चीन के गुलेग्स-उइग़ुर क़ैद शिविर

अगस्त 2018 में, जातिगत भेदभाव के उन्मूलन पर बनी संयुक्त राष्ट्र की समिति ने चीन के शिंजियांग प्रांत में एक मिलियन से अधिक उइग़ुरों की क़ैद पर चिंता जताई है| उइगुरों के लिए स्थिति अभी भी ठीक नहीं जान पड़ती है| दूसरी ओर, उइग़ुरों के विरुद्ध होनेवाली संरचित हिंसा दिन बीतने के साथ सिर्फ़ बढ़ी है|

इस स्थिति से संबन्धित लगातार आनेवाली विभिन्न ख़बरें उइग़ुरों के मानवीय, धार्मिक तथा सांस्कृतिक अधिकार सुधरने के बजाय भयावह होती स्थिति का संकेत दे रही हैं| चीनी एजेंडा उइग़ुरों के धर्म तथा संस्कृति पर आधारित नज़रबंदी का मुद्दा पूरी तरह से भिन्न प्रतीत होता है|

चीन अपनी अल्पसंख्यक राष्ट्रीयता के एक सम्पूर्ण जातीय रीबूट का परीक्षण कर रहा है| यह ‘हान’ चीन के कायाकल्प तथा सपने को पूरा करने के लिए अल्पसंख्यकों के संसाधनों को हड़प रहा है तथा उन्हें ठुकरा रहा है| 1982 के अपने संविधान में धर्म, सभा, भाषण तथा अन्य मामलों से संबन्धित अधिकारों को लिखने के बावजूद, चीन की वास्तविक गतिविधियों पर संदेह के बादल घिर आए हैं तथा उसकी इन गतिविधियों का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहा है|

पूर्व के बंदियों के कई साक्षात्कार सहित, उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरों का प्रयोग करके चीन की नज़रबंदी शिविर व्यवस्था की सबसे व्यापक जांच में बज़फ़ीड न्यूज़ को गत कुछ वर्षों में निर्मित 260 से अधिक ढांचे मिले हैं, जिनपर नज़रबंदी केंद्र लिखे हुए हैं| शिंजियांग प्रांत के प्रत्येक ज़िले में कम से कम एक नज़रबंदी केंद्र है| चीन ने हजारों उइग़ुरों, कज़ाखियों तथा अन्य मुस्लिमों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को क़ैद करने तथा नज़रबंद करने के लिए विशाल व्यवस्था स्थापित की है, जबकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यहाँ बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक क़ैदी पहले से ही मौजूद हैं|

ऐसी ख़बर मिली है कि शिंजियांग के विभिन्न हिस्सों में “व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षण केंद्र” नज़रबंदी केंद्र बन चुके हैं| शिंजियांग के नज़रबंदी केन्द्रों को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की “सोशल री-इंजीनियरिंग परियोजना” को पूरा करने के लिए निर्मित किया गया है|

ऑस्ट्रेलियाई रणनीतिक नीति संस्थान ने अपने शोध में पाया कि 80,000 से अधिक उइग़ुर एपल, नाइके, वोक्स्वैगन जैसे वैश्विक ब्राण्डों के लिए शिंजियांग में वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए कारखानों में काम करने के लिए बाध्य किए गए हैं|

शिंजियांग की ज़मीनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, चीन को लेकर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना में भी वृद्धि हुई है| इस वर्ष 30 जून को, 27 देशों ने जांच करवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का आह्वान किया है| जुलाई महीने में, चीन के अंतर-संसदीय गठबंधन ने शिंजियांग में जांच करवाने की मांग संयुक्त राष्ट्र से की|

अमरीकी राष्ट्रपति, डॉनल्ड ट्रम्प ने जून 2020 में उइग़ुर मानवाधिकार नीति अधिनियम 2020 को अनुमोदित किया| यह अधिनियम उइग़ुरों की सामूहिक नज़रबंदी तथा निगरानी के लिए चीन को दंडित करने का प्रावधान करता है| अमरीकी स्टेट डिपार्टमेन्ट ने एक उइग़ुर कार्यकर्ता, सेरागुल सोइतबे को 2020 के अंतर्राष्ट्रीय महिला शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया है|

बाद में, 9 जुलाई, 2020 को वैश्विक मैग्नित्स्की अधिनियम का आह्वान करते हुए, अमरीका ने मानवअधिकारों के उल्लंघन के लिए शिंजियांग कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव, चेन छ्वांगुओ तथा अन्य तीन पर प्रतिबंध लगाए हैं| चेन ने पूर्व में 2011 से 2016 तक पार्टी सचिव के रूप में तिब्बत में काम किया, इस दौरान उन्होंने दलाई लामा को “भेड़ के पोशाक में भेड़िया” कहकर आलोचना की थी| उन्होंने पुलिस की व्यापक उपाय कार्यवाहियों की शुरुआत की थी| 2016 के बाद, शिंजियांग में पार्टी सचिव के रूप में, चेन ने उइग़ुरों की प्रोफ़ाइलिंग पर व्यापक निगरानी व्यवस्था की “स्ट्राइक हार्ड” नीतियों की शुरुआत की थी|

वैश्विक समुदाय की बढ़ती आलोचना का सामना कर रहे चीन की रणनीति उइग़ुर समुदाय को अलग-थलग करना जारी रखने, शिंजियांग में अपनी नीतियों के लिए अधिकारवादी व्यवस्था से समर्थन लेने की कोशिश करने, अपनी विशेष संप्रभुता पर बल देने, मध्य एशिया तथा यूरोप से शिंजियांग को जोड़ने संबंधी बेल्ट एंड रोड पहल को आगे बढ़ाने, इस क्षेत्र में “विकासीय एजेंडा” पर फ़ोकस करने तथा इस क्षेत्र में अपनी परियोजनाओं के लिए ऋण लेने के लिए आई॰एम॰एफ़॰, विश्व बैंक तथा एशियन विकास बैंक जैसे बहुपक्षीय संस्थानों से सहायता प्राप्त करने की रही है| बहरहाल, इस विकासीय एजेंडे के बावजूद, चीन की नीतियों के विरुद्ध उइग़ुर के विरोध बढ़ ही रहे हैं|

चीन की नीतियों के विरुद्ध उइग़ुरों के विरोध कई रूप में सामने आ रहे हैं| इनमें पुलिस स्टेशनों, पार्टी काडरों, सैन्य दलों तथा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निशाना बनाना शामिल है| अदालत के मामले संकेत देते हैं कि राष्ट्रीय मामलों की तुलना में शिंजियांग में “ख़तरे में पड़ी राज्य सुरक्षा” के मामलों में ठोस रूप से वृद्धि हुई है| हाल ही में पार्टी-स्टेट ने शिंजियांग में अतिरिक्त न्यायिक नज़रबंदी के प्रयोग में वृद्धि की है|

आलेख – प्रोफ़ेसर श्रीकांत कोंडापल्ली, चीनी अध्ययन केंद्र, जे॰एन॰यू॰

अनुवाद एवं वाचन – मनोज कुमार चौधरी

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