नई ऊँचाइयाँ छूते भारत-सूरीनाम संबंध
भारत, सूरीनाम के साथ घनिष्ठ, मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध रखता है, जो भारतीय समुदाय के 142 वर्षों पुराने प्रवास, सांस्कृतिक और जनमानस के आपसी संबन्धों के साथ और भी प्रगाढ़ होते आए हैं । भारतीय मूल के 230,000 से अधिक लोग पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से हैं, और सूरीनाम में रहने वाले लगभग 50 सिंधी परिवार वहाँ की अर्थव्यवस्था, नागरिक सेवा, तकनीक और सूरीनाम के समग्र सांस्कृतिक परिवेश में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस वर्ष जुलाई में, भारतीय मूल के एक व्यक्ति श्री चंद्रिका पारसद संतोखी को सूरीनाम के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। अपने शपथ ग्रहण समारोह में, श्री संतोखी ने वैदिक भजनों का पाठ किया; उन्होंने संस्कृत में भी बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने श्री संतोखी को बधाई दी थी। प्रधानमंत्री ने सूरीनाम के साथ भारत के निकट संबंधों को याद किया। श्री मोदी ने कहा, सौ साल से भी पहले, भारत से लोग सूरीनाम गए और इसे अपने घर के रूप में स्वीकार किया। आज, सूरीनाम की एक-चौथाई से अधिक आबादी भारतीय मूल की है। 'सरनामी ’वहां की आम भाषाओं में से एक है; यह भोजपुरी की एक उपभाषा है। भारत ऐसे सांस्कृतिक संबंधो पर बहुत गर्व महसूस करता है।
भारत के तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री ने अप्रैल, 2017 में छठवें भारत-सूरीनाम संयुक्त आयोग की बैठक (जेसीएम) के संबंध में पारामारिबो का दौरा किया और वहाँ के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें कीं।
सूरीनाम के तत्कालीन उपराष्ट्रपति अश्विन अधिन को बंगलुरु में युवा प्रवासी भारतीय दिवस, 2017 के विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। जनवरी 2017 में अपनी यात्रा के दौरान, श्री अधिन ने एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत ने वॉटर पंप, पावर ट्रांसमिशन लाइन, 3 चेतक हेलीकॉप्टर, क्रैश फायर टेंडर और तटीय उपकरण स्थापित करने के लिए सूरीनाम को 57 मिलियन अमेरिकी डॉलर की चार ऋण व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई हैं। 13.5 मिलियन अमरीकी डॉलर के मूल्य के एचएएल द्वारा निर्मित तीन चेतक हेलीकॉप्टर मार्च, 2015 में सूरीनाम रक्षा मंत्रालय को सौंप दिए गए थे। एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया ने कृषि मंत्रालय, सूरीनाम को वैगिंगेन के पम्पिंग स्टेशन के पुनरुद्धार के लिए 8.4 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण अगस्त 2017 में क्रेता ऋण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान किया है।
सूरीनाम में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र 1978 में खोला गया था और यह हिंदी भाषा, कथक, योग और शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने में अत्यंत सक्रिय है। भारत ने वर्ष 2016 में सूरीनाम में हिंदी के प्रचार के लिए 29500 अमरीकी डॉलर का अनुदान प्रदान किया क्योंकि लगभग 80 स्वयंसेवी हिंदी विद्यालय सूरीनाम के विभिन्न जनपदों में कार्य कर रहे हैं। हर साल दो सूरीनाम के छात्र आगरा में केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने आते हैं। सूरीनाम के छात्रों ने भी आईसीसीआर की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में गहरी रुचि दिखाई है और वर्तमान में एक छात्र आयूष छात्रवृत्ति के अंतर्गत भारत में बीएएमएस पाठ्यक्रम का अध्ययन कर रहा है।7 वें भारत-सूरीनाम संयुक्त आयोग की बैठक (जेसीएम) भारत के विदेश राज्यमंत्री, श्री वी. मुरलीधरन और सूरीनाम के विदेश मामलों, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के मंत्री तथा राजदूत अल्बर्ट आर. रामदीन की सह-अध्यक्षता में इस सप्ताह वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। भारत - सूरीनाम मैत्रीपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों के बीच चर्चा सौहार्दपूर्ण वातावरण में की गई।
दोनों मंत्रियों ने राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाने, द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर आपसी विचारों का आदान-प्रदान करने में इस मंच के महत्व को रेखांकित किया।दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-सूरीनाम संबंध, जिनमें मजबूत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी सम्मिलित हैं, सौहार्द और विविध मुद्दों पर विचारों की समझ और अभिसरण द्वारा परिलक्षित होते हैं। दोनों मंत्रियों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की नई गति को प्राप्त करने के उद्देश्य से, अन्य क्षेत्रों के साथ साथ, रचनात्मक उद्योगों, स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, कृषि, खनन, ऊर्जा, रक्षा सहयोग, संस्कृति और शिक्षा, राजनयिक सहयोग और विकास साझीदारी और जनमानस के संबंधों को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों मंत्रियों ने दक्षिण-दक्षिण सहयोग की भावना के अंतर्गत, रियायती दरों पर ऋण व्यवस्थाओं के माध्यम से, विकास परियोजनाओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सूरीनाम के साथ भारत की विकास साझेदारी में बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन नेटवर्क, सामान्य उपयोग के सामान आपूर्ति और जलापूर्ति सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। दोनों नेता विचाराधीन परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए तत्पर दिखाई दिए, जिसका उद्देश्य सूरीनाम की ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा उपयोग में योगदान करना था।
