भारत में बदलते बाज़ार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेट के माध्यम से कनाडा में हुए निवेश भारत सम्मलेन में बीज वक्तव्य दिया। प्रधानमंत्री ने कहा की भारत निर्विवाद रूप से ऐसा एकमात्र देश है, जो निवेश के सभी आयामों में चमक रहा है। चाहे राजनैतिक स्थिरता की बात हो या फिर निवेश और व्यवसाय अनुकूल नीतियां हों, पारदर्शी शासन प्रक्रिया हो, प्रशिक्षित प्रतिभा हो या फिर विशाल बाजार हो।

श्री मोदी ने कहा की कोविड बाद की दुनिया में भारत ने लचीलापन अपनाया है। निर्माण तथा आपूर्ति श्रृंखला आदि से जुड़ी समस्याओं के मामले में समाधानों का देश बनकर उभरा है। उन्होंने कहा की संभार तंत्र में व्यवधान उत्पन्न होने के बाद किसानों महिलाओं, गरीबों और जरूरतमंदों के खातों में सीधा पैसा जमा करवाया गया है। उन्होंने ऐसे कई उपायों की चर्चा की जो महामारी से उपजे हालत का सामना करने के लिए तैयार किये गए। उन्होंने कहा की इससे सरकारी संरचना और व्यवस्था की उस मज़बूती का पता चलता है, जो पिछले कुछ वर्षों में तैयार की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा की जब पूरा विश्व लॉकडाउन में था उस समय भारत दुनिया के लगभग 150 देशों को दवाइयां उपलब्ध करवा रहा था। उन्होंने आगे कहा की इस साल मार्च से जून के बीच कृषि निर्यात में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा की महामारी से पहले भारत कभी कभार ही पीपीई किट बनता था, लेकिन आज भारत हर महीने ना सिर्फ लाखों पीपीई किट बना रहा है बल्कि इसका निर्यात भी करता है। उन्होंने पूरी दुनिया की मदद करने के लिए कोविड-19 टीके का तेजी से निर्माण करने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताया की किस प्रकार व्यवसाय हितैषी माहौल बनाने के लिए सरकार लगातार विभिन्न उपाय किए जा रही है। उन्होंने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में उदारीकरण श्रेष्ठ संपत्ति और पेंशन फंड के लिए सरल कर व्यवस्था, मज़बूत बांड बाज़ार विकसित करने के लिए अहम सुधार तथा अग्रणी क्षेत्रों के लिए प्रोत्साहन योजना आदि का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा की औषधि क्षेत्र चिकित्सा उपकरण तथा विद्युत चलित उपकरणों के निर्माण में योजनाएं पहले से ही शुरू की जा चुकी हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय ध्यान देने और निवेशकों को प्रभावी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से सचिवालय व्यवस्था का भी आश्वसान दिया। उन्होंने हवाई अड्डों, रेलवे, राजमार्गों विद्युत संचरण लाइनों आदि के पास सम्पति के सक्रिय मौद्रीकरण पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा की अचल सम्पति और अवसंरचनात्मक क्षेत्र का सार्वजनिक और निजी सम्पतियों के रूप में मुद्रीकरण किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की आज भारत, बाज़ार और मानसिकता तेजी से बदल रहे हैं। कंपनी एक्ट के अंतर्गत विभन्न अपराधों को विननियम और अपराधों की श्रेणी से हटाया जाता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की पिछले 5 वर्षों में भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में 81वें स्थान से 48वें स्थान पर पहुंचा है और कारोबार के माहौल को सरल बनाने की विश्व बैंक की सूचि में 142वें स्थान से 63वें स्थान पर पहुँच गया है।

श्री मोदी ने कहा की इस साल के पहले 6 महीनों में जब कोविड-19 महामारी का पूरी दुनिया पर बहुत बुरा प्रभाव था, तब भारत को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश से 20 अरब अमरीकी डॉलर से अधिक की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। भारत ने महामारी के दौरान एकदम अनोखा रवैया अपनाया और निर्धन वर्ग को राहत और उत्प्रेरक पैकेज प्रदान किये गए, छोटे कारोबारियों की मदद की गई और साथ इस अवसर का सही उपयोग करते हुए संरचनात्मक सुधार किए गए ताकि उत्पादकता और संपन्नता को बढ़ाया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी बताया की भारत ने शिक्षा श्रम और कृषि क्षेत्र में भी सुधार किये हैं। भारत ने श्रम और कृषि क्षेत्र के पुराने कानूनों में सुधार किया और सरकारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही निजी क्षेत्रों की सहभागिता आरम्भ की गई ताकि उद्यमियों और मेहनती लोगों दोनों के लिए लाभकारी स्थिति बनाई जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया की इन सुधारों से आत्मनिर्भर भारत बनाने में मदद मिलेगी। आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भारत विश्व के लिए भी सम्पनता चाहता है। उन्होंने कहा की भारत में शिक्षा विनिर्माण और सेवा क्षेत्र तथा कृषि क्षेत्र में साझेदारी की जा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत कनाडा द्विपक्षीय संबंध साझे लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुत से साझे हितों पर टिके हैं। हमारे बहुपक्षीय संबंधों के लिए व्यापर और निवेश अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया की कनाडा में विशाल और बहुत अनुभवी अवसंरचनात्मक निवेशक हैं। उन्होंने बताया की कैनेडा के पेंशन फंड्स ने भारत में सबसे पहले सीधे तौर पर निवेश करना आरम्भ किया। बहुत से निवेशक राजमार्ग, हवाईअड्डों, सांभरतंत्र, टेलीकॉम और अचल सम्पतियों में निवेश करने के अच्छे अवसर देख रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत में बहुत वर्षों से निवेश कर रहे कैनेडा के अनुभवी और बड़े निवेशक अब भारत के ब्रांड अम्बैसेडर या ट्रेडमार्क राजदूत बन सकते हैं।

आलेख- कौशिक राय, समाचार विश्लेषक

अनुवाद- नीलम मलकानिया

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