इस सप्ताह संसद में
केंद्रीय बजट के आने के साथ, संसद के दोनों सदनों में महत्वपूर्ण कार्यवाहियाँ हुईं |नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरुद्ध कई विपक्षी पार्टियों के रवैये के परिदृश्य में, चल रहे बजट सत्र में आशानुरूप समय-समय पर शोर-शराबा भी हुआ | सरकार ने कहा है कि अध्यक्ष की अनुमति से यह सभी मुद्दों पर चर्चा करने को इच्छुक है | इस सत्र में सरकार की विधायी कार्यसूची में 45 विधेयक और सात वित्तीय मद सम्मिलित हैं | विपक्षी पार्टियां कई मुद्दों पर संसद में सरकार को घेरने के लिए कमर कस चुकी हैं |
नागरिकता संशोधन अधिनियम,एन॰पी॰आर तथा अन्य मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के बाद राज्य सभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई | जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई,तब कॉंग्रेस, लेफ़्ट, टीएमसी, डीएमके, एसपी तथा अन्य पार्टियों ने नारेबाज़ी की | शोर-शराबे के बीच संसद के दोनों सदनों की साझा बैठक में राष्ट्रपति के सम्बोधन के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पर उपाध्यक्ष हरिवंश ने चर्चा करने की कोशिश की | सदन के नेता थावर चंद गहलोत ने चर्चा को आगे बढ़ाने संबंधी सदन को अनुमति देने के लिए विपक्षी सदस्यों को प्रेरित किया | सीएए,एनपीआर तथा संबन्धित मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों ने स्थगन नोटिस दिया था, जिसे अध्यक्ष एम॰ वेंकैया नायडू ने ख़ारिज़ कर दिया था |उच्च सदन में, कार्यवाही को शुरू करने संबंधी अध्यक्ष वेंकैया नायडू की दृढ़ता से स्पष्ट रूप से सदस्य बेख़बर रहे |
सदन ने ओमान के दिवंगत सुल्तान, क़ाबूस बिन सैद अल सईद को श्रद्धांजलि भी अर्पित की| सदन ने ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग की घटनाओं में प्राण गँवाने वाले जीवों और लोगों के प्रति संवेदना भी प्रकट की | सांसदों ने कोरोना वायरस, प्याज़ के निर्यात और राजस्थान में हुए टिड्डियों के हमलों जैसे मुद्दों को भी उठाया |
कॉंग्रेस के नेतृत्व में लोक सभा में भी विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबा किया | जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई, कॉंग्रेस, डीएमके,बीएसपी तथा लेफ़्ट के सांसदों ने एक स्वर से नारेबाज़ी की | नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर भी सदस्यों ने नारेबाज़ी की |
गत वर्ष नवंबर महीने में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में अपने ऐतिहासिक फ़ैसले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कराने के लिए एक ट्रस्ट के गठन करने संबंधी आदेश दिया, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने लोक सभा में 5 फरवरी को की, जो इस सप्ताह की अन्य विशेषता रही |
नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरुद्ध हो रहे प्रदर्शनों को लेकर सरकार ने लोक सभा में अपनी स्थिति को दोहराया कि इसने देशव्यापी एनआरसी लागू करने का किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया है | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए जनगणना से पहले अद्यतन करने के प्रति निजी आंकड़ों के संग्रह पर व्याप्त भय को दूर करने की कोशिश करते हुए यह स्पष्ट किया कि इस क़वायद के दौरान किसी के भी दस्तावेज़ का संग्रह नहीं किया किया जाएगा और आधार नंबर उपलब्ध कराना स्वैच्छिक होगा | प्रधानमंत्री ने कहा कि एनपीआर की शुरुआत 2010 में यूपीए सरकार ने की थी और इसका उद्देश्य लोगों को सुविधा प्रदान करना था | श्री मोदी ने कहा कि जहां लोगों के कल्याण का मामला हो, वहाँ राजनीति नहीं होनी चाहिए | एनआरसी पर एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए, गृह राज्य मंत्री,नित्यानन्द राय ने कहा कि “अभी तक, सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने संबंधी किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया है |”
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर देते हुए, राज्य सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने से शेष देश के साथ जम्मू तथा कश्मीर का पूर्ण एकीकरण हुआ है | उन्होंने जम्मू तथा कश्मीर को “क्राउन” ऑफ़ इंडिया कहा तथा कहा कि जम्मू तथा कश्मीर की वास्तविक पहचान इसकी सूफ़ी परंपरा तथा श्रद्धा के प्रति भेदभावहीन विचारधारा में है |
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राम जन्मभूमि के मुद्दे पर फैसला आने के बाद, भारत की जनता ने लोकतान्त्रिक प्रक्रियाओं तथा व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय विश्वास का प्रदर्शन किया | “अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर के निर्माण का हमें समर्थन करना चाहिए |” वित्त बेंच से सरकार के इस क़दम के समर्थन में नारे लगाए गए | सरकार शोध-अक्षमता तथा दिवालिया कोड (संशोधन) अध्यादेश 2019 तथा खनिज विधि (संशोधन) अध्यादेश 2020 को चल रहे इस सत्र के दौरान विधेयकों में बदलेगी |
आलेख – योगेश सूद, पत्रकार
अनुवादक\वाचक – मनोज कुमार चौधरी
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