श्रीलंका में संसदीय चुनाव 2020: राजपक्षे के लिए जनादेश

बुधवार को श्रीलंका ने संसदीय चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन किया| प्रधानमंत्री, महिंदा राजपक्षे की नेतृत्ववाली पार्टी, पोदूजना पेरामुना (एस॰एल॰पी॰पी॰) 59॰09 प्रतिशत मतों को सुरक्षित करते हुए विजेता बनकर उभरी| 225 सदस्योंवाली संसद में एस॰एल॰पी॰पी॰ ने नेशनल लिस्ट्स की सीटों समेत कुल 145 सीटों को सुरक्षित किया| एक नव गठित गठबंधन समागी जन बलावेगाया (एस॰जे॰बी॰) ने कुल 54 सीटें सुरक्षित की| मुख्य तमिल पार्टी, तमिल नेशनल एलायंस (टी॰एन॰ए॰) ने 10 सीटें हासिल की| जनथा विमुक्ति पेरामुना की अगुआईवाली जाथिका जन बलावेगाया को तीन सीटें मिलीं| 2015 से 2019 तक नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट की नेतृत्व करनेवाली श्रीलंका की सबसे पुरानी पार्टी, यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यू॰एन॰पी॰) नेशनल लिस्ट्स के माध्यम से संसद में एक सीट हासिल कर सकी| इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए कि श्रीलंका आनुपातिक प्रतिनिधित्व निर्वाचन प्रणाली का पालन करता है, जिसके अंतर्गत संसद की 225 सीटों में से 29 सीटें नेशनल लिस्ट्स के माध्यम से निर्धारित होती हैं और 198 सीटों का निर्वाचन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से होता है|

इस बार, कोरोनावायरस के प्रसार के कारण असाधारण स्थितियों में चुनाव कराये गए थे| वैश्विक महामारी के बीच चुनाव करवानेवाला श्रीलंका दक्षिण एशिया का पहला देश है| कोरोनावायरस के फैलने के डर तथा आशंकाओं के बावजूद, बुधवार के चुनाव में कुल 71 प्रतिशत मतदाताओं की उपस्थिती दर्ज हुई| कोविड-19 के प्रकोप तथा सामुदायिक प्रसार को रोकने और चुनावों के संचालन के लिए जारी स्वास्थ्य दिशानिर्देशों पर राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, देशभर के सभी 12,985 मतदान केन्द्रों पर विशेष प्रबंध किए गए थे| लगभग 10,000 स्वास्थ्य कर्मी, 69,000 पुलिस कर्मी तथा 3,00,000 सरकारी अधिकारी चुनाव की ड्यूटी पर थे| कुछ हिंसक घटनाओं और चुनावी क़ानूनों के उल्लंघन को छोड़कर देखें तो, चुनाव बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण वातावरण में कराये गए थे|

चुनाव परिणाम आने के बाद, महिंदा राजपक्षे ने उनपर विश्वास करने के लिए श्रीलंका की जनता, राष्ट्रपति, गोठभय राजपक्षे तथा उनकी पार्टी को धन्यवाद दिया और आश्वस्त किया कि उनके कार्यकाल के दौरान श्रीलंका निराश नहीं होगा| घोषणापत्र के अनुसार, एस॰एल॰पी॰पी॰ की नेतृत्ववाली सरकार की मुख्य नीतिपरक वरीयता राष्ट्रीय सुरक्षा, मित्रवत, गुट-निरपेक्ष विदेश नीति, एक भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन, लोगों की इच्छाओं को पूरा करनेवाला नया संविधान, फलदायी नागरिकता तथा एक जीवंत मानव संसाधन, मानव केन्द्रित आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी आधारित समाज, भौतिक संसाधनों के विकास, सुस्थिर पर्यावरणीय प्रबंधन, अनुशासित, क़ानून को माननेवाले तथा मूल्य आधारित समाज देने की होगी| इन नीतियों को क्रियान्वित करने विशेषकर, नया संविधान लाने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी|

ईलम पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (ई॰पी॰डी॰पी॰) की दो सीटों तथा एस॰एल॰एफ़॰पी॰ की एक तथा तमिल मक्कल विदुथालाई पुलिकल (टी॰एम॰वी॰पी॰) की एक सीट के समर्थन से एस॰एल॰पी॰पी॰ को पहले ही लगभग दो-तिहाई बहुमत प्राप्त है| प्रस्तावित सुधार तथा घोषित नीतियों को क्रियान्वित करने के लिए संसद में केवल एक सीट की कमी है| घोषणा के ज़रिए राष्ट्रपति, गोठभय राजपक्षे ने 20 अगस्त 2020 को नव निर्वाचित संसद का आह्वान किया है| 16वीं संसद की संरचना 20 अगस्त को होनेवाली इसकी पहली बैठक में स्पष्ट होगी|

प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के अपने प्रतिपक्ष, महिंदा राजपक्षे के साथ बातचीत की तथा द्वीप राष्ट्र में संसदीय चुनावों के सफलतापूर्वक संचालन के लिए उन्हें बधाई दी| कोविड-19 महामारी की बाध्यताओं के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावों का प्रभावशाली रूप से प्रबंधन करने के लिए श्रीलंका के निर्वाचकीय संस्थानों तथा सरकार की सराहना की| उन्होंने चुनावों में उत्साह के साथ भागीदारी करने के लिए श्रीलंका के लोगों की भी प्रशंसा की तथा कहा कि इससे दोनों देशों द्वारा साझा किए जानेवाले सशक्त लोकतान्त्रिक मूल्यों की झलक मिली|

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनावों के परिणाम श्रीलंका पोदुजना पेरामुना (एस॰एल॰पी॰पी॰) पार्टी के एक प्रभावशाली प्रदर्शन को दिखाते हैं तथा उन्होंने प्रधानमंत्री, महिंदा राजपक्षे को बधाई देने के साथ-साथ उन्हें अपनी शुभकामनाएं भी दीं|

पूर्व की हार्दिक तथा फलदायी बातचीत को स्मरण करते हुए, दोनों नेताओं ने वर्षों पुराने भारत-श्रीलंका के बहु-आयामी सम्बन्धों को सशक्त करने की अपनी साझा वचनबद्धता को दोहराया| उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों में शीघ्र प्रगति के महत्व पर बल दिया|

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के उत्तर प्रदेश के बौद्ध तीर्थ शहर कुशीनगर में एक अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे को स्थापित किए जाने की सूचना श्री राजपक्षे को दी तथा कहा कि यह शहर जल्द से जल्द श्रीलंका से आनेवाले यात्रियों का स्वागत करना चाहता है|

कोविड-19 महामारी से मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए, दोनों नेता निकटतम संपर्क में रहने पर सहमत हुए तथा आनेवाले समय में द्विपक्षीय सम्बन्धों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के संकल्प लिए|

आलेख – गुलबिन सुलताना, हिन्द महासागर क्षेत्र की रणनीतिक विश्लेषक

अनुवाद – मनोज कुमार चौधरी

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