प्रधानमंत्री ने ग़रीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार की घोषणा की

अनलॉक-2 की शुरुआत के ठीक पहले, प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया| उन्होंने कहा कि देश में मॉनसून का मौसम शुरू हो चुका है| यह मौसम कई तरह की बीमारियों को अपने साथ लेकर आता है| प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने सभी भारतवासियों को मॉनसून के इस मौसम में अपनी विशेष देख-रेख करने को प्रेरित किया|

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से होनेवाली मृत्यु दर के मामले में, विश्व के कई देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर दिखती है| उचित समय पर किया गया लोकडाउन तथा अन्य फ़ैसलों के कारण लाखों ज़िंदगियाँ बच गईं| पहले, हम मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का पालन करने और 20 सेकेंड तक हाथ धोने के मामलों पर बहुत ध्यान देते थे| लेकिन, आज जब हमें बहुत सावधान रहने की ज़रूरत है, ऐसे में बढ़ती लापरवाही चिंता का एक कारण है|

श्री मोदी ने कहा कि हमें कंटेनमेंट ज़ोन पर अधिक फ़ोकस करने की ज़रूरत है| जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें रोककर सावधान करने की ज़रूरत है| सभी ने समाचार में देखा होगा कि सार्वजनिक स्थान पर मास्क नहीं पहनने के लिए एक देश के प्रधानमंत्री को 13,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ा है| स्थानीय प्रशासन को भारत में भी इसी उत्साह के साथ काम करना चाहिए| यह 130 करोड़ भारतवासियों के जीवन की रक्षा करने का एक अभियान है| प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे वे किसी गाँव के प्रधान हों या प्रधानमंत्री हों, कोई भी भारत के क़ानून से ऊपर नहीं है|

लोकडाउन के दौरान, राष्ट्र की शीर्ष वरीयता इस बात को सुनिश्चित करने की थी कि कोई भी भूखा नहीं रहे| कोई भी भूखा नहीं सोया इस बात को केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, नागरिक समाज और सभी ने सुनिश्चित किया| इस प्रकार, लोकडाउन के तुरंत बाद, सरकार प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण योजना लेकर आई| प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत, ग़रीबों को 1.75 लाख करोड़ रुपये का एक पैकेज दिया गया|

गत तीन महीने में, 20 करोड़ परिवारों को 31,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण किया जा चुका है| इस अवधि के दौरान, 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये जमा कराये जा चुके हैं| साथ ही, प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों के रोज़गार के लिए तुरंत लॉंच किया गया| सरकार इसमें 50,000 करोड़ रुपये व्यय कर रही है|

भारत में, 80 करोड़ से अधिक लोगों को तीन महीने के लिए निःशुल्क राशन दिया गया| परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल निःशुल्क दिया गया| इसके अतिरिक्त, प्रत्येक परिवार को प्रत्येक महीने निःशुल्क एक किलो दाल दी गई| एक तरीक़े से, हमारी सरकार द्वारा अमरीका की जनसख्या के ढाई गुना से अधिक, यूनाइटेड किंग्डम की जनसंख्या का 12 गुना और यूरोपीय संघ की जनसंख्या का दोगुना राशन निःशुल्क दिया गया|

प्रधानमंत्री ने कहा कि मॉनसून के तुरंत बाद,, भारत में त्योहारों का मौसम शुरू होता है| ये हमारी आवश्यकताएँ और ख़र्चों को बढ़ाते हैं| इसे ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार नवंबर महीने के अंत यानि दिवाली तथा छठ पूजा तक कर दिया गया है|

80 करोड़ लोगों के लिए प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में जारी रहेगी| सरकार 80 करोड़ निर्धन भारतवासियों को पाँच महीने के लिए निःशुल्क राशन देगी| परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल दिये जाएँगे| प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चने भी निःशुल्क मिलेंगे| 90 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक पी॰एम॰ ग़रीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार पर ख़र्च किए जाएँगे| इस योजना पर गत तीन महीनों के ख़र्च समेत कुल व्यय 1॰5 लाख करोड़ का होगा| वन नेशन वन राशन कार्ड योजना भी लागू की जा रही है| इस योजना के सबसे अधिक लाभार्थी वे लोग होंगे, जो रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं|

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर सरकार ज़रूरतमन्द और ग़रीबों को निःशुल्क राशन देने के योग्य हो सकी है, तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है| एक वर्ग देश के कठिन परिश्रमी किसानों का है और दूसरा वर्ग हमारे देश के ईमानदार करदाता हैं| यह उनका कठिन परिश्रम और समर्पण है, इनके कारण ही देश ऐसा करने के योग्य हो सका है| किसानों ने राष्ट्र के भंडारों को भर दिया है| इसीलिए, निर्धनों के घर में भोजन है और कर्मचारियों ने कर ईमानदारी से दिये हैं| इसलिए, देश के निर्धन इस प्रकार के बड़े संकट से सफलतापूर्वक निपट रहे हैं| प्रधानमंत्री ने करदाताओं तथा किसानों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की|

आनेवाले दिनों में, भारत समाज के निर्धन, कुचले हुए तथा वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के प्रयासों को और बढ़ाएगा| जबकि, सभी तरह के एहतियात बरतते हुए, भारत अपनी आर्थिक गतिविधियो को और विस्तार देगा| हम सभी को आत्म-निर्भर भारत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है| हम सभी को “लोकल के लिए वोकल” होना चाहिए| इस संकल्प और वचनबद्धता के साथ, इस देश के 130 करोड़ लोगों को एक साथ काम करते हुए आगे बढ़ना होगा|

आलेख – कौशिक रॉय, आकाशवाणी के समाचार विश्लेषक

अनुवाद – मनोज कुमार चौधरी

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