हाँग काँग का नया सुरक्षा क़ानून सी॰सी॰पी॰ के शीर्ष अधिकारियों की संपत्ति को छुपाने के लिए लाया गया है

अपने वित्तीय लाभों को अपने देश से अलग रखने के लिए, चीनी अभिजात्य वर्ग विशेषकर, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्व के शीर्ष अधिकारी लंबे समय से अपने पैसे तथा संपत्ति हाँग काँग में रखने के कारण संदेह के घेरे में रहे हैं| इसलिए, चीनी लोगों के विचार के परे, न्यू यॉर्क टाइम्स की एक जांच ने इस बात की पुष्टि की है|

हाल ही में प्रकाशित एन॰वाई॰टी॰ की एक रिपोर्ट का शीर्षक है “लग्ज़री घरोंवाले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कुलीन वर्ग हाँग काँग की नियति”, इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि सी॰सी॰पी॰ के शीर्ष अधिकारियों के रिश्तेदार अपने स्वयं के लाभ के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय के हाँग काँग के वित्तीय परिदृश्य का प्रयोग करके काफ़ी दौलत जमा कर चुके हैं| सी॰सी॰पी॰ के शीर्ष चार में से तीन के निकटतम संबंधियों ने हाँग काँग की लग्ज़री अचल संपत्ति में 51 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश किए हैं|

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब हाँग काँग में विशाल संपत्ति रखनेवाले तथा निवेश करनेवाले सी॰सी॰पी॰ के अन्य शीर्ष अधिकारियों के संबंधियों के साथ व्यावसायिक सौदे करने तथा हाँग काँग में अपनी परिसंपत्तियाँ रखने के लिए, चीनी राष्ट्रपति, शी चिनफिंग के निकटतम संबंधी नज़र में आ चुके हैं|

पर्यवेक्षकों का मानना है कि हाँग काँग में कड़ाई के साथ लाया गया चीन का नया सुरक्षा क़ानून केवल राजनीतिक पहलू का नहीं, बल्कि इससे कहीं बढ़कर है| विशेषज्ञों का मानना है कि यह क़ानून “कम्युनिस्ट कुलीनता” के वित्तीय सौदों तथा सम्पत्तियों के साथ उलझा हुआ है|

एन॰वाई॰टी॰ रिपोर्ट की राय है, “क्षेत्र में व्यावसायिक विश्वास को गिराकर उन्हें संवेदनशील अवस्था में छोड़कर या अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचानेवाले विरोध प्रदर्शनों को रोककर यह क़ानून पार्टी के नेताओं के परिवारों की रक्षा कर सकता है|”

इसके विपरीत, चीन के नए सुरक्षा क़ानून के विरुद्ध शुरू हुई अमरीका की नेतृत्ववाली वैश्विक प्रतिबंध प्रणाली, हाँग काँग की मौलिक स्वतन्त्रता को कमज़ोर बनाती है तथा यह सी॰सी॰पी॰ नेतृत्व के इन संबंधियों के व्यावसायिक हितों के लिए भी हानिकारक है, इससे हाँग काँग अपनी वैश्विक वित्तीय स्थिति को गंवा सकता है|

इसलिए, राजनयिक प्रोत्साहन की तुलना में प्रायः आवेग का सहारा लेकर इन प्रतिबंधों के प्रति चीनी सरकार के उग्रता से बदला लेने की कार्रवाई का एक व्यक्तिगत दृष्टिकोण भी हो सकता है| हाँग काँग के चीनी विश्वविद्यालय में चीनी अध्ययन के एक सहायक प्राफ़ेसर, विली लैम के हवाले से कहा गया है कि “कम ओहदे के नेताओं समेत चीन के लाल अभिजात्य वर्ग के सदस्यों” ने हाँग काँग में विशाल निवेश किए हैं| अगर, हाँग काँग अचानक अपनी वित्तीय स्थिति को खो देता है, तो वे अपने पैसे वहाँ नहीं रख सकते हैं|

