भारत-उज़्बेकिस्तान सम्बन्ध: मज़बूती की ओर
गत सप्ताह, प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी तथा उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति, शौकत मिर्ज़ियोएव ने भारत तथ उज़्बेकिस्तान के बीच एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की| किसी मध्य एशियाई देश के साथ इस प्रकार का यह पहला शिखर सम्मेलन था| दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सम्बन्धों, कोविड-19 महामारी तथा क्षेत्रीय और आपसी हितों के वैश्विक मुद्दों पर गहराई से अपने विचारों का आदान-प्रदान किया| उन्होंने भारत-उज़्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी को एक नए तथा उच्चतर स्तर पर ले जाने के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता व्यक्त की|
हाल के शिखर सम्मेलन से पहले दोनों नेताओ ने अपनी बैठकों की प्रशंसा की तथा विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इन बैठकों ने राजनीतिक, व्यापार तथा निवेश, रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से मुक़ाबला, विज्ञान तथा तकनीक, परमाणु ऊर्जा, अन्तरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नई दिल्ली तथा ताशकंद के बीच सहयोग को और सशक्त बनाया है तथा सांस्कृतिक और शैक्षणिक संपर्कों को बढ़ावा दिया है|
अगस्त में आयोजित मंत्री स्तर की राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक समय पर और प्रभावी परिणामों के लिए विभिन्न द्विपक्षीय परियोजनाओं तथा समझौतों के क्रियान्वयन की निगरानी करने में सहायक साबित हुई है| प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्ज़ियोएव ने दोनों देशों की कोविड-19 महामारी का जायज़ा लिया| दोनों नेता महामारी के विरुद्ध लड़ाई को जारी रखने के लिए द्विपक्षीय तथा वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर सहमत हुए| उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने महामारी के दौरान अपने देश को भारत से मिली सहायता के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया| इसके बदले में, भारत ने उज़्बेकिस्तान के साथ सहायता को और बढ़ाने की वचनबद्धता दोहराई|
आर्थिक क्षेत्र में, दोनों नेता संभावना के अनुसार दोनों देशों के बीच के व्यापार को बढ़ाने पर सहमत हुए| ऐसा करने से दोनों देशों द्वारा निर्धारित 1 बिलियन अमरीकी डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी|
दोनों नेता द्विपक्षीय निवेश संधि को पूरा करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए, जो व्यापार तथा आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के लिए निवेश संवर्धन तथा संरक्षण में सहायक होगा| व्यापार तथा निवेश क्षेत्र में प्रगति को गति देने के लिए, भारतीय राज्यों तथा उज़्बेकिस्तान और वाणिज्य तथा उद्योग के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच प्रत्यक्ष संपर्कों पर बल दिया गया था| भारत ने उज़्बेकिस्तान के लिए 448 मिलियन अमरीकी डॉलर की ऋण सीमा की स्वीकृति दी है, जिसके लिए ताशकंद ने इस ऋण को प्रभावशाली तरीक़े से प्रयोग करने की अपनी वचनबद्धता व्यक्त की है| आर्थिक क्षेत्र पर जो फ़ोकस किया गया है, वह 1 बिलियन अमरीकी डॉलर के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होना चाहिए|
इस शिखर सम्मेलन के दौरान, नेताओं ने ईरान के चाबहार बन्दरगाह को और विकसित करने भी सहमत हुए, जो दोनों देशों और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होगा| ताशकंद ने चाबहार बन्दरगाह के माध्यम से बेहतर संपर्क को बढ़ावा देने के लिए ईरान तथा दोनों देशों के बीच एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का प्रस्ताव किया|
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारा (आई॰एन॰एस॰टी॰सी॰) से जुड़ने के लिए उज़्बेकिस्तान को आमंत्रित किया, जो एक महत्वपूर्ण विकास है| उन्होंने प्रत्येक देश की आवश्यकता को सुनिश्चित करने के लिए इस बात को रेखांकित किया कि अन्य देशों के विरुद्ध आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए इनके क्षेत्रों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है| दोनों पक्षों ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद (सी॰सी॰आई॰टी॰) पर एक व्यापक सम्मेलन के लिए तत्काल निर्णय लेने का आह्वान किया|
अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर, अफ़ग़ान के नेतृत्व, अफ़ग़ान के स्वामित्व वाले तथा अफ़ग़ान-नियंत्रित शांति प्रक्रिया के सिद्धांत पर अफ़ग़ान के संघर्ष के निपटारे पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई, जो महत्वपूर्ण है| भारत तथा उज़्बेकिस्तान ने एक एकीकृत, संप्रभु तथा लोकतान्त्रिक अफ़ग़ानिस्तान के लिए अपने समर्थन में एकात्मकता व्यक्त की| इसके लिए, अफ़ग़ानिस्तान की भागीदारी के साथ विदेश मंत्रियों के स्तर पर दूसरे भारत-मध्य एशिया संवाद का सफल आयोजन महत्वपूर्ण है|
क्षेत्रीय मुद्दों के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी तथा राष्ट्रपति मिर्ज़ियोएव ने संयुक्त राष्ट्रों के सुधार पर भी चर्चाएं कीं तथा संशोधित बहुपक्षवाद पर सहमत हुए| ताशकंद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की उम्मीदवारी के प्रति अपने समर्थन को दोहराया| दोनों नेताओं ने गत महीने भारत द्वारा आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के सरकार प्रमुखों की परिषद की बैठक के सफल आयोजन पर भी चर्चाएं कीं| मोटे तौर पर, यह वर्चुअल शिखर सम्मेलन बहुत अधिक सफल रहा| भारत तथा उज़्बेकिस्तान के बीच के सम्बन्धों में बढ़ोतरी हो रही है| दोनों देश द्विपक्षीय तथा क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण हैं|
