संसद में इस सप्ताह

बजट सत्र का दूसरा चरण 2 मार्च से शुरू हो गया है जो 3 अप्रैल तक जारी रहेगा। विपक्षी दलों ने जहाँ अर्थव्यवस्था और कृषि मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को घेरने की तैयारी की है वहीं सत्ताधारी पक्ष ने दोनों सदनों के सामने आँकडे और तथ्य रखने का निर्णय लिया है। सरकार ने श्रम सुधार और सैरोगेसी नियम समेत लगभग 25 बिल पेश करने की तैयारी की है। सत्र के दौरान वित्त विधेयक भी पारित किया जाएगा। इसी बीच केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने ऊपरी सदन, राज्यसभा को सूचित किया कि कोरोना वायरस की वजह से हवाई अड्डों पर सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जॉच की जाएगी। 

वर्तमान सत्र में रेल मंत्रालय के लिए 2020-2021 की अनुदान मांग के बारे में राधा मोहन सिंह और सुनील कुमार रेलवे की स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश करेंगे। वायुयान संशोधन बिल, केन्द्रीय संस्कृत विश्व विद्यालय बिल, राष्ट्रीय होमियोपैथी आयोग बिल और खनिज क़ानून संशोधन बिल भी विमर्श के लिए रखे जाएंगे। लंबित बिलों की सूची में निजी आंकडे संरक्षण विधेयक 2019 भी शामिल है जिसमें व्यक्तिगत तथ्यों के उपयोग से जुड़े अधिकार पर विचार किया जाएगा। 

प्रत्यक्ष कर विवाद निपटान के लिए समाधान व्यवस्था तैयार करने के उद्देश्य से विवाद से विश्वास विधेयक पारित हो गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोऑपरेटिव बैंको के विनियमन के लिए रिर्जव बैंक को और ज़्यादा अधिकार देने के लिए निचले सदन, लोकसभा में बैंक प्रणाली नियमन संशोधन विधेयक 2020 पेश किया। विधेयक का उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, पूंजी तक पहुँच संभव बनाना, संचालन बेहतर करना और आरबीआई के माध्यम से बैंक प्रणाली को दुरूस्त करना है। 4 मार्च को केन्द्रीय वित्त मंत्री का प्रत्यक्ष कर विधेयक बिना किसी बहस के पारित हो गया प्रस्तावित योजना के अंतर्गत विवादों का निपटान करने के इच्छुक करदाता पूर्ण कर तथा जुर्माने की राशि इस साल 31 मार्च तक दे सकते हैं और विवादित कर की अतिरिक्त दस प्रतिशत राशि देने की भी व्यव्स्था है। 

व्यापार संगठन की भूमिका को फिर से व्यक्त करने वाला औधोगिक संबंध कोड विधेयक भी इसी सूची का हिस्सा है। केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी वायुयान अधिनिय 1934 में संशोधन के लिए वायुयान संशोधन विधेयक 2020 पेश करेंगे। खनिज क़ानून संशोधन विधेयक 2020 संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी पेश करेंगे जिसका उद्देश्य खदान और खनिज (विकास और नियमन) अधिनियम 1957 और कोयला खदान ( विशेष प्रावधान) अधिनियम 2015 में संशोधन है। वे खनिज क़ानूनों की विधान द्वारा तुरंत व्याख्या की ज़ूरूरत पर बल देता एक विस्तृत व्याख्यान वक्तव्य भी पेश करेंगे। 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने निचले सदन में चिकित्सा गर्भावस्था (संशोधन) समाप्ति बिल 2020 पेश किया। इस बिल में प्रस्ताव है कि गर्भावस्था के बीस सप्ताहों के भीतर गर्भपात करवाने के लिए एक चिकित्सक का परामर्श और 20 से 20 सप्ताहों के भीतर गर्भपात करवाने के लिए दो चिकित्सकों का परामर्श काफ़ी है। 

बृहस्पतिवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने ऊपरी सदन को बताया कि सरकार भारत में COVID-19 या कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठा रही है। वायरस से प्रभावित सभी देशों की यात्रा करने वाले लोगों की देश भर में नियमित जॉच हो रहीं है और साथ ही साथ उन लोगों की भी जिन्हें बुखार, खॉसी या सॉस लेने में परेशानी की शिकायत रही हो या इन के संपर्क में आए लोगों की भी जॉच की जा रही है। देश में ऐसी कोई भी स्थिति पैदा होने की आशंका को देखते हुए चिकित्सा केन्द्रों में मरीजों को अलग-थलग रखने के लिए पर्याप्त बिस्तर उपलब्ध करवाए गए हैं। बदलते घटनाक्रम का जायजा लेने के लिए भारत सरकार लगातार विश्व स्वास्थ्य संगठन मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय और देश के भीतर बने कार्यालयों के सम्पर्क में है। 

मंत्री जी ने कहा कि हमारा पूरा ध्यान रोग की रोकथाम के लिए की जाने वाली तैयारियों पर हैं जिसमें जॉच, अस्पतालों की तैयारी, संभार प्रबंधन, रोग का पता लगाने के लिए प्रयोगशालाओं की तैयारी, क्षमता वर्धन, स्वास्थ्य कर्मियों की तैयारी और समुदाय में ख़तरे के बारे मे जानकारी फैलाना शामिल है। दुनिया भर में कोरोना वायरस से जुड़े घटनाक्रम के हिसाब से हमारे हस्तक्षेप का स्तर और पहुँच भी बढ़ाई जा रही है। 



आलेख – योगेश सूद, पत्रकार 

अनुवाद – नीलम मलकानिया

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