केंद्रीय बजट का फ़ोकस विकास पर

2020 -21 के केंद्रीय बजट ने दूरगामी उपायों के एक बहु-आयामी समूह का अनावरण करते हुए, भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती को पलटने के लिए एक निर्णायक प्रोत्साहन दिया है | यह प्रोत्साहन लोगों की जेबों में अधिक धन देने से लेकर व्यवसाय की नीचे की पंक्ति को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों पर लाभांश कराधान को हटाने के लिए किसानों की आय दोगुना करने के प्रति कृषि क्षेत्र में सहायता पहुंचाने तक है |

आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण समय में एक बजट तैयार करना एक कठिन कार्य है, लेकिन वित्त मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारामन ने पूँजी व्यय के लिए पर्याप्त परिव्यय को भाग करके एक निपुण संतुलन बनाने का कार्य किया है, ऐसा करते हुए, उन्होंने इस बात को सुनिश्चित किया है कि सरकारी कर्ज़ का एक बड़ा हिस्सा इस तरफ़ ख़र्च होगा | इस प्रकार सरकार ने प्रत्येक नागरिक के जीवन को आसान बनाने के लिए सम्पूर्ण लक्ष्य के हिस्से के रूप में स्वच्छता और जल संरक्षण में पूँजी परिसंपत्ति की उत्पत्ति के अतिरिक्त बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निरंतर प्रोत्साहन देने का संकेत दिया है, जिससे कि प्रत्येक नागरिक स्वास्थ्य, समृद्धि तथा कल्याण के अगले स्तर तक पहुँच सके | इस बात का उल्लेख बजट स्पष्ट रूप से करता है |


"राष्ट्रीय मूलभूत संरचना" परियोजना के अंतर्गत पांच वर्षों में 102 लाख करोड़ रुपये ख़र्च होंगे, इस वित्त वर्ष में 22000 करोड़ रुपये इंफ़्रा वित्त कंपनियों की इक्विटी को वित्त मुहैया करवाने के लिए आवंटित किये गए | यह आवंटन समूचे क्षेत्र की इंफ़्रा परियोजनाओं के लिए कई तरह से अत्यधिक आवश्यक दीर्घकालिक वित्त को विस्तार देने में मददगार होगा |


राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) एक्ट से अर्थव्यवस्था के विचलन के रीयल सेक्टरों के लिए अपेक्षित राहत उपाय किये गए हैं, लेकिन 2019 -20 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3 .3 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक 3 .8 प्रतिशत तक का होगा | इस 0 .5 प्रतिशत की अधिकता को इस आधार पर उचित ठहराया गया है कि भारत जैसी एक उदीयमान अर्थव्यवस्था के लिए अपनी विकास की गति को गंवाना उचित नहीं होगा | राजकोषीय प्रबंधन में अंतर जेनरेशनल इक्विटी को सुनिश्चित करने के लिए बजट ने घाटे की संख्या को स्थाई रखा है |


आर्थिक हिस्सेदारों की व्यापक श्रेणी में कृषि, सिंचाई तथा ग्रामीण विकास, अच्छे गोदामों के निर्माण के लिए व्यावहारिक निधि वाले नए प्रस्ताव, नष्ट होने वाले उत्पादों के लिए एक निर्बाध राष्ट्रीय शीत आपूर्ति श्रृंखला और अगले वित्त वर्ष के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का उच्च प्रावधान है | शिक्षा पर 99300 करोड़ रुपये के एक विशाल परिव्यय तथा कौशल विकास के लिए लगभग 3200 करोड़ रुपये के परिव्यय को अगले वित्त वर्ष के लिए निर्धारित किया गया है |


इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कि अपनी कर की ज़िम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद लोगों के पास व्यय करने के लिए काफ़ी धन होंगे, ऐसे में वैकल्पिक लाभार्थियों के लिए छूटों तथा राहतों की अधिकता वाली पुरानी परंपरा के एक विकल्प के रूप में यह बजट एक सरल और नई कर प्रणाली की पेशकश करता है | करदाताओं में विश्वास बहाल करने के लिए कर विवादों के निपटारे के प्रति एक बड़ी पहल हुई है | विवादित देय करों का निपटारा किया जायेगा | सिर्फ़ विवादित कर की धनराशि ही चुकानी होगी, जबकि ब्याज और जुर्माने से जून 2020 तक की अल्पावधि तक राहत होगी | वस्तु तथा सेवा कर (जीएसटी) सरलीकृत जीएसटी रिटर्न की रसीद को दृढ करने के लिए पूरी तरह स्वचालित रिफंड प्रक्रिया शुरू होगी |


कंपनियों को उनकी पूरी सम्भावना के साथ फलने-फूलने के लिए, गत सितम्बर में विनिर्माण क्षेत्र में नई घरेलू कंपनियों के लिए 15 प्रतिशत की रियायती कॉर्पोरेट आय कर की घोषणा की गयी, इस घोषणा का विस्तार बिजली क्षेत्र तक होगा | विदेशी सरकारों तथा अन्य विदेशी निवेश के संप्रभु धन कोषों (एसडब्लूएफ़) को कर रियायत दी जानी है, जबकि उनके लाभों की 100 प्रतिशत की कटौती करके "स्टार्ट अप" के लिए मौजूदा कर लाभ की टर्नओवर की सीमा और पात्रता की अवधि को बढ़ाकर बढ़ाया जायेगा | सरकारी प्रतिभूतियों की विशिष्ट श्रेणी अप्रवासी निवेशकों के लिए लायी जाएँगी | कॉर्पोरेट बॉन्ड के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) को घरेलू ऋण बाज़ार को मज़बूती देने के लिए बढ़ाकर 9 से 15 प्रतिशत तक किया गया है |


बजट ने सहकारी समितियों के लिए रियायती कर दर प्रदान किया है, जबकि आसान उपलब्धि को सुनिश्चित करने के लिए सूक्ष्म, लघु तथा मझोले उद्यमों के अंकेक्षण की टर्नओवर की सीमा में बढ़ोतरी की है |


2019 -20 की 65000 करोड़ के उलट अगले वित्त वर्ष के लिए 2 .10 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य के साथ रणनीतिक परिसम्पत्तियों के विक्रय के माध्यम से सरकार अपने विकासोन्मुख कार्यक्रमों को वित्त मुहैया करवाने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने को लेकर आशावान है | विकास में फिर से प्राण फूंकने के प्रति उत्पादक खण्डों के लिए कर कटौती तथा निवेश का एक कुशल तथा स्वस्थ मिश्रण है यह बजट | अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमानित जीडीपी 10 प्रतिशत है | 



आलेख - जी. श्रीनिवासन, वरिष्ठ पत्रकार
अनुवादक / वाचक - मनोज कुमार चौधरी

Comments

Popular posts from this blog

भारत ने फिजी को पहुंचाई मानवीय सहायता

आत्मनिर्भर भारत में प्रवासियों की भूमिका

अरब-भारत सहयोग फोरम की बैठक