भारत और मध्य एशियाई देशों ने आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराया
भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की दूसरी वार्ता इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में संपन्न हुई। हम जानते हैं कि भारत और दक्षिण एशिया के पाँच देशों के बीच ऐतिहासिक और पारंपरिक स्तर पर काफी गहरे संबंध हैं। दक्षिण एशिया के इस पांच देशों में कजाकिस्तान, किर्गिज़ गणराज्य, तजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज़्बेकिस्तान शामिल हैं। 1990 के दशक के शुरुआती दौर में इन पाँचों गणराज्यों के स्वतंत्र होने के बाद से ही, इन देशों के साथ भारत के काफी घनिष्ठ राजनीतिक, आर्थिक और सास्कृतिक संबंध रहे हैं। भारत और मध्य एशिया के पांच देशों के विदेश मंत्रियों की ये वार्ता सी5+1 फॉर्मेट पर आयोजित की गई। ये फॉर्मेट मध्य एशिया के पांचों देशों के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म के तौर पर उभरकर सामने आया है। पहली भारत-मध्य एशिया वार्ता को भारत और उज़्बेकिस्तान ने वर्ष 2019 में संयुक्त रूप से ‘समरकंद’ में आयोजित किया था। इस श्रंखला में दूसरी वार्ता को इस साल अप्रैल में आयोजित किया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते ये वार्ता उस समय पर नहीं पाई। अब इस वार्ता को इस सप्ताह के शुरू में व...