में, स्वाधीनता की अपनी लड़ाई में भारत एकता की अपनी शक...

अरब जगत के साथ पाकिस्तान के सम्बन्धों में तनाव

भारत द्वारा अनुच्छेद 370 हटाये जाने की पहली वर्षगांठ पर, फ़रवरी 2020 की शुरुआत में कश्मीर पर इस्लामिक सहयोग संगठन परिषद (ओ॰आई॰सी॰) के विदेश मंत्रियों (सी॰एफ़॰एम॰) की एक बैठक ‘आयोजित’ करने में सऊदी अरब द्वारा पाकिस्तान की मदद नहीं करने संबंधी मुद्दे को पाकिस्तान के विदेश मंत्री, शाह मेहमूद क़ुरेशी ने टी॰वी॰ के एक साक्षात्कार में उठाया| क़ुरेशी ने टी॰वी॰ चैनल को दिये अपने साक्षात्कार में कहा कि जब ओ॰आई॰सी॰ कश्मीर पर सी॰एफ़॰एम॰ की बैठक आयोजित नहीं करेगी, तो “पाकिस्तान कश्मीर तथा दमित कश्मीरी मुस्लिमों के समर्थन के मुद्दे पर इसके विचारों का समर्थन करनेवाले इस्लामिक देशों के साथ एक बैठक आयोजित करने को बाध्य होगा|” उन्होंने कहा कि “पाकिस्तानी मक्का और मदीना के लिए अपने जीवन का बलिदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, ऐसे में सऊदी अरब को कश्मीर मुद्दे पर एक अग्रणी भूमिका निभाने की आवश्यकता है, यह कहते हुए उन्हें सीमाओं का ख़्याल भी नहीं रहा और वे भावनाओं में बह गए| अगर वह इस भूमिका को निभाने में इच्छुक नहीं है, फिर मैं प्रधानमंत्री, इमरान ख़ान को या तो सऊदी अरब के साथ में या फिर उसके बिना ही आगे बढ़...

भारत-बेलारूस के संबंध विकास के लिए तैयार

बेलारूस के पदधारी राष्ट्रपति, अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने 2020 का राष्ट्रपतित्व चुनाव जीत लिया है| वे 26 वर्षों से अधिक समय से बेलारूस के राष्ट्रपति रहे हैं| चुनाव परिणामों की जैसे ही घोषणा हुई, राजधानी मिंस्क तथा अन्य स्थानों पर नागरिक अपनी असंतुष्टि व्यक्त करने संबंधी विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर जमा हो गए| बहरहाल, चुनाव के परिणामों से भारत तथा बेलारूस के द्विपक्षीय सम्बन्धों पर किसी प्रकार के प्रभाव पड़ने की आशा नहीं की जा रही है| बेलारूस के साथ भारत के संबंध परंपरागत रूप से गर्मजोशीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण रहे हैं| सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में एक स्वतंत्र देश के रूप में बेलारूस को सबसे पहले स्वीकृति देनेवाले देशों में भारत शामिल था| परस्पर हितों के मुद्दों पर बहुपक्षीय मंच में एक दूसरे के साथ सहयोग करने तथा विभिन्न मामलों पर विचारों की समानता तथा अच्छी समझ को विकसित करने में इस स्वीकृति ने दोनों देशों को मदद दी| दोनों देशों के बीच के सहयोग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यू॰एन॰एस॰सी॰) तथा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एन॰एस॰जी॰) जैसे बहुत से बहुपक्षीय मंचों पर देखने को मिले हैं|...

अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया एक क्षेत्रीय शक्ति का खेल ना बने

अफ़ग़ान तालिबान तथा अमरीकी सरकार के बीच शांति वार्ता की शुरुआत होने की आशाएँ अब उज्ज्वल दिख रही हैं| 7 अगस्त से 9 अगस्त तक काबुल में तीन दिवसीय ग्रैंड एसेम्बली (लोया जिरगा) की हुई बैठक में बचे हुए 400 तालिबान क़ैदियों को हिरासत से रिहा करने के निर्णय लिए जाने के साथ यह स्पष्ट हुआ| ग्रैंड एसेम्बली ने तालिबन को इस आशा में रियायत दी है कि इससे वार्ता का मार्ग प्रशस्त होगा तथा आशा है यहाँ शांति बहाल होगी| गत फ़रवरी में दोहा में तालिबान तथा अमरीका के बीच हस्ताक्षरित इस पहल को शांति समझौते के रूप में देखा जाना चाहिए| शांति वार्ता शुरू करने की एक पूर्व शर्त के रूप में इस समझौते के अंतर्गत तालिबान क़ैदियों को रिहा किया गया है| इसके अनुसार, गत छह महीनों के दौरान अफ़ग़ान सरकार ने पाँच हज़ार तालिबानी क़ैदियों को रिहा किया है| इसके बाद सिर्फ़ चार सौ क़ैदी बच गए थे| ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि, इन क़ैदियों द्वारा गंभीर प्रकृति के अपराध किए जाने की कारण राष्ट्रपति, अशरफ़ ग़नी इनके मुक़दमे पर बल दे रहे थे| लेकिन यहाँ भी तालिबान का अपना उपाय था| इस प्रकार, शांति वार्ता करवाने का रास्ता साफ़ होने के बाद भी, अफ़ग़ानिस्तान में...

