संसद में इस सप्ताह

विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फै़सले के बाद पाकिस्तान को कहा है कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को रिहा करके भारत भेज दिया जाए। संसद के दोनों सदनों में अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि यह फै़सला ना केवल भारत और जाधव के पक्ष में है बल्कि अंतरराष्ट्रीय संधियों की शुचिता और क़ानून व्यवस्था में भरोसा करने वाले सभी लोगों के लिए न्याय की स्थापना भी है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया की जाधव पर ग़लत आरोप लगाए गए और उचित प्रक्रिया तथा क़ानूनी प्रतिनिधित्व की उपस्थिति के बिना ज़बरदस्ती लिया गया उनका बयान सच्चाई नहीं बदल सकता। विदेश मंत्री ने बताया कि न्यायालय ने कहा है कि पाकिस्तान ने दूतावास संबंधों से जुड़े वियना समझौते की बाध्यताओं का उल्लंघन किया है। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने यह भी कहा कि इस्लामाबाद बिना और देर किए जाधव को उनके अधिकारों के बारे में सूचित करे और उन्हें भारतीय राजनयिक पहुंच उपलब्ध करवाए।

संसद में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (संशोधन) विधेयक 2019 भी पारित किया। राज्यसभा ने इसे सर्वसम्मति से पास किया और लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है। विधेयक का उद्देश्य भारतीय नागरिकों या भारतीय संपत्तियों को निशाना बनाते हुए भारत से बाहर किए जाने वाले सूचित अपराधों की जाँच के लिए एजेंसी के अधिकारों और प्रभाव को बढ़ाना है। इस संशोधन के बाद एजेंसी को मानव तस्करी, नकली मुद्रा, प्रतिबंधित हथियारों के निर्माण और बिक्री, साइबर आतंकवाद तथा 1908 के एक्सप्लोसिव सब्सटेंसिस एक्ट के अंतर्गत किए जाने वाले अपराधों की अतिरिक्त जाँच का अधिकार मिल जाएगा। मानव तस्करी और साइबर आतंकवाद जैसे मामलों की सुनवाई के लिए इसके अंतर्गत विशेष न्यायालय स्थापित करने का प्रावधान भी है। एक बहस के जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को आश्वासन दिया की एजेंसी विदेशों में भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हित के ख़िलाफ़ किए जाने वाले आतंकवाद से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से निपटा सकेगी।

संसद ने नई दिल्ली मध्यस्थता केंद्र विधेयक 2019 भी पारित किया। राज्यसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित किया और लोकसभा पहले ही विधेयक पास कर चुकी है। विधेयक में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र की स्थापना और समावेशन का प्रावधान है ताकि संस्थागत मध्यस्थता के लिए एक स्वतंत्र और स्वायत्त व्यवस्था तैयार की जा सके।

लोकसभा ने वित्त विधेयक 2019 को भी मंज़ूरी दी। यह 2019-2020 के लिए केंद्रीय सरकार के प्रस्तावों को प्रभावी बनाता है। कर विधान में प्रस्तावित संशोधनों के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये संशोधन मेक इन इंडिया और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा को बताया कि भारत और चीन सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए द्विपक्षीय समझौतों का पालन कर रहे हैं। वे संसद में कांग्रेस के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बोल रहे थे। सदस्य ने कहा था कि इसी माह 6 तारीख़ को धर्मगुरु दलाईलामा के जन्म दिवस के अवसर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास डेमचोक क्षेत्र में चीनी नागरिकों ने कथित प्रवेश किया था। श्री सिंह ने बताया कि डोकलाम क्षेत्र के पास दोनों देशों की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह संयम का पालन कर रही हैं।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को दिए लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने देश में होने वाले अवैध प्रवास को रोकने के कई उपाय किए हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर दीवारें खड़ी करना तथा सीमा रक्षा दस्तों द्वारा चौकसी बढ़ाना भी शामिल है।

विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरण ने लोकसभा को बताया कि लगातार प्रयासों के फलस्वरूप नई दिल्ली 2014 से लेकर अब तक पाकिस्तान से 2110 भारतीय क़ैदियों को रिहा करवाने और भारत लाने में सफल रही है। इन में मछुआरे भी शामिल हैं।

एक और सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि भारत ने नवंबर 2013 में 2021-2022 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थाई सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। ये एशिया प्रशांत समूह के लिए उपलब्ध एकमात्र सीट है। जून 2019 में 2021-2022 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का एशिया प्रशांत समूह के 55 देशों ने समर्थन किया था। इस अवधि के लिए न्यूयॉर्क में जून 2020 में चुनाव होगा।



आलेख- वी मोहनराव, पत्रकार

अनुवाद- नीलम मलकानिया

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