Posts

Showing posts from July, 2020

कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत

भारत का ताज, कश्मीर मिश्रित संस्कृति के एक अत्यधिक सटीक उदाहरणों में से एक है, जहां एक दूसरे की परम्पराओं के मूल्यों को यहाँ सम्मिलित हुए, पीढ़ियों से विचारों की विभिन्न धाराएँ एक साथ रहीं हैं| यहाँ हिन्दू, बौद्ध तथा इस्लाम से प्रभावित कई सिद्धांतों का एक वास्तविक मेल देखने को मिलता है, जिसे आमतौर पर “कश्मीरियत” कहा जाता है| इस दर्शन का सार एकता तथा भाईचारे के साथ जीने में है| 14वीं सदी में इस्लाम के आने तक, कश्मीर हिन्दू तथा बौद्ध धर्म के प्रभाव में था| इसके बाद यह इस्लाम के प्रभाव में आया| लेकिन धर्म, आध्यात्मिकता तथा विचार की ये धाराएँ एक दूसरे की विरोधी नहीं थीं, बल्कि एक दूसरे का गुणगान किया करती थीं| इसलिए, यदि वहाँ हिन्दू आध्यात्मिकता थी, तो वहाँ इस्लाम की आध्यात्मिक परंपरा, सूफ़ी आंदोलन भी पनपा| महान आध्यात्मिक कवयित्री लल्लेश्वरी, जिन्हें आमतौर पर लल्ल देद के नाम जाना जाता है| उन्होंने अपनी “वख्स” यानि कविताओं के माध्यम से आध्यात्मिकता का उपदेश दिया| वे इस्लामोत्तर तथा इस्लाम के पूर्व के बीच की सेतु थीं, जिन्होंने अपनी विरासत अपने समकालीन शेख़ नूर उद्दीन को सुपुर्द किया, जिन्हें...

राफ़ेल: खेल पलटनेवाला लड़ाकू विमान

अंबाला वायुसेना स्टेशन पर पाँच लड़ाकू विमान, राफ़ेल की पहली खेप का आगमन निश्चित रूप से भारतीय वायु सेना (आई॰ए॰एफ़॰) की युद्धक क्षमताओं में एक बड़ी बढ़ोतरी है| इस समय, अंबाला हवाई अड्डे पर रणनीतिक रूप से स्थित 17 “गोल्डेन एरोज़” की शुरुआत अपने आप में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पश्चिमी मोर्चे से सिर्फ़ 250 किलोमीटर की दूरी पर वायु सेना की परिचालनगत तैयारी का संकेत है| फ़्रांसीसी विमानन कंपनी दसॉल्ट ने इन लड़ाकू विमानों को बनाया है| इन विमानों ने दक्षिणी फ़्रांस के बोर्डोक के मेरिग्नियाक हवाई अड्डे से उड़ान भरी तथा हवा से हवा में फिर से ईंधन भरकर भारत पहुँचने से पहले, इन विमानों ने संयुक्त अरब अमीरात के फ़्रांसीसी हवाई अड्डे पर एक बार रुककर 7,000 किलोमीटर की दूरी तय की| आई॰ए॰एफ़॰ का मानना है कि राफ़ेल “खेल पलटनेवाला” विमान है| राफ़ेल युद्धक विमान से भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर आकाशीय शक्ति के समीकरण को फिर से स्थापित करने की आशा की जा रही है| वास्तव में, आकाशीय शक्ति भविष्य के युद्ध क्षेत्रों में निर्णायक कारक होगी| कार्यसाधकता, लंबी पहुँच तथा स्टैंड-ऑफ़ रेंज पर सटीक हथियार वितरण आकाशीय शक्ति को विश...

