संसद में इस सप्ताह
संसद का मानसून सत्र कई महत्त्वपूर्ण विधेयक पारित करने के बाद बुधवार को समाप्त हो गया। कोविड-19 महामारी की वजह से लोक सभा और राज्य सभा अपने निर्धारित समय से आठ दिन पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। दस बैठकों वाला सत्र इस महीने की 14 तारीख़ को शुरू हुआ था और पहली अक्तूबर को समाप्त होना था। अपनी समापन टिप्पणी में राज्य सभा के अध्यक्ष एम वैंकेया नायडू ने कहा कि विपक्ष द्वारा कई मुद्दों पर किए जा रहे विरोध के बीच 25 विधेयक पारित किए गए और 6 नए विधेयक सदन में पेश किए गए।
संसद ने कामगारों के कल्याण और सुरक्षा के लिए तीन श्रम संहिता विधेयक पारित किए। आजीविका संबंधी सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020 किसी संस्थान में कार्यरत व्यक्ति की आजीविका, स्वास्थ्य और काम के माहौल से जुड़े क़ानूनों में संशोधन की अनुमति से जुड़ा है। औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का उद्देश्य व्यापार संघ, औद्योगिक संस्थान में काम के माहौल, औद्योगिक विवादों में जाँच तथा समाधान के क़ानूनों में संशोधन करना है। तीसरा विधेयक सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 देश में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के क़ानूनों में संशोधन से संबंधित है।
एक बहस में जवाब देते हुए श्रम और रोज़गार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने इन विधेयकों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि एक निश्चित समय के भीतर समस्याओं का समाधान निकालने वाली व्यवस्था तैयार करते हुए इन विधेयकों का कामगारों के हितों के मामले में दूरगामी प्रभाव होगा। उन्होंने कहा कि मज़बूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और कामगारों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने के लिए इन विधेयकों में कई प्रावधान शामिल किए गए हैं।
इस विमर्श में शामिल होते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इन विधेयकों से कामगारों को न्याय मिलेगा। सही समय पर उचित और न्यूनतम वेतन की गारंटी, निशुल्क स्वास्थ्य सेवा और प्रवासी मज़दूरों के लिए साल में एक बार अपने गृहनगर जाने का भत्ता जैसे कई प्रावधान शामिल हैं।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा को सूचना दी कि रेलवे की 2023 तक अपने ब्रौड-गेज का पूरी तरह विद्युतीकरण करने की योजना है। एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि कुल 63 हज़ार631 किलोमीटर में से लगभग 63 प्रतिशत ब्रॉड गेज लाइनों का पहले ही विद्युतीकरण किया जा चुका है।
लोकसभा ने प्रमुख पत्तन प्राधिकारी विधेयक 2020 भी पारित किया। इस विधेयक में देश के प्रमुख पत्तनों के नियमन, संचालन और योजना तथा स्वायत्तता से जुड़े प्रावधान हैं। जहाज़रानी राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि इस विधेयक से समुद्री क्षेत्र को बहुत बढ़ावा मिलेगा।
लोक सभा ने जम्मू और कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक 2020 भी पारित किया। इस विधेयक से कश्मीरी, डोगरी, हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू को केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की आधिकारिक भाषा बनाया गया है। गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि इस विधेयक से जम्मू और कश्मीर के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी की गई है। संसद ने बैंकिंग नियम संशोधन विधेयक 2020 भी पारित किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये विधेयक इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि बहुत से सहकारी बैंकों को हालिया समय में गंभीर परेशानियों का समाना करना पड़ा है।
दोनों सदनों ने राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2020 भी पारित किया। इस विधेयक के अंतर्गत गुजरात फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गाँधीनगर और लोक नायक जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय अपराधविज्ञान संस्थान, नई दिल्ली की तर्ज पर एक विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।
संसद ने भारतीय सूचना तकनीक संस्थान क़ानून संशोधन विधेयक 2020 पारित किया। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि तकनीक देश के विकास में एक अहम भूमिका अदा कर रही है। संसद ने महामारी रोग संशोधन विधेयक 2020 को भी अपनी सहमति प्रदान की। इस के माध्यम से महामारी रोग विधान 1897 में संशोधन किया गया है ताकि महामारी से लड़ने वाले स्वास्थ्य सेवा कर्मी की सुरक्षा और ऐसे रोगों को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार की शक्तियों का विस्तार किया जा सके।