आलेख – डॉ॰ इंद्राणी तालुकदार, रूस तथा मध्य एशिया मामलों की रणनीतिक विश्लेषक
अनुवाद एवं वाचन – मनोज कुमार चौधरी
हाल के शिखर सम्मेलन से पहले दोनों नेताओ ने अपनी बैठकों की प्रशंसा की तथा विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इन बैठकों ने राजनीतिक, व्यापार तथा निवेश, रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से मुक़ाबला, विज्ञान तथा तकनीक, परमाणु ऊर्जा, अन्तरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नई दिल्ली तथा ताशकंद के बीच सहयोग को और सशक्त बनाया है तथा सांस्कृतिक और शैक्षणिक संपर्कों को बढ़ावा दिया है|
अगस्त में आयोजित मंत्री स्तर की राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक समय पर और प्रभावी परिणामों के लिए विभिन्न द्विपक्षीय परियोजनाओं तथा समझौतों के क्रियान्वयन की निगरानी करने में सहायक साबित हुई है| प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्ज़ियोएव ने दोनों देशों की कोविड-19 महामारी का जायज़ा लिया| दोनों नेता महामारी के विरुद्ध लड़ाई को जारी रखने के लिए द्विपक्षीय तथा वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर सहमत हुए| उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने महामारी के दौरान अपने देश को भारत से मिली सहायता के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया| इसके बदले में, भारत ने उज़्बेकिस्तान के साथ सहायता को और बढ़ाने की वचनबद्धता दोहराई|
आर्थिक क्षेत्र में, दोनों नेता संभावना के अनुसार दोनों देशों के बीच के व्यापार को बढ़ाने पर सहमत हुए| ऐसा करने से दोनों देशों द्वारा निर्धारित 1 बिलियन अमरीकी डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी|
दोनों नेता द्विपक्षीय निवेश संधि को पूरा करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए, जो व्यापार तथा आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के लिए निवेश संवर्धन तथा संरक्षण में सहायक होगा| व्यापार तथा निवेश क्षेत्र में प्रगति को गति देने के लिए, भारतीय राज्यों तथा उज़्बेकिस्तान और वाणिज्य तथा उद्योग के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच प्रत्यक्ष संपर्कों पर बल दिया गया था| भारत ने उज़्बेकिस्तान के लिए 448 मिलियन अमरीकी डॉलर की ऋण सीमा की स्वीकृति दी है, जिसके लिए ताशकंद ने इस ऋण को प्रभावशाली तरीक़े से प्रयोग करने की अपनी वचनबद्धता व्यक्त की है| आर्थिक क्षेत्र पर जो फ़ोकस किया गया है, वह 1 बिलियन अमरीकी डॉलर के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होना चाहिए|
इस शिखर सम्मेलन के दौरान, नेताओं ने ईरान के चाबहार बन्दरगाह को और विकसित करने भी सहमत हुए, जो दोनों देशों और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होगा| ताशकंद ने चाबहार बन्दरगाह के माध्यम से बेहतर संपर्क को बढ़ावा देने के लिए ईरान तथा दोनों देशों के बीच एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का प्रस्ताव किया|
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारा (आई॰एन॰एस॰टी॰सी॰) से जुड़ने के लिए उज़्बेकिस्तान को आमंत्रित किया, जो एक महत्वपूर्ण विकास है| उन्होंने प्रत्येक देश की आवश्यकता को सुनिश्चित करने के लिए इस बात को रेखांकित किया कि अन्य देशों के विरुद्ध आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए इनके क्षेत्रों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है| दोनों पक्षों ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद (सी॰सी॰आई॰टी॰) पर एक व्यापक सम्मेलन के लिए तत्काल निर्णय लेने का आह्वान किया|
अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर, अफ़ग़ान के नेतृत्व, अफ़ग़ान के स्वामित्व वाले तथा अफ़ग़ान-नियंत्रित शांति प्रक्रिया के सिद्धांत पर अफ़ग़ान के संघर्ष के निपटारे पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई, जो महत्वपूर्ण है| भारत तथा उज़्बेकिस्तान ने एक एकीकृत, संप्रभु तथा लोकतान्त्रिक अफ़ग़ानिस्तान के लिए अपने समर्थन में एकात्मकता व्यक्त की| इसके लिए, अफ़ग़ानिस्तान की भागीदारी के साथ विदेश मंत्रियों के स्तर पर दूसरे भारत-मध्य एशिया संवाद का सफल आयोजन महत्वपूर्ण है|
क्षेत्रीय मुद्दों के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी तथा राष्ट्रपति मिर्ज़ियोएव ने संयुक्त राष्ट्रों के सुधार पर भी चर्चाएं कीं तथा संशोधित बहुपक्षवाद पर सहमत हुए| ताशकंद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की उम्मीदवारी के प्रति अपने समर्थन को दोहराया| दोनों नेताओं ने गत महीने भारत द्वारा आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के सरकार प्रमुखों की परिषद की बैठक के सफल आयोजन पर भी चर्चाएं कीं| मोटे तौर पर, यह वर्चुअल शिखर सम्मेलन बहुत अधिक सफल रहा| भारत तथा उज़्बेकिस्तान के बीच के सम्बन्धों में बढ़ोतरी हो रही है| दोनों देश द्विपक्षीय तथा क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण हैं|
आलेख – डॉ॰ इंद्राणी तालुकदार, रूस तथा मध्य एशिया मामलों की रणनीतिक विश्लेषक
अनुवाद एवं वाचन – मनोज कुमार चौधरी
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