‘मन की बात’ (14वीं कड़ी)

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | आज 26 जुलाई है, और, आज का दिन बहुत खास है | आज, ‘कारगिल विजय दिवस’ है | 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था | साथियो, कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो, भारत कभी नहीं भूल सकता | पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहाँ चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था | भारत तब पाकिस्तान से अच्छे संबंधों के लिए प्रयासरत था, लेकिन, कहा जाता है ना “बयरू अकारण सब काहू सों | जो कर हित अनहित ताहू सों || यानी, दुष्ट का स्वभाव ही होता है, हर किसी से बिना वजह दुश्मनी करना | ऐसे स्वभाव के लोग, जो हित करता है, उसका भी नुकसान ही सोचते हैं इसीलिए भारत की मित्रता के जवाब में पाकिस्तान द्वारा पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश हुई थी, लेकिन, उसके बाद भारत की वीर सेना ने जो पराक्रम दिखाया, भारत ने अपनी जो ताकत दिखाई, उसे पूरी दुनिया ने देखा | आप कल्पना कर सकते हैं – ऊचें पहाडों पर बैठा हुआ दुश्मन और नीचे से लड़ रही हमारी सेनाएँ, हमारे वीर जवान, लेकिन, जीत पहाड़ की ऊँचाई ...

प्रधानमंत्री ने आर्थिक गतिविधियों में नवोन्मेष का आह्वान किया

ऑल इंडिया रेडियो नेटवर्क पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम, “मन की बात” में प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने भारत की जनता को संबोधित किया| प्रधानमंत्री ने कहा कि 26 जुलाई एक बहुत ही विशेष दिन है| आज से 21 वर्ष पहले, हमारी सेना ने करगिल युद्ध में जीत का झण्डा फहराया| जिन हालातों में करगिल का युद्ध हुआ, भारत उन्हें कभी नहीं भूल सकता है| अपने देश के आंतरिक झगड़ों से ध्यान हटाने के लिए, भारतीय ज़मीन पर धोखे से घुसपैठ करके पाकिस्तान ने इस मुसीबत की शुरुआत की थी| तब भारत पाकिस्तान के साथ अच्छे सम्बन्धों को प्रोत्साहित देने संबंधी प्रयास करने की प्रक्रिया में था| प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध के समय में हम जो कुछ भी कहते हैं या करते हैं, उसका सीमा पर सदा मुस्तैद रहनेवाले हमारे सैनिकों तथा उनके परिवार के मनोबल पर बहुत गहरा असर होता है| हमें इसे कभी नहीं भूलना चाहिए| इसलिए हमारे आचरण, हमारा व्यवहार, हमारा भाषण, हमारे वक्तव्य, हमारी सीमाएं, हमारा उद्देश्य, हम जो कुछ भी करते हैं और कहते हैं, वो विशेष रूप से हमारी सेनाओं के मनोबल तथा सम्मान को बढ़ाने में सहायक होने चाहिए| प्रधानमंत्री का मानना है कि पिछले ...

कोविड-19 वैक्सीन की दौड़ में: भारतीय वृत्तान्त

चीनी शहर वुहान से अचानक कोरोनावायरस के उभार के कारण विश्व इससे उबरने की कठिन स्थिति में घिर गया| पहले तो विश्व इसके फैलाव, इसके लक्षण से निपटने में परेशान रहा, कि क्या यह वायरस संक्रामक है या ग़ैर-संक्रामक? दूसरे और सबसे महत्वपूर्ण, क्या इसके लिए कोई तात्कालिक एंटीजेन है? भारत एकाग्रचित्त होकर लगभग मध्य-जनवरी में अपने नागरिकों को संक्रमण से बचाने के लिए चीन के लिए एक यात्रा परामर्श जारी किया| विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू॰एच॰ओ॰) ने व्यापक तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किए तथा उस समय वायरस पर मिली जानकारी के अनुसार, सभी देशों को संभावित मामलों का पता लगाने,परीक्षण करने तथा इसका प्रबंधन करने की सलाह दी| इस सलाह के बाद, चीन तथा हाँग काँग से आनेवाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की शुरुआत हुई| इस वायरस का और अधिक देशों में फैलने के साथ, डब्ल्यू॰एच॰ओ॰ ने इसे एक वैश्विक महामारी घोषित कर दिया और कहा कि इससे बचाव के अलावा फिलहाल इसका कोई उपचार उपलब्ध नहीं है| भारतीय प्रयोगशालाएं कोविड-19 के लिए एक प्रभावशाली वैक्सीन तलाशने संबंधी वैश्विक प्रयास में शामिल हुईं| कोविड-19 का बोझ घुमावदा...

