प्रधानमंत्री ने बड़े सपने के लिए स्टार्ट अप्स का आह्वान किया
ऑल इंडिया रेडियो नेटवर्क पर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने अपने “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से देश को संबोधित किया| मन की बात के 68वें संस्करण में, प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ एप नवोन्मेष चुनौती में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है| उन्होंने कहा कि टियर टू तथा टियर तीन शहरों के युवाओं ने लगभग दो तिहाई प्रविष्टियाँ भेजी हैं| उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों में लगभग दो दर्ज़न एप को पुरस्कार दिये गए हैं| उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो के श्रोताओं को स्वयं को इन एप से परिचित करवाने और जोड़ने का आग्रह किया|
प्रधानमंत्री ने बच्चों के लिए एक परस्पर संवादात्मक एप, कुतुकी किड्स लर्निंग एप, माइक्रो ब्लॉगिंग को मंच उपलब्ध करवाने से संबन्धित एप, कू कु एप, युवाओं में चर्चित हो रहे, चिंगारी एप, सरकारी योजनाओं को लेकर सही सूचना प्राप्त करने संबंधी एप, ‘आस्क सरकार’ एप तथा स्टेप सेट गो-फ़िटनेस एप आदि समेत एप का उल्लेख किया|
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज ‘छोटे स्टार्ट-अप्स’ कल बड़ी कंपनियों में परिवर्तित होंगे तथा विश्व में भारत की छाप छोड़ेंगे| उन्होंने आगे कहा कि किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि विश्व में आज जो भी बड़ी कंपनियाँ हैं, वे कभी स्टार्ट-अप्स थीं|
श्री मोदी ने छात्रों तथा शिक्षकों को हमारे स्वतन्त्रता संघर्ष के विस्मृत नायकों की पुरानी कहानियों को सामने लाने को प्रोत्साहित किया| प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई अपनी सफलताओं के बारे में सोचता है, तो उन्हें हमेशा एक शिक्षक की याद दिलाई जाती है| उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट शिक्षकों के लिए एक चुनौती बन चुका है| शिक्षकों ने नए साधनों तथा प्रौद्योगिकी को अपनाकर इसे एक अवसर में बदल दिया है तथा इसे उन्होंने छात्रों तक पहुंचाया भी है| उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक छात्रों तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लाभों को पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे|
2022 में देश स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा, इस बात का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे संघर्ष के नायकों से आज के छात्रों को परिचित रहना अत्यावश्यक है| केवल उसी स्थिति में छात्र हमारे स्वाधीनता संघर्ष के इतिहास से अवगत हो सकते हैं|
प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि छात्र एक अनुसंधान के विषय को खोज सकते हैं, जिन ज़िलों में वे रहते हैं, वहाँ क्या स्वाधीनता संघर्ष के दौरान कोई संघर्ष हुआ है| स्वाधीनता संघर्ष के साथ जुड़े उनके शहरों के छात्रों की एक यात्रा की योजना बनाई जा सकती है| उन्होंने कहा कि कुछ विद्यालयों के छात्र हमारी स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ को चिन्हित करने के लिए हमारे स्वाधीनता आंदोलन के नायकों पर थियेटर की कहानियाँ तथा 75 कवितायें लिखने का संकल्प ले सकते हैं|
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये प्रयास देश के लिए जीने और मरनेवाले लाखों विस्मृत नायकों की कहानियों को सामने लाएँगे, लेकिन, ऐसे नायकों को भुला दिया गया है| शिक्षक दिवस को 5 सितंबर को मनाए जाने के साथ, प्रधानमंत्री ने इसके लिए एक वातावरण उत्पन्न करने की दिशा में काम करने तथा तैयारी की शुरुआत करने के लिए शिक्षकों का आह्वान किया|
श्री मोदी ने कहा कि सितंबर का महीना ‘पोषण माह’ के रूप में मनाया जाता है| उन्होंने कहा कि राष्ट्र तथा पोषण एक-दूसरे से आपस में जुड़े हुए हैं| उन्होंने एक सूत्रवाक्य को स्मरण किया, ‘यथा अन्नम तथा मनम’, जिसका अर्थ है, मानसिक तथा बौद्धिक विकास हमारे भोजन की गुणवत्ता से प्रत्यक्ष रूप से संबन्धित है| उन्होंने कहा कि पोषण तथा उचित भोजन बच्चों तथा छात्रों की अधिकतर संभावना को हासिल करने तथा कुशलता दिखाने के लिए उनकी मदद करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं| उन्होंने बल दिया कि बच्चों को अच्छी तरह से पोषित करने के लिए, माताओं को उचित आहार लेने की आवश्यकता है| उन्होंने कहा कि पोषण का मतलब सिर्फ़ भोजन से नहीं है, बल्कि नमक,विटामिन आदि जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त करने से है|
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह एक कक्षा में एक क्लास मॉनिटर होता है, ठीक उसी तरह एक पोषण मॉनिटर होना चाहिए| इसी प्रकार, एक रिपोर्ट कार्ड की तरह, एक पोषण कार्ड भी लाया जाना चाहिए| उन्होंने सूचित किया कि पोषण माह के दौरान, माय गोव पोर्टल पर एक भोजन तथा पोषण क्वीज़ तथा मेम प्रतियोगिता आयोजित की जाएँगी| उन्होंने श्रोताओं से इसमें भाग लेने को कहा|
भारत में विभिन्न तरह के भोजन तथा पेय पदार्थ उपलब्ध हैं, इस बात पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि एक विशेष क्षेत्र के मौसम के अनुसार,स्थानीय अनाजों, फलों तथा सब्ज़ियों को सम्मिलित करने के लिए एक संतुलित तथा पोषणयुक्त डायट योजना का प्रारूप तैयार किया जाना चाहिए|
आलेख – कौशिक रॉय, आकाशवाणी के समाचार विश्लेषक
अनुवाद एवं वाचन – मनोज कुमार चौधरी
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