तुर्की द्वारा यूरोपीय सीमाओं को खोलने के कारण सीरियाई शरणार्थी संकट बढ़ा
2015 के प्रवासी संकट के ताज़ा घटनाक्रमों के दौरान बहुत से लोगों ने अपने प्राण गँवाए और यूरोपीय समुदाय के सदस्यों में मतभेद देखने को मिले, जो तुर्की की हाल की कार्रवाइयों के साथ फिर से घटित होने जैसा है | गत सप्ताह, अंकारा ने यूरोप की ओर जाने वाली अपनी सीमाओं को शरणार्थियों के लिए खोल दिया | यूरोपीय संघ तुर्की की गतिविधियों को अपने साथ हुए तुर्की के शरणार्थी समझौते के अतिक्रमण के रूप में देख रहा है | इस समझौते ने 2015-2016 के प्रवासी संकट पर विराम लगा दिया था | बहरहाल, तुर्की का कहना है कि यह अपने सामर्थ्य तक पहुँच चुका है और यह यूरोप को जाने वाली अपनी सीमाओं को और अधिक समय तक बंद नहीं रख सकता है, क्योंकि यूरोपीय संघ ने अपने किए गए वादे को नहीं निभाया है | अंकारा का कहना है कि ईयू ने वादे के अनुसार 6 बिलियन पाउंड की धनराशि नहीं दी, न ही तुर्की के साथ व्यापार को बढ़ाया या न ही ईयू के लिए तुर्की की पहुँच के मुद्दे पर बातचीत को आगे बढ़ाया या न ही इसने तुर्की के नागरिकों के लिए ईयू के सदस्य राज्यों की वीज़ा-मुक्त यात्रा की अनुमति दी | ईयू ने इन आरोपों का खंडन किया है | वास्तव में, यूरोपीय आयोग का कहना है कि जिस सहायता राशि को इसने तुर्की को देने का वचन दिया था, वह धनराशि तुर्की की सरकार को प्रत्यक्ष रूप से देने के बजाय, शरणार्थी सहायता संगठनों को दे दी गई है |
ईयू की सदस्यता के मुद्दे पर बातचीत न करने के तुर्की के आरोप को 2016 के एक तख़्तापलट के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोंआन द्वारा उठाए गए कुछ कठोर क़दमों के परिदृश्य में देखा जाना चाहिए | तुर्की सरकार ने पत्रकारों तथा आलोचकों पर क्रूर हमले किए | जर्मन नागरिकों की एक बड़ी संख्या तुर्की की जेलों में बंद है | वैश्विक व्यापार की ख़राब स्थिति ने यूरोप तथा तुर्की के बीच के व्यापार को प्रभावित किया है | यूरोप में दक्षिण धड़े की कंज़रवेटिव राजनीति के उभार तथा तुर्की में सशक्त कट्टरपंथियों की प्रवृत्ति तथा यूरोप के डी-ग्लोबलाइज़ेशन ने एक असहज स्थिति उत्पन्न की है | तुर्की समेत यूरोप में विदेशी लोगों के प्रति घृणा और धार्मिक असहिष्णुता के कारण एक नैटो सहयोगी का उभार हुआ है |
2015 के प्रवासी संकट से यूरोप अभी भी उबर रहा है | बहरहाल, ईयू तथा नैटो के सदस्य राज्य ट्रांस-अटलांटिक सुरक्षा क्षेत्र से तुर्की को हटाना नहीं चाहते हैं, क्योंकि प्रवासी समस्या समेत यूरोप के लिए इसके परिणाम विकट हो सकते हैं |
इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता है कि जॉर्डन के अलावा तुर्की एक विशाल देश है, जिसने सीरिया के 3॰6 मिलियन शरणार्थियों को शरण दे रखा है | बहरहाल, अंकारा का कहना है कि यह और शरणार्थियों को शरण अब नहीं दे सकता है | तुर्की की घरेलू स्थिति नाज़ुक है | देश की अर्थव्यवस्था एक ख़राब स्थिति में है | यहाँ उच्च मुद्रास्फीति, बेरोज़गारी और शरणार्थियों के विरुद्ध हिंसा की स्थिति है | सीरिया के शरणार्थियों की संख्या बढ़ने से साथ, तुर्की की घरेलू स्थिति और जटिल हो सकती है | सीरिया के इद्लिब में चल रहे संघर्ष के कारण, बहुत से सीरियाई शरणार्थी तुर्की में शरण लेने की कोशिश में हैं | 2019 के पुनर्वास योजना के अंतर्गत तुर्की की सरकार ने इन शरणार्थियों को बलपूर्वक देश से निकाल दिया है | अधिक शरणार्थियों के कारण देश में शांति तथा स्थिरता को ख़तरा हो सकता है |
सीरियाई कुर्दों तथा सीरियाई सरकार को हराने के लिए अंकारा चाहता है कि यूरोप उसे सुरक्षा प्रदान करे | राष्ट्रपति बशर अल असद के प्रति वफ़ादार सीरियाई सेना इद्लिब में तुर्की सेनाओं से मुक़ाबला कर रही है | श्री एर्दोआन सीरिया के युद्ध में एक निर्णायक भूमिका निभाना चाहते थे, लेकिन यह अवसर उनकी पहुँच से दूर जा चुका है | अरब जगत तथा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भी अंकारा की सुरक्षा तथा प्रतिष्ठा की स्थिति अब नाज़ुक है | तुर्की के राष्ट्रपति अपने देश तथा अरब जगत में अपनी लोकप्रियता गंवा रहे हैं | इद्लिब के स्थिति को लेकर वे मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति, पुतिन से मुलाक़ात कर चुके हैं |
इद्लिब में जारी हिंसा के मद्देनज़र, करोड़ों सीरियाई शरणार्थी इद्लिब छोड़कर भाग चुके हैं | नवीनतम शरणार्थी संकट यूरोप तथा तुर्की दोनों के लिए और अधिक समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है | इस प्रकार, तुर्की यूरोप पर दबाव बनाकर कुछ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है | यह क़दम श्री एर्दोंआन के लिए घरेलू स्तर पर लाभप्रद हो सकता है | ईयू का मानना है कि बालकन रूट से शरणार्थियों की विशाल संख्या को आने से रोकने में अंकारा सफल हो सकता है, जैसा कि इसने 2015-16 में किया था |
उत्तर-पश्चिमी सीरिया में तुर्की की एकपक्षीय सैन्य कार्रवाई की भारत ने निंदा की थी तथा कहा था कि तुर्की की कार्रवाई इस क्षेत्र की स्थिरता और आतंक के विरुद्ध लड़ाई को कमज़ोर बना सकती है | नई दिल्ली को आशा है कि तुर्की तथा ईयू के बीच का पावर-प्ले विकट स्थिति का सामना कर रहे इद्लिब के करोड़ों सीरियाई शरणार्थियों के भविष्य को जोखिम में नहीं डालता है |
आलेख – डॉ॰ इंद्राणी तालुकदार, रूस, सीआईएस तथा तुर्की मामलों की रणनीतिक विश्लेषक
अनुवादक/वाचक – मनोज कुमार चौधरी
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