दोनों मंत्रियों ने संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार सहित अंतर्राष्ट्रीय मंचों में आपसी सहयोग प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत तथा विस्तारित करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर संयुक्त आयोग के माध्यम से एक साथ मिलकर काम करना जारी रखने का संकल्प लिया।
आलेख - पदम सिंह, समाचार विश्लेषक, ऑल इंडिया रेडियो
अनुवादक एवं वाचक - हर्ष वर्धन
भारत के तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री ने अप्रैल, 2017 में छठवें भारत-सूरीनाम संयुक्त आयोग की बैठक (जेसीएम) के संबंध में पारामारिबो का दौरा किया और वहाँ के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें कीं।
सूरीनाम के तत्कालीन उपराष्ट्रपति अश्विन अधिन को बंगलुरु में युवा प्रवासी भारतीय दिवस, 2017 के विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। जनवरी 2017 में अपनी यात्रा के दौरान, श्री अधिन ने एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत ने वॉटर पंप, पावर ट्रांसमिशन लाइन, 3 चेतक हेलीकॉप्टर, क्रैश फायर टेंडर और तटीय उपकरण स्थापित करने के लिए सूरीनाम को 57 मिलियन अमेरिकी डॉलर की चार ऋण व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई हैं। 13.5 मिलियन अमरीकी डॉलर के मूल्य के एचएएल द्वारा निर्मित तीन चेतक हेलीकॉप्टर मार्च, 2015 में सूरीनाम रक्षा मंत्रालय को सौंप दिए गए थे। एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया ने कृषि मंत्रालय, सूरीनाम को वैगिंगेन के पम्पिंग स्टेशन के पुनरुद्धार के लिए 8.4 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण अगस्त 2017 में क्रेता ऋण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान किया है।
सूरीनाम में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र 1978 में खोला गया था और यह हिंदी भाषा, कथक, योग और शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने में अत्यंत सक्रिय है। भारत ने वर्ष 2016 में सूरीनाम में हिंदी के प्रचार के लिए 29500 अमरीकी डॉलर का अनुदान प्रदान किया क्योंकि लगभग 80 स्वयंसेवी हिंदी विद्यालय सूरीनाम के विभिन्न जनपदों में कार्य कर रहे हैं। हर साल दो सूरीनाम के छात्र आगरा में केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी सीखने आते हैं। सूरीनाम के छात्रों ने भी आईसीसीआर की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में गहरी रुचि दिखाई है और वर्तमान में एक छात्र आयूष छात्रवृत्ति के अंतर्गत भारत में बीएएमएस पाठ्यक्रम का अध्ययन कर रहा है।7 वें भारत-सूरीनाम संयुक्त आयोग की बैठक (जेसीएम) भारत के विदेश राज्यमंत्री, श्री वी. मुरलीधरन और सूरीनाम के विदेश मामलों, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के मंत्री तथा राजदूत अल्बर्ट आर. रामदीन की सह-अध्यक्षता में इस सप्ताह वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। भारत - सूरीनाम मैत्रीपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों के बीच चर्चा सौहार्दपूर्ण वातावरण में की गई।
दोनों मंत्रियों ने राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाने, द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर आपसी विचारों का आदान-प्रदान करने में इस मंच के महत्व को रेखांकित किया।दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-सूरीनाम संबंध, जिनमें मजबूत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी सम्मिलित हैं, सौहार्द और विविध मुद्दों पर विचारों की समझ और अभिसरण द्वारा परिलक्षित होते हैं। दोनों मंत्रियों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की नई गति को प्राप्त करने के उद्देश्य से, अन्य क्षेत्रों के साथ साथ, रचनात्मक उद्योगों, स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, कृषि, खनन, ऊर्जा, रक्षा सहयोग, संस्कृति और शिक्षा, राजनयिक सहयोग और विकास साझीदारी और जनमानस के संबंधों को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों मंत्रियों ने दक्षिण-दक्षिण सहयोग की भावना के अंतर्गत, रियायती दरों पर ऋण व्यवस्थाओं के माध्यम से, विकास परियोजनाओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सूरीनाम के साथ भारत की विकास साझेदारी में बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन नेटवर्क, सामान्य उपयोग के सामान आपूर्ति और जलापूर्ति सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। दोनों नेता विचाराधीन परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए तत्पर दिखाई दिए, जिसका उद्देश्य सूरीनाम की ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा उपयोग में योगदान करना था।
दोनों मंत्रियों ने संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार सहित अंतर्राष्ट्रीय मंचों में आपसी सहयोग प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत तथा विस्तारित करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर संयुक्त आयोग के माध्यम से एक साथ मिलकर काम करना जारी रखने का संकल्प लिया।
आलेख - पदम सिंह, समाचार विश्लेषक, ऑल इंडिया रेडियो
अनुवादक एवं वाचक - हर्ष वर्धन
Comments
Post a Comment