इसी दौरान, एन॰वाई॰टी॰ की जांच से पता चला है कि सी॰सी॰पी॰ के तीसरे नंबर के नेता, ली झाङ्ग्शु की ज्येष्ठ पुत्री, ली छ्यांशीन की हाँग काँग में “गहरी वित्तीय जड़ें” हैं तथा बीच के पास स्थित 15 मिलियन डॉलर की क़ीमत के एक चार-मंज़िला मकान की वे मालकिन हैं| संयोगवश, झाङ्ग्शु चीन की रबर-स्टांप संसद के अध्यक्ष हैं तथा हाँग काँग में किसी प्रकार के लोकतन्त्र समर्थक पेईचिंग-विरोधी असहमति को दबाने के लिए मेनलैंड को तैयार करते हुए, नए सुरक्षा क़ानून को तेज़ी से पारित करने में वे सहायक थे|

हाल ही में, एपल डेली के मालिक, हाँग काँग मीडिया के व्यवसाय प्रमुख तथा लोकतंत्र-समर्थक कार्यकर्ता, जिम्मी लाई को अकारण गिरफ़्तार कर लिया गया तथा ली छ्यांशीन के साझेदार, चो-हा-पा की हाँग काँग में वित्तीय स्थिति पर तेज़ी से वृद्धि संबंधी 2017 में प्रकाशित एक लेख के लिए नए सुरक्षा क़ानून के अंतर्गत समाचार पत्र के कार्यालय में हाँग काँग की पुलिस ने गोलियां बरसाईं|

एन॰वाई॰टी॰ के अनुसार, हाँग काँग के प्रॉपर्टी रेकॉर्ड से पता चलता है कि चीनी राष्ट्रपति, शी चिनफिंग की सबसे बड़ी बहन, छे छेआओछेआओ ने 1991 की शुरुआत में हाँग काँग में प्रॉपर्टी की ख़रीदारी शुरू की| उनकी पुत्री, झांग यान्नान का रिपल्स बे में एक विला है, जिसे उन्होंने 2009 में 19॰3 मिलियन डॉलर में ख़रीदा था| इसके अलावा, कंपनी के रिकॉर्ड का अनुसार, शहर की प्रॉपर्टी में कम से कम पाँच अन्य एपार्टमेंट्स भी हैं| इसके अतिरिक्त, एन॰वाई,टी॰ जांच के एक अन्य लेखक, माइक फ़ोरसाइथ ने ली छ्यांशीन के साथ चिनफिंग के संबंधियों के वित्तीय सौदे को जोड़कर देखा है| इस लेख पर की गई ट्वीट्स की एक शृंखला में, फ़ोरसाइथ ने दावा किया है कि झाङ्ग्शु की पुत्री, ली छ्यांशीन ने 37 वर्ष में राज्य के स्वामित्ववाले विश्व के सबसे बड़े बैंक में से एक की निवेश बैंकिंग शाखा, चाइना कंस्ट्रकशन बैंक इन्टरनेशनल की प्रमुख बनीं|

विडम्बना है कि 2017 के एन॰वाई॰टी॰ के एक अन्य लेख के अनुसार, 2013 में चिनफिंग के संबंधियों ने सी॰सी॰बी॰आई॰ के साथ अपने व्यावसायिक सम्बन्धों को समाप्त कर लिया| एक अन्य कंपनी, केंकाई ने इनके अंश ख़रीद लिए| सत्ता में आने के बाद, सी॰सी॰पी॰ के नेता, झाउ योंगकांग तथा चीन के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के विरुद्ध शी चिनफिंग एक धर्मयुद्ध में व्यस्त हो गए, उनसे पहले तक यह सी॰सी॰पी॰ के लिए यह असामान्य बात रही है|

ली-छे की साँठ-गांठ के अलावा एन॰वाई॰टी॰ की जांच ने सी॰सी॰पी॰ में चौथे नंबर का स्थान रखनेवाले वांग यांग की पुत्री, वांग शीसा का भी ख़ुलासा किया है, जिन्होंने 2010 में हाँग काँग में 2 मिलियन डॉलर का एक घर ख़रीदा है| प्रकाशन ने इस उद्देश्य के लिए शहर की प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड को उद्धृत किया है|

आलेख – सिद्धार्थ राय, परामर्श संपादक (डिजिटल), प्रसार भारती

अनुवाद – मनोज कुमार चौधरी

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