प्रधानमंत्री का डिजिटल समावेशिता द्वारा आत्मनिर्भर भारत का आह्वान

भारत में दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क है। अग्रणी डेटा और विश्लेषक कंपनियों के अनुसार दूर-दूर तक 4जी सेवाएँ पहुँचने और स्मार्टफ़ोन के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से भारत में मोबाइल फ़ोन का प्रयोग 2020 में 88.3 प्रतिशत से बढ़कर 2023 तक सौ प्रतिशत हो जाएगा।

एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि कोविड-19 महामारी का मोबाइल क्षेत्र पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है और मोबाइल डेटा सेवा इकाइयों में हुई वृद्धि की वजह से 2020-2025 तक इस क्षेत्र से 9.1 प्रतिशत से वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की जाएगी। ऑनलाइन वीडियो सामग्री के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से 4जी डेटा-केन्द्रित योजनाओं के बढ़ते प्रयोग से 2020-2025 के दौरान यौगिक वार्षिक वृद्धि दर में 18.3 प्रतिशत की अच्छी ख़ासी बढ़त दर्ज की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘भारत मोबाइल कॉग्रेस 2020’ को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से संबोधित किया। इस आयोजन की विषय वस्तु थी समावेशी नवाचार- स्मार्ट, सुरक्षित और निरंतरता। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल समेकन और सतत विकास, नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देना है। विदेशी और स्थानीय निवेश आकर्षित करना, टेलीकॉम में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना तथा उभरते तकनीकी क्षेत्रों की मदद करना भी इसका उद्देश्य रहा।

अपने उद्घाटन संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत को टेलिकॉम उपकरण, डिज़ाइन, विकास और निर्माण का वैश्विक केन्द्र बनाने के लिए साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उव्होंने चेताया कि तकनीकी आधुनिकिकरण की वजह से हम तेज़ी से उपकरण और फोन बदल रहे हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडलों से इलैक्ट्रोनिक कचरे के सही तरीक़े से निपटान करने और अर्थव्यवस्था में नियमितता बनाए रखने के लिए एक कार्यबल गठित करने के लिए भी कहा। उन्होंने लाखों भारतीयों को सशक्त करने के लिए और भविष्य में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए 5जी की समय से शुरूआत करने के उद्देश्य से तैयारियों के लिए भी कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी तकनीकी क्रान्ति के माध्यम से जीवन बेहतर करने की योजना पर विचार करना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, बेहतर संभावनाएँ, लघु उद्योगों के लिए बाज़ार में बेहतर पहुँच आदि लक्ष्यों पर काम करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महामारी के दौरान अपने नवाचार और प्रयासों से टेलिकॉम क्षेत्र को सक्रिय बनाए रखने के लिए इस क्षेत्र के उच्चाधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों की वजह से ही अलग-अलग शहरों में रह रहे परिजन बात कर सके, छात्र अपने शिक्षकों से यह पढ़ सके, मरीजों ने घर पर रहते हुए ही अपने चिकित्सक से परामर्श लिया और उपभोक्ताओं तक विभिन्न वस्तुएँ पहुँची।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक युवा तकनीज्ञ के लिए कोड सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, उद्यमी के लिए विषय-वस्तु जबकि निवेशक के लिए पूंजी सबसे ज़्यादा महत्व रखती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि युवाओं के लिए अपने उत्पाद पर भरोसा बहुत ज़रूरी होता है और इसी भरोसे वे आगे बढ़ते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल तकनीक की वजह से ही लाखों भारतीयों तक अरबों डॉलर मूल्य का लाभ पहुँचाया जा सका, महामारी के दौरान निर्धन और वंचित समुदाय की तेज़ी से मदद की जा सकी, कैशलेस भुगतान किया जा सका जिससे पारदर्शिता बनी। टोल बूथ पर भी सुगमता बढ़ाने के लिए इस तकनीक की मदद ली जाएगी।

प्रधानमंत्री ने भारत में मोबाइल निर्माण में प्राप्त सफलता के प्रति संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत मोबाइल निर्माण के लिए एक पसंददीदा गन्तव्य बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में टेलिकॉम उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों तक हर गाँव में तीव्र गति वाली फ़ाइबर-आस्टिक सम्पर्क व्यवस्था आरम्भ करने का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है जिन्हें सम्पर्क का सबसे ज़्यादा लाभ मिलेगा जैसे कि वामपंथी चरमवाद से प्रभावित ज़िले, उत्तर-पूर्वी राज्य, लक्ष्यदीप तथा अन्य क्षेत्र। श्री मोदी ने ये भी कहा कि सार्वजनिक वाई-फाई, हॉटस्पॉट और ब्राडबैंड सेवाओं की पक्की लाइनों वाली बेहतर सेवाएँ सुनिश्चित की जाएँगी।


आलेख- कौशिक रॉय, समाचार विश्लेषक

अनुवाद- नीलम मलकानिया






Comments