भारत और मालदीव के बीच छठी संयुक्त आयोग बैठक

भारत और मालदीव के बीच छठी संयुक्त आयोग बैठक नई दिल्ली में हुई। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने बैठक की अध्यक्षता की। संयुक्त आयोग बैठक से भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण विस्तृत परिदृश्य की समीक्षा करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले एक साल में, सोलह सरकार के गठन के बाद मालदीव में सकारात्मक लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम होने से कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विकास सहायता के माध्यम से मालदीव में सामाजिक क्षेत्र के विकास के अलावा, दोनों देश समुद्री, सुरक्षा और रक्षा सहयोग का विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। मालदीव में राष्ट्रपति चुनावों के बाद भारत ने उसे एक अरब 40 करोड अमरीकी डॉलर का आर्थिक सहायता पैकेज देने की घोषणा की है। इसके अलावा, भारत ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 80 करोड़ अमरीकी डॉलर की उधार क्षमता यानि लाइन ऑफ क्रेडिट और उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए 56 लाख अमरीकी डॉलर अनुदान सहायता की भी घोषणा की। इन सहायता परियोजनाओं से मालदीव को विभिन्न 'एटोल' यानि द्वीपों के बीच विकास की खाई को पाटने में मदद मिलेगी। 2019 की संयुक्त राष्ट्र की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार, मालदीव में बड़ी मात्रा में असमानता की स्थिती लगातार बनी हुई है।

इस क्षेत्र में बढते गैर-पारंपरिक खतरों के कारण सुरक्षा सहयोग, द्विपक्षीय सम्बंधों में प्राथमिकता के क्षेत्र के रूप में उभर कर सामने आया है। भारत ने कामयाब नाम का तटरक्षक जहाज समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए’को उपहार में दिया। भारत-मालदीव के रक्षा सहयोग के तहत मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण और प्रशिक्षण तथा तटीय निगरानी रडार प्रणाली (CSR) की स्थापना शामिल है। संयुक्त आयोग बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी, चरमपंथी हिंसा और आतंकवाद-का मुकाबला करने के मुद्दे पर संयुक्त कार्यदल की बैठक की तिथि निर्धारित करने का निर्णय लिया।

मालदीव ने आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए कई पहल की हैं। आतंकवाद निरोधक अधिनियम में संशोधन किया जिसमें सीरिया को युद्ध क्षेत्र घोषित किया गया और सरकारी अनुमति के बिना सीरिया की यात्रा पर जाना दंडनीय अपराध है। मालदीव के राष्ट्रपति आयोग की मांग है कि इस्लामिक स्टेट (IS) और अल-कायदा से संबद्ध मालदीव के नागरिकों के खिलाफ आरोप तय किये जाए। अमेरिका ने "आतंकवादी नेता" के रूप में मोहम्मद अमीन को पहले मालदीव के नागरिक के रूप में नामित किया था।

लापता होने और मौत के मामलों के राष्ट्रपति आयोग ने अल-कायदा से जुड़े कथित नेताओं मोहम्मद मजीद और सोमिथ मोहम्मद को अहमद रिलिम यामीन रशीद जैसे प्रमुख ब्लॉगर्स और पत्रकारों की हत्या में उनकी भूमिका के लिए भी नामित किया। जनवरी 2014 से लेकर अब तक देश में धार्मिक अतिवाद के 188 मामले दर्ज किए गये है।

डिजिटल कनेक्टिविटी और लोगों से लोगों के संपर्क को बढ़ाना द्विपक्षीय स्तर पर प्राथमिकता रही है और संयुक्त आयोग बैठक में पुष्टि की गयी कि RuPay ’ रूपे प्रणाली को अपनाने से और मालदीव को राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) के विस्तार से सभी को जोड़ने वाली कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

भारत की वित्तीय सहायता से हुल्हुमले में बने क्रिकेट स्टेडियम के विकास की प्रगति की समीक्षा भी संयुक्त आयोग बैठक में की गयी। छठी संयुक्त आयोग बैठक में भारत के चुनाव आयोग और उसके मालदीव समकक्ष के बीच दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। बैठक में आपराधिक मामलों में आपसी कानूनी सहायता संधि भी की गयी। मालदीव के विदेश मंत्री ने भारत के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त आयोग बैठक “दोनों पक्षों को प्रगति की समीक्षा करने और दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को मजबूत और गहरा करने के लिए आगे भी अधिक महत्वाकांक्षी तरीके से काम करने में सक्षम करेगा”।

पिछला वर्ष दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय रूप से लाभकारी रहा है। कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं। मालदीव ने विश्वास बढाने और परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन के लिए भारत के साथ हर संभव क्षेत्र में साथ जुड़ने की इच्छा जतायी है। मालदीव में घरेलू राजनीतिक स्थिरता भी सहयोग बढ़ाने में सहायक रही है।

छठी संयुक्त आयोग बैठक चार साल के अंतराल के बाद हुई है हालाँकि, इसमें भारत-मालदीव के द्विपक्षीय सहयोग को गति प्रदान की गयी। सहमति वाली परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन को सुनिश्चित करके परिवर्तन लाना दोनों पड़ोसी देशों के लिए एक चुनौती है। मालदीव को उम्मीद है कि अब दोषपूर्ण दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के तहत क्षेत्रीय सहयोग के परिणाम सामने आने चाहिये और लोगों के लिए मूर्त लाभ मिलना चाहिए। इस के लिए दोनों देशों को द्विपक्षीय और क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। 7 वीं संयुक्त आयोग बैठक 2021 में मालदीव में आयोजित की जाएगी।

आलेख:- डॉ. एम समथा, हिंद महासागर क्षेत्र पर रणनीतिक विश्लेषक

अनुवाद एवं स्वर- वीरेन्द्र कौशिक

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