भारत आर्थिक सम्बन्धों को सुदृढ़ करेगा
दुनियाभर में कोविड-19 से पैदा स्थिति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के संकुचन के बावजूद भारत ने अपने व्यापार और अन्य देशों के साथ आर्थिक सम्बन्धों का बहुत अच्छी तरह प्रबंधन किया है। यही देखते हुए, भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमरीका के व्यापार और उद्योग जगत को आमंत्रित किया है कि वे भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ। भारत-अमरीका रणनीतिक साझेदारी मंच (USISPF) को ऑनलाइन संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देशों की गहरी आपसी प्रतिबद्धता है और ये प्रतिबद्धता सरकार, व्यापार और जनता सभी स्तरों पर है। दोनों देश मुक्त व्यापार में विश्वास रखते हैं और भारत, अमरीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। उन्होंने कहा कि इस इंटरनेट से जुड़ी दुनिया में दोनों देश व्यापार से आगे वैश्विक मूल्य श्रृंखला में मज़बूत और विश्वसनीय साझेदार हो सकते हैं।
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने USISPF के सदस्यों को उन कदमों की जानकारी दी जो उद्योग एवम् निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि GIS युक्त एक भूमि कोष को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है। इसमें छ: राज्य होंगे जो निवेशकों को भूमि और स्थिति की पहचान में मदद करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि हर प्रकार की आवश्यक स्वीकृति के लिए एक सिंगल विन्डो सिस्टम विकसित किया जा रहा है जिसे केन्द्र, राज्य और पालिका स्तर पर स्वीकृति से बाज़ार बनाया जाएगा। भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौते के बारे में श्री गोयल ने कहा कि भारत शुरूआती सीमित व्यापारिक पैकेज पर हस्ताक्षर के लिए तैयार है और इस बारे में आगे बढ़ना अमरीका पर निर्भर करता है।
श्री गोयल ने कहा कि आगे की राह में कई बाधाएँ हैं लेकिन अनेक चुनौतियाँ भी हैं। देश में आर्थिक गतिविधि पर महामारी का बुरा असर पड़ा है लेकिन तेज़ी से उसमें नई जान पड़ने के भी संकेत हैं। अगस्त 2019 की तुलना में अगस्त 2020 में मालगाड़ियों ने 4 प्रतिशत अधिक माल ढोया। इसी तरह निर्यात देखें तो जुलाई 2020 में निर्यात जुलाई 2019 की कुल मात्रा का 88 प्रतिशत रहा और इसकी गति बढ़ी है। अभी अगस्त के आँकड़े आने बाक़ी है स्थिति बेहतर लग रही है। यदि कुल निर्यात आँकड़ों में से तल और रत्नाभूषण क्षेत्र को बाहर कर दें तो कुल निर्यात और अधिक होगा।
श्री गोयल के अनुसार कोविड-19 का प्रहार रोकने के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदमों की बदौलत देश में इस रोग के मृतकों की संख्या 2 प्रतिशत से कम है और ठीक होने की दर 75 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि विशाल आबादी के बावजूद भारत की जनता से समय के साथ सामंजस्यपूर्वक चलकर दिखा दिया है। लॉकडाउन की अवधि में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मज़बूत किया और राहत पैकेज से लोगों को इस महामारी से बढ़ने में मदद मिली।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भूमिका की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि श्री मोदी सदैव दो कदम आगे चलते हैं। उन्होंने कहा कि भारत विजेता होकर उभरेगा और अगले 5 साल में 5 ख़ान की अर्थव्यवस्था बन जाएगा जिससे 1.3 अरब लोगों के जीवन में ख़ुशहाली आएगी।
भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के लिए मंत्रियों ने आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती पर भी चर्चा की। तीनों देशों के मंत्रियों ने अगले बाज़ार खुले रखते हुए एक मुक्त, निष्पक्ष, समेकित, भेदभाव रहित, पारदर्शी एवम् स्थिर व्यापार तथा निवेश वातावरण प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कोविड-19 के संकट और आर्थिक तथा प्रौद्योगिकी जगत में वैश्विक परिवर्तनों को देखते हुए इन तीनों देशों ने भारत-प्रशान्त क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला को निर्बाध बनाए रखने पर बात की।
भारत-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति की श्रृंखला को बाधारहित रखने के लिए ज़रूरी सहयोग को पहचानते हुए तीनों देशों ने क्षेत्रीय सहयोग को और मज़बूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने अपने अधिकारियों को वर्ष के अन्त में नए कदम उठाने का निर्देश दिया।
मंत्रियों ने व्यापार और अध्ययन जगत की महत्वपूर्ण भूमिका को भी समझा। भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने क्षेत्र में समान विचार वाले देशों से भी इस पहल में भागीदारी का आह्वान किया।
आलेख – कौशिक रॉय
अनुवादक – मुनीश शर्मा
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