भारत-अमरीका के व्यापारिक सम्बन्धों को सुदृढ़ बनाना

प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने मूलभूत संरचना, एविएशन, रक्षा तथा अन्तरिक्ष अनुसंधान समेत भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अमरीकी कंपनियों से निवेश करने को कहा है| वे “इंडिया आइडियाज़ शिखर सम्मेलन” को संबोधित कर रहे थे| इस शिखर सम्मेलन की मेज़बानी अमरीका-भारत व्यवसाय परिषद ने की| इस शिखर सम्मेलन की विषय-वस्तु “एक बेहतर भविष्य का निर्माण” थी| कोविड-19 के बाद रिकवरी एजेंडा के रूप में इंडिया आइडियाज़ शिखर सम्मेलन का उद्देश्य भारत में विदेशी पूंजी को आकर्षित करना है| प्रधानमंत्री ने बल देते हुए कहा कि 2020-21 की पहली तिमाही में भारत को विदेशी निवेश में 20 बिलियन डॉलर मिले हैं| उन्होंने यह भी कहा कि भारत की “व्यापार करने की सुगमता” के स्तर में सुधार हुआ है| निवेश आशावाद भारत की मुख्य व्यवसाय रेटिंग्स में और अधिक सुधार को निर्धारित कर सकता है| भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़॰डी॰आई॰) में काफ़ी आगे निकाल चुका है| एफ़॰आई॰आई॰ पोर्टफ़ोलियो निवेश से एफ़॰डी॰आई॰ विदेशी निवेश में जाना एक अच्छी प्रवृत्ति है, क्योंकि विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेश की तुलना में एफ़॰डी॰आई॰ अपेक्षाकृत एक स्थिर निवेश है| एफ़॰आ...

भारत-अमरीका के बीच नौसैनिक अभ्यास

अंडमान एवं निकोबार द्वीपों में तटों से दूर भारत ने अमरीकी नौसेना के साथ एक साझा नौसैनिक अभ्यास किया| अमरीका के साथ हुए अभ्यास को पैस्सेक्स या पासिंग अभ्यास नाम दिया गया| इसमें ज़मीनी कार्रवाई, निगरानी तथा दो नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता को नियंत्रित करने के लिए पनडुब्बी-रोधी क़वायद तथा श्रेष्ठ अभ्यासों को साझा करने जैसे भिन्न तरह के समन्वित अभ्यास शामिल किए गए| हिन्द महासागर में चीन की बढ़ी हुई उपस्थिती को ध्यान में रखते हुए, यह विकास महत्वपूर्ण है|  मलक्का जलडमरुमध्य की अनदेखी करनेवाले चीन समेत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के संकटपूर्ण समुद्रीमार्ग से संबन्धित एक समुद्री क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी में अभ्यासों का संचालन बहुत ही महत्वपूर्ण है| इन अभ्यासों में चार नौसैनिक जहाज़ शामिल किए गए तथा एक परमाणु शक्तिसम्पन्न युद्ध पोत यू॰एस॰एस॰एस॰ निमित्ज़ समेत अमरीकी बेड़े से इन जहाज़ों का संचालन किया गया| ध्यातव्य है कि ये युद्धक बेड़े दक्षिण चीन सागर में “फ़्रीडम ऑफ़ नेविगेशन” अभियानों को संचालित करते रहे हैं| यह अभ्यास ठीक उसी समय पर हुआ, जब चीन विवादास्पद दक्षिण चीन सागर के निकट अपन...

भारत-अमरीका रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी सभी के लिए लाभकारी