लोक सभा ने विदेशी अंशदान नियमन संशोधन विधेयक 2020 को भी मंजूरी प्रदान की। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ये स्पष्ट किया कि प्रस्तावित विधेयक किसी भी ग़ैर सरकारी संगठन या किसी धर्म के ख़िलाफ़ नहीं है जैसा कि कुछ पक्षों द्वारा आरोप लगाया जा रहा था।
आलेख- वी. मोहन राव, पत्रकार
अनुवाद- नीलम मलकानिया
संसद ने कामगारों के कल्याण और सुरक्षा के लिए तीन श्रम संहिता विधेयक पारित किए। आजीविका संबंधी सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020 किसी संस्थान में कार्यरत व्यक्ति की आजीविका, स्वास्थ्य और काम के माहौल से जुड़े क़ानूनों में संशोधन की अनुमति से जुड़ा है। औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का उद्देश्य व्यापार संघ, औद्योगिक संस्थान में काम के माहौल, औद्योगिक विवादों में जाँच तथा समाधान के क़ानूनों में संशोधन करना है। तीसरा विधेयक सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 देश में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के क़ानूनों में संशोधन से संबंधित है।
एक बहस में जवाब देते हुए श्रम और रोज़गार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने इन विधेयकों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि एक निश्चित समय के भीतर समस्याओं का समाधान निकालने वाली व्यवस्था तैयार करते हुए इन विधेयकों का कामगारों के हितों के मामले में दूरगामी प्रभाव होगा। उन्होंने कहा कि मज़बूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और कामगारों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने के लिए इन विधेयकों में कई प्रावधान शामिल किए गए हैं।
इस विमर्श में शामिल होते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इन विधेयकों से कामगारों को न्याय मिलेगा। सही समय पर उचित और न्यूनतम वेतन की गारंटी, निशुल्क स्वास्थ्य सेवा और प्रवासी मज़दूरों के लिए साल में एक बार अपने गृहनगर जाने का भत्ता जैसे कई प्रावधान शामिल हैं।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा को सूचना दी कि रेलवे की 2023 तक अपने ब्रौड-गेज का पूरी तरह विद्युतीकरण करने की योजना है। एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि कुल 63 हज़ार631 किलोमीटर में से लगभग 63 प्रतिशत ब्रॉड गेज लाइनों का पहले ही विद्युतीकरण किया जा चुका है।
लोकसभा ने प्रमुख पत्तन प्राधिकारी विधेयक 2020 भी पारित किया। इस विधेयक में देश के प्रमुख पत्तनों के नियमन, संचालन और योजना तथा स्वायत्तता से जुड़े प्रावधान हैं। जहाज़रानी राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि इस विधेयक से समुद्री क्षेत्र को बहुत बढ़ावा मिलेगा।
लोक सभा ने जम्मू और कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक 2020 भी पारित किया। इस विधेयक से कश्मीरी, डोगरी, हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू को केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की आधिकारिक भाषा बनाया गया है। गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि इस विधेयक से जम्मू और कश्मीर के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी की गई है। संसद ने बैंकिंग नियम संशोधन विधेयक 2020 भी पारित किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये विधेयक इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि बहुत से सहकारी बैंकों को हालिया समय में गंभीर परेशानियों का समाना करना पड़ा है।
दोनों सदनों ने राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2020 भी पारित किया। इस विधेयक के अंतर्गत गुजरात फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गाँधीनगर और लोक नायक जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय अपराधविज्ञान संस्थान, नई दिल्ली की तर्ज पर एक विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।
संसद ने भारतीय सूचना तकनीक संस्थान क़ानून संशोधन विधेयक 2020 पारित किया। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि तकनीक देश के विकास में एक अहम भूमिका अदा कर रही है। संसद ने महामारी रोग संशोधन विधेयक 2020 को भी अपनी सहमति प्रदान की। इस के माध्यम से महामारी रोग विधान 1897 में संशोधन किया गया है ताकि महामारी से लड़ने वाले स्वास्थ्य सेवा कर्मी की सुरक्षा और ऐसे रोगों को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार की शक्तियों का विस्तार किया जा सके।
लोक सभा ने विदेशी अंशदान नियमन संशोधन विधेयक 2020 को भी मंजूरी प्रदान की। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ये स्पष्ट किया कि प्रस्तावित विधेयक किसी भी ग़ैर सरकारी संगठन या किसी धर्म के ख़िलाफ़ नहीं है जैसा कि कुछ पक्षों द्वारा आरोप लगाया जा रहा था।
आलेख- वी. मोहन राव, पत्रकार
अनुवाद- नीलम मलकानिया
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