भारत-वियतनाम के सम्बन्धों में नवीकृत गति

2017 में प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान, भारत-वियतनाम के सम्बन्धों का दर्जा “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” तक बढ़ा| यह साझेदारी दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय सम्बन्धों में ना केवल एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में जारी है, बल्कि यह हिन्द-प्रशांत की क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता में भी क़ायम है| दक्षिण चीन सागर तथा अन्य कहीं चीन के युद्धकारी स्वभाव के परिदृश्य में इसमें और गति आई है| यह एक शुभ संकेत है कि द्विपक्षीय संस्थागत तंत्रों तथा बहुपक्षीय बैठकों के इतर दोनों स्तरों पर दोनों देशों के नेताओं के बीच नियमित रूप से बातचीत होती रही है|

इस पृष्ठभूमि के उलट व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक तथा तकनीकी सहयोग पर भारत-वियतनाम की साझा आयोग की 17वीं बैठक वीडियो कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई थी| जे॰सी॰एम॰ का रणनीतिक महत्व है| इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री, डॉ॰ एस॰ जयशंकर तथा सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ वियतनाम के विदेश मंत्री तथा उप-प्रधानमंत्री श्री फ़ाम बिन मिन्ह ने की थी| इस बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत-वियतनाम की रणनीतिक साझेदारी के हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की तथा अपने विस्तृत सम्बन्धों की पूरी संभावना पर चर्चा की| दोनों नेता दोनों देशों के बीच के सम्बन्धों के आर्थिक तथा रक्षा आयामों में नई गति देने तथा नागरिक परमाणु ऊर्जा,अन्तरिक्ष, समुद्री विज्ञान तथा नई प्रौद्योगिकी सरीखे उभरते क्षेत्रों में निकटतम सहयोग को तलाशने पर सहमत हुए|

दोनों पक्षों ने परस्पर हितों के क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों, विशेषकर कोविड-19 महामारी के प्रसार तथा प्रकोप के संदर्भ में अपने विचारों को भी साझा किया| भारत तथा वियतनाम दोनों को घातक कोरोनावायरस के फैलाव को कम करने तथा इससे प्रभावशाली रूप से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है| ऐसे समय में जब भारत के आर्थिक पुनर्जीवन के लिए आत्म-निर्भरता तथा मानव-केन्द्रित वैश्वीकरण के माध्यम से लचीलेपन को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आत्म-निर्भर भारत के दृष्टिकोण के अंतर्गत भारत की अर्थव्यवस्था को फिर से ठीक करने की कोशिश हो रही है, तब भारत की आर्थिक क्षमताओं तथा मांगों का लाभ उठाने के लिए डॉ॰ जयशंकर ने वियतनाम को आमंत्रित किया|

दोनों देश कई क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण साझा करते हैं, ऐसे में दोनों पक्ष बहुपक्षीय मंचों पर निकटता से समन्वय करने पर सहमत हुए| इस समन्वय में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का मुद्दा भी शामिल है, जहां भारत तथा वियतनाम दोनों 2021 में अस्थाई सदस्य के रूप में अपनी सेवा देंगे| दोनों पक्ष आसियान ढांचे के अंतर्गत महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मंचों पर सहयोग तथा समन्वय को बढ़ाने पर भी सहमत हुए| डॉ॰ जयशंकर ने आसियान में इस वर्ष वियतनाम की अध्यक्षता के प्रति भारत के पूर्ण समर्थन को अभिव्यक्त किया तथा प्रशंसा करते हुए कहा कि जब विश्व कोविड-19 महामारी से जूझ रहा था, ऐसे समय में वियतनाम ने आसियान को सकारात्मक नेतृत्व प्रदान किया|

पूर्व में, नई दिल्ली में वियतनाम के राजदूत ने कई देशों द्वारा संयम बरतने के आह्वान करने के बावजूद, संसाधन सम्पन्न दक्षिण चीन सागर में चीन द्वारा बड़ी संख्या में जहाज़ तथा लड़ाकू विमानों को तैनात करके अपनी सैन्य उपस्थिती को बढ़ाने के परिदृश्य में दक्षिण चीन सागर में बढ़े तनावों को लेकर भारत के विदेश सचिव को जानकारी दी|वियतनाम के राजदूत ने दक्षिण चीन सागर की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी| इसमें वियतनामी जल के दायरे भी शामिल हैं| ध्यातव्य है कि यहाँ भारत की ओ॰एन॰जी॰सी॰ विदेश की तेल अन्वेषण परियोजनाएं हैं|

भारत समुद्र के क़ानून पर 1982 के यू॰एन॰ कॉन्वेंशन (यू॰एन॰सी॰एल॰ओ॰एस॰) समेत अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के सिद्धांतों के अनुरूप दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र नेविगेशन तथा संसाधनों तक पहुँच का समर्थन करता रहा है| भारत की रक्षा, विशेषकर वियतनाम के साथ नौसैनिक सहयोग तथा भारत से उच्च गति की गश्ती नावों को हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान बढ़ाई गई वियतनाम की ऋण सीमा वियतनाम की क्षेत्रीय सुरक्षा तथा संप्रभुता के प्रति भारत की चिंता तथा वचनबद्धता को दर्शाती है|

भारत के लोग वियतनाम तथा वियतनामी लोगों को उनकी दृढ़ता तथा वीरोचित संघर्ष को बहुत सम्मान की नज़र से देखते है| हो ची मिन्ह तथा जेनरल वो नवेन जियाप जैसे वियतनामी नेता भारत में चर्चित नाम हैं| दोनों देशों तथा इनके नेताओं के बीच परखे हुए तथा विश्वसनीय ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा राजनीतिक सम्बन्धों ने ना केवल दोनों देशों के बीच के सम्बन्धों को बनाए रखा है, बल्कि इस संबंध को एक नए रणनीतिक स्तर तक भी पहुंचाया है|




आलेख – डॉ॰ रूपा नारायण दास, रणनीतिक विश्लेषक

अनुवाद एवं वाचन – मनोज कुमार चौधरी

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