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में भारत ने एक महत्वपूर्ण क़दम उठाया है| नई दिल्ली ने अमरीका के साथ रणनीतिक पेट्रोलियम संचय प्रचालन तथा रखरखाव पर सहयोग के लिए एक सहमति पत्र (एम॰ओ॰यू॰) पर हस्ताक्षर किया है| यह क़दम अत्यधिक महत्वपूर्ण है| यह गत सप्ताह भारत-अमरीका रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की दूसरी मंत्रीस्तरीय बैठक के दौरान सम्पन्न हुआ| इस पहल की शुरुआत अप्रैल 2018 में प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी तथा अमरीकी राष्ट्रपति, डॉनल्ड ट्रम्प के निर्देश पर हुई थी| इस प्रकार के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के साथ, देश भू-राजनीतिक हलचल की इस घड़ी में ना केवल निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति के योग्य हो सकेगा, बल्कि राजकोष पर अत्यधिक दबाव डालनेवाले 2008 जैसी अभूतपूर्व तेल के मूल्य की अस्थिरता से ख़ुद का बचाव भी कर सकेगा| अंतर्राष्ट्रीय तेल मूल्य की आपूर्ति में तेल आपूर्ति या अस्थिरता की बाधाओं से उपजी चुनौतियों पर क़ाबू पाने के लिए, अमरीका के रणनीतिक पेट्रोलियम संचय में कच्चे तेल को जमा करके भारत भविष्य के लिए संचित अपने तेल के भंडार को बढ़ाना चाहता है| फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच की चर्चाएं एक अग्रिम चरण पर हैं| वर...

सुधारात्मक बहुपक्षीयता प्रगति का एकमात्र रास्ता-संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक परिषद में प्रधानमंत्री का संबोधन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक परिषद की उच्च स्तरीय बैठक को ऑनलाइन संबोधित किया । बैठक में उन्होंने सुधरी हुई बहुपक्षीयता की बात करके इसे उल्लेखनीय बना दिया । उन्होंने याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र का जन्म दूसरे महायुद्ध की विभीषिका से हुआ और ऐसे में सदस्य देशों को चाहिए कि कोविड--19 की महामारी से पैदा संकट के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र में सुधार किए जाएं और इसे अधिक बहुपक्षीय बनाया जाए । श्री मोदी ने इस संदर्भ में सतत विकास के लक्षणों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया । संपूर्ण विश्व जनसंख्या के छठे भाग का प्रतिनिधित्व करने वाले भारत की सफलता सतत विकास लक्ष्यों की वैश्विक उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान करेगी । सतत विकास लक्ष्यों के मूल में निहित भावना ये है कि “कोई भी पीछे ना छूटे” । इसे पूरा करने के लिए मिल कर, सभी के कल्याण को ध्यान में रखते हुए प्रयास करने होंगे । भारतीय प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि भारत ने किस तरह अपने विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपनी स्थानीय व राज्य सरकारों, नागरिक समाज, समुदायों और जनता को शामिल करते हुए जम...

मालदीव को भारत की सहायता : महामारी के बीच एक बड़ा भरोसा

वैश्विक महामारी के बीच, पड़ोसी देशों की विशेष सम-आर्थिक आवश्यकताओं को संबोधित करने के लिए भारत की विकासपरक सहायता जारी है| इस सप्ताह, भारत ने मालदीव के 61 द्वीपों को आउटडोर फ़िटनेस उपकरण दिये| मालदीव को दिया गया फ़िटनेस उपकरण मार्च 2019 में मालदीव के राष्ट्रपति, इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की भारत यात्रा के दौरान घोषित पूरे मालदीव में सम-आर्थिक विकास परियोजनाओं के लिए भारत के सहायता अनुदान के हिस्से के रूप में था| सम-आर्थिक विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 6॰9 मिलियन अमरीकी डॉलर के एक नक़द अनुदान तथा स्थानीय निकायों के माध्यम से उच्च प्रभाव की समुदाय विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5॰5 मिलियन अमरीकी डॉलर के सहायता अनुदान प्रदान करने पर भारत सहमत हुआ था| इस अवसर पर बोलते हुए, मालदीव संसद के अध्यक्ष, मोहम्मद नशीद ने भारत के साथ मालदीव के सम्बन्धों के महत्व को रेखांकित किया| उन्होंने कहा कि “अगर मालदीव भारत के साथ निकटतम सम्बन्धों को तोड़ देता है, तो इसका विकास बाधित हो सकता है|” उन्होंने भारत जैसे पड़ोसियों तथा निकटतम सहयोगियों के साथ निपटते हुए अन्य नेताओं को संवेदनशील रहन...