भारत-जापान आर्थिक साझेदारी का सशक्तिकरण

इन्वेस्ट इंडिया एक्सक्लूसिव इन्वेस्टमेंट फ़ोरम के तीसरे संस्करण में हाल ही में जापान संस्करण का आयोजन किया गया था| इसका उद्देश्य व्यवसाय के लिए अनुकूल स्थितियों को उत्पन्न करके भारत- जापान व्यापार तथा निवेश सहयोग को और सशक्त बनाना है| हालांकि, ये कोविड-19 के प्रभाव का सामना कर रहे हैं| भारत के आर्थिक आधुनिकीकरण तथा एक आत्मनिर्भर भारत बनाने सम्बन्धी प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में जापान मुख्य सहयोगियों में से एक है| जापानी तकनीक का सोर्सिंग तथा जापानी जनता का सक्रिय जुटाव और निजी क्षेत्र के निवेश नई दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण हैं| इसके विशाल बाज़ार के कारण जापानी कंपनियों के लिए भारत एक पसंदीदा देश है| जापानी विनिर्माण कंपनियों के सौजन्य से विदेशी व्यापार कार्य-प्रणालियों पर जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बैंक (जे.बी.आई॰सी.( द्वारा कराये गए हाल की सर्वेक्षण रिपोर्ट में चीन को पछाड़ते हुए भारत शीर्ष स्थान पर पहुंचा| 2000 से 2020 तक 33॰5 बिलियन अमरीकी डॉलर के संचयी एफ़॰डी॰आई॰ अंतर्वाह के साथ जापान, भारत में चौथा सबसे बड़ा निवेशक है| इस अवधि के दौरान, भारत के कुल एफ़॰डी॰आई॰ अंतर्व...

भारत कृषि तथा रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर

कृषि तथा रक्षा समेत भारत के मुख्य क्षेत्रों की शक्ति आत्म-निर्भरता में है| आत्म-निर्भरता एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य देश को वैश्विक मंच के शीर्ष पर पहुंचाना है| यह निर्विवाद रहा जब प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने कृषि मूलभूत संरचना कोष के अंतर्गत एक लाख करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा की शुरुयात की| रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह ने 101 रक्षा उपकरणों की एक सूची की घोषणा की| इन उपकरणों के आयात दी गई समयसीमा के परे तक प्रतिबंधित रहेंगे| ये दो घटनाक्रम विश्व की तेज़ी से विकसित होती आर्थिक शक्ति बनने के भारत के टैग को कमज़ोर पड़ने में अधिक समय को गँवाए बग़ैर इसके आत्म-निर्भर बनने के उद्देश्य में एक नए चरण को चिन्हित करते हैं| कृषि मूलभूत संरचना कोष का उद्देश्य देश के कृषि समुदाय को योग्य बनाना है, ताकि यह समुदाय अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए अपने उत्पादन का भंडारण कर सके और फिर इनकी बर्बादी में कमी करके अपने कृषि उत्पादन को अधिक मूल्य पर बेच सके| यह कोष कृषि क्षेत्र में “स्टार्ट अप्स” के लिए लाभ की भी परिकल्पना करता है| इससे फ़सल कटाई के बाद के प्रबंधन को बढ़ाकर एक तंत्र उत्पन्न करने के लिए इन्हें एक ...

श्रीलंका में संसदीय चुनाव 2020: राजपक्षे के लिए जनादेश

बुधवार को श्रीलंका ने संसदीय चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन किया| प्रधानमंत्री, महिंदा राजपक्षे की नेतृत्ववाली पार्टी, पोदूजना पेरामुना (एस॰एल॰पी॰पी॰) 59॰09 प्रतिशत मतों को सुरक्षित करते हुए विजेता बनकर उभरी| 225 सदस्योंवाली संसद में एस॰एल॰पी॰पी॰ ने नेशनल लिस्ट्स की सीटों समेत कुल 145 सीटों को सुरक्षित किया| एक नव गठित गठबंधन समागी जन बलावेगाया (एस॰जे॰बी॰) ने कुल 54 सीटें सुरक्षित की| मुख्य तमिल पार्टी, तमिल नेशनल एलायंस (टी॰एन॰ए॰) ने 10 सीटें हासिल की| जनथा विमुक्ति पेरामुना की अगुआईवाली जाथिका जन बलावेगाया को तीन सीटें मिलीं| 2015 से 2019 तक नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट की नेतृत्व करनेवाली श्रीलंका की सबसे पुरानी पार्टी, यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यू॰एन॰पी॰) नेशनल लिस्ट्स के माध्यम से संसद में एक सीट हासिल कर सकी| इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए कि श्रीलंका आनुपातिक प्रतिनिधित्व निर्वाचन प्रणाली का पालन करता है, जिसके अंतर्गत संसद की 225 सीटों में से 29 सीटें नेशनल लिस्ट्स के माध्यम से निर्धारित होती हैं और 198 सीटों का निर्वाचन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से होता है| इस बार, कोरोनावायरस ...