15वां भारत-ई॰यू॰ शिखर सम्मेलन: 2025 के लिए एक नई रणनीतिक रूपरेखा का अंगीकार किया जाना

कोविड-19 महामारी के कारण, 15वां भारत-ई॰यू॰ शिखर सम्मेलन वर्चुअल फ़ॉर्मेट में हुआ| अपने साझा मूल्यों तथा लोकतन्त्र के प्रति समर्थन, स्वतन्त्रता, क़ानून तथा मानवाधिकारों के लिए सम्मान पर बल देते हुए, दोनों पक्षों ने यू॰एन॰ तथा डब्ल्यू॰टी॰ओ॰ पर केन्द्रित बहुपक्षीय व्यवस्था पर आधारित प्रभावशाली बहुपक्षवाद तथा नियमों के प्रति अपनी वचनबद्धता की पुष्टि की| यह शिखर सम्मेलन सम्बन्धों की समीक्षा करने का न केवल एक अवसर था, बल्कि इस महामारी के सम-आर्थिक परिणामों की पृष्ठभूमि में, इसने “ई॰यू॰-भारत रणनीतिक साझेदारी : 2025 की एक रूपरेखा” को अंगीकार भी किया| कथित रूपरेखा ने नए आयाम की शुरुआत की है| इस प्रकार, साझा कार्यवाही की संभावना का विस्तार करते हुए, भारत के प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी तथा ई॰यू॰ परिषद के अध्यक्ष श्री चार्ल्स माइकल और आयोग की अध्यक्ष, सुश्री उरसुला वॉन दएर लेएन वर्तमान चुनौतियों के प्रति प्रतिक्रियात्मक रणनीतिक साझेदारी की इस नई रूपरेखा को संचालित करने के तरीक़ों पर सहमत हुए| जन स्वास्थ्य मुद्दों को संबोधित करते हुए, दोनों पक्षों ने वैश्विक सहयोग तथा एकजुटता पर बल दिया तथा इस बा...

कोविड-19 के विरुद्ध भारत की लड़ाई नियम के अनुसार

नॉवेल कोरोनवायरस के वैश्विक प्रसार के छह महीने के बाद, भारत ने ना केवल इसके प्रसार को विलंबित किया, बल्कि इसके घातक प्रभाव को नियंत्रित करने में भी यह नियम के अनुसार है| पॉज़िटिव मामलों की दैनिक वृद्धि दर में बहुत अधिक कमी आई है तथा 63 प्रतिशत से अधिक संक्रमण मुक्त होने की दर इस बात पुष्टि करती है कि भारत ने अपनी बड़ी जनसंख्या का अच्छा ख़्याल रखा है| लॉकडाउन करने संबंधी समय पर लिए गए प्रधानमंत्री के निर्णय ने सुविधाओं तथा मूलभूत संरचनाओं को बढ़ाने के लिए सरकार को काफ़ी समय दिया| जनवरी महीने में,कोविड-19 के नमूनों की जांच करने के लिए भारत के पास केवल एक ही प्रयोगशाला थी| अब 1,200 से अधिक प्रयोगशालाएँ समान रूप से पूरे देश में फैली हुईं हैं| टेस्टिंग सुविधाओं के बढ़ने से स्क्रीनिंग में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है| भारत अभी तक 12 मिलियन से अधिक नमूनों की जांच कर चुका है| जांच करने, नज़र रखने तथा रोगियों के समुचित उपचार होने के कारण सचमुच में इसका एक अच्छा प्रभाव पड़ा है| भारत में कोविड-19 के पॉज़िटिव मामलों की संख्या 9 लाख के आंकड़े को पार कर चुका है, लेकिन, 63 प्रतिशत रोगी संक्रमण मुक्...

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में गूगल का विशाल निवेश प्रोत्साहन

आनेवाले पाँच से सात वर्षों में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था अमरीका के प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल के 10 बिलियन अमरीकी डॉलर के निवेश प्रस्ताव के साथ सचमुच में एक परिवर्तनकारी चरण के द्वार पर दिख रही है| भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटाइज़ेशन के चार निर्णायक क्षेत्रों में वरीयता के आधार पर भारत के उत्पादों और सेवाओं को प्रोत्साहन देने पर फ़ोकस करना इसका उद्देश्य है| प्रत्येक भारतीय नागरिक को उनकी भाषा में सूचना देना तथा सस्ती पहुँच में सुविधा पहुंचाना तथा भारत की अनोखी आवश्यकताओं से संबन्धित उत्पाद और सेवाओं के निर्माण, डिजिटल परिवर्तन की यात्रा तथा प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना और कृषि, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सामाजिक भलाई के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए॰आई॰) का छोटे तथा मझोले उद्यमों (एस॰एम॰ईज़) में विशेष रूप से प्रयोग करके व्यवसाय का सशक्तिकरण करना इसमें शामिल है| भारत के वर्चुअल शिखर सम्मेलन के लिए वार्षिक गूगल पर, पेरेंट अल्फ़ाबेट इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गूगल के सुंदर पिचाई ने कहा कि “इक्विटी निवेश, साझेदारी, संचालन तथा मूलभूत संरचना और एकोसिस्टम के निवेशों के एक मिश्रण”...

भारत-सिंगापुर के सम्बन्धों में मज़बूती  

सिंगापुर के प्रधानमंत्री, ली शिएन लूंग के नेतृत्व में सत्तारूढ़ पीपल्स एक्शन पार्टी (पी॰ए॰पी॰) की गत सप्ताह 2020 के आम चुनावों में जीत के बाद सत्ता में हुई| मतदाताओं की संख्या 96 प्रतिशत थी| पी॰ए॰पी॰ ने संसद की 93 सीटों में से 83 पर जीत दर्ज की| शेष 10 सीटों पर विपक्षी-वर्कर्स पार्टी की जीत हुई| 1959 में पहली बार सत्ता में आने के बाद पी॰ए॰पी॰ का यह लगातार 15वां कार्यकाल है| सिंगापुर के चुनाव फ़र्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट निर्वाचन प्रणाली अर्थात सरल बहुमत प्रणाली पर होते हैं| प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री, ली शिएन लूंग को उनकी चुनावी जीत पर उन्हें बधाई दी| सिंगापुर के चुनावी परिणाम के कारण भारत-सिंगापुर के सम्बन्धों में और निरंतरता आएगी तथा इसमें बढ़ोतरी होगी| भारतीय प्रधानमंत्री तथा सिंगापुर के प्रधानमंत्री, ली के नेतृत्व में सम्बन्धों में काफ़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है| 1959 से 1990 तक सिंगापुर के प्रधानमंत्री रहे तथा सिंगापुर के संस्थापक, दिवंगत ली कुआन यू की प्रधानमंत्री मोदी ने सदा प्रशंसा की है| एक आधुनिक सिंगापुर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसे बढ़ा-चढ़कर कह...

भारत ने पेरिस समझौते के अंतर्गत अमीर राष्ट्रों से वित्तीय तथा प्रौद्योगिकीय समर्थन देने की अपील की

अब से लगभग पाँच महीने यानि दिसंबर महीने में, “पेरिस समझौते” पर 197 देशों की बातचीत के पाँच वर्ष हो जाएंगे| यह समझौता वैश्विक तापमान की बढ़ोतरी को औद्योगिक-पूर्व के स्तरों से 2 डिग्री सेल्सियस के नीचे रखने की बात करता है और अंत में, इस समझौते में तापमान वृद्धि को 1॰5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने की मांग की गई है| इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, प्रत्येक हस्ताक्षरकर्ता उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य निर्धारित करते हुए तथा इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निर्दिष्ट उपायों का ब्योरा देते हुए, अपनी राष्ट्रीय योजना प्रस्तुत करता है| इस समझौते के अंतर्गत, अमीर तथा विकसित देशों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन तथा इससे निपटने की अपनी तलाश में विकासशील दुनिया को वित्तीय तथा प्रौद्योगिकीय समर्थन देने हैं| प्रत्येक वर्ष, पेरिस समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन पर चर्चा को आगे बढ़ाने तथा वैश्विक जलवायु कार्यवाही के प्रति सतत राजनीतिक वचनबद्धता को प्रदर्शित करने और इस दिशा में हुई प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए एक बैठक आयोजित की जाती है| कोरोनवायरस महामारी के परिदृश्य में, चौथे सत्र की इस वर्ष की बैठक वर